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5-question demo · Bihar BPSC Block Minority Welfare Officer - MAINS - General Studies Paper 1 - Hindi Medium

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Question 1 of 5
भारत में धार्मिक विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. भारत में हिंदू धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म, सिख धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म मुख्य धर्म हैं। 2. भारतीय संविधान का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है। 3. अनुच्छेद 25-28 सभी नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करते हैं। उपरोक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
A केवल 1 और 2
B केवल 2 और 3
C 1, 2 और 3
D केवल 1
Why: भारत में धार्मिक विविधता के बारे में सभी तीनों कथन सही हैं। कथन 1 सही है क्योंकि भारत में सबसे व्यापक रूप से प्रचलित धर्मों में हिंदू धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म, सिख धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म शामिल हैं। कथन 2 सही है क्योंकि भारतीय संविधान में राज्य का कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और सभी धर्मों के साथ निष्पक्ष व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। कथन 3 भी सही है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25-28 सभी नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि व्यक्ति अपनी पसंद का कोई भी धर्म का पालन, आचरण और प्रचार कर सकते हैं। अतः सही उत्तर विकल्प C है।
Question 2 of 5
भारत की धर्मनिरपेक्षता का मॉडल और सांप्रदायिकता के बीच अंतर को समझाइए। भारतीय संविधान इस संदर्भ में किस प्रकार धार्मिक सद्भावना को बढ़ावा देता है?
Why: यह प्रश्न भारतीय संविधान द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता और समानता की रक्षा के तरीके को समझने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Question 3 of 5
राजस्थान में पंच-पीर की पूजा के उदाहरण से भारत की धार्मिक विविधता कैसे धार्मिक सद्भावना और सांस्कृतिक एकीकरण को प्रदर्शित करती है? विस्तार से समझाइए।
Why: यह प्रश्न भारतीय धार्मिक विविधता के व्यावहारिक उदाहरणों को समझने और विश्लेषण करने की क्षमता का परीक्षण करता है।
Question 4 of 5
भारत की धार्मिक विविधता लोगों के जीवन पर कैसे प्रभाव डालती है? निम्नलिखित में से कौन से प्रभाव सकारात्मक हैं?
A केवल सांस्कृतिक समृद्धि और सहिष्णुता
B सांस्कृतिक समृद्धि, सहिष्णुता, सामाजिक मेलजोल और शैक्षणिक विकास
C केवल धार्मिक संघर्ष
D केवल आर्थिक विकास
Why: भारत में धार्मिक विविधता का लोगों के जीवन पर कई सकारात्मक प्रभाव हैं। ये प्रभाव सांस्कृतिक समृद्धि (विभिन्न परंपराओं, कला, संगीत और साहित्य का संरक्षण), सहिष्णुता और सह-अस्तित्व (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्व), सामाजिक और धार्मिक मेलजोल (समुदायों के बीच आपस में संपर्क और सीखना), और शिक्षा (विभिन्न दृष्टिकोणों से सीखना) को शामिल करते हैं। जबकि धार्मिक संघर्ष एक चुनौती है, इसे एकमात्र प्रभाव नहीं माना जा सकता। विकल्प B सबसे व्यापक और सही उत्तर है।
Question 5 of 5
भारतीय संविधान में धार्मिक स्वतंत्रता की व्यवस्था के महत्व को समझाते हुए, यह भी बताइए कि भारत के लिए 'विविधता में एकता' का सिद्धांत क्यों महत्वपूर्ण है?
Why: यह प्रश्न भारतीय संविधान की मूल विशेषताओं और भारतीय समाज की एकता के बारे में गहन समझ का परीक्षण करता है।