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अपराध की सामान्य अपवाद

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Multiple choice

298 questions · auto-graded
Question 1
PYQ 1.0 marks
IPC को कितने अध्यायों में विभाजित किया गया है?
Why: IPC को **23 अध्यायों** में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 511 धाराएँ हैं। यह IPC की मूल संरचना है जो अपराधों को व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत करती है। अध्याय 1 सामान्य परिभाषाओं से शुरू होता है, जबकि अध्याय 16 मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराधों, अध्याय 17 संपत्ति के विरुद्ध अपराधों और अध्याय 23 अपराध करने के प्रयासों से संबंधित है। विकल्प B सही है क्योंकि यह IPC की आधिकारिक संरचना से मेल खाता है[2].
Question 2
PYQ 1.0 marks
IPC की धारा 300 के अंतर्गत किस अपराध को परिभाषित किया गया है?
Why: **धारा 300 के तहत हत्या को परिभाषित किया गया है**। यह मृत्यु का कारण बनने के इरादे से या इस ज्ञान के साथ किए गए कार्य को शामिल करती है कि कार्य से मृत्यु होने की संभावना है। उदाहरणस्वरूप, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर घातक हथियार से प्रहार करता है, तो यह धारा 300 के अंतर्गत हत्या मानी जाती है। यह IPC की सामान्य परिभाषाओं का हिस्सा है जो अपराधों की गंभीरता को निर्धारित करती है। विकल्प A सही है[1].
Question 3
PYQ · 2023 1.0 marks
भारतीय दंड संहिता में सामान्य अपवादों को किस अध्याय में वर्णित किया गया है?
Why: भारतीय दंड संहिता (IPC) का **अध्याय IV** **सामान्य अपवादों** से संबंधित है। यह अध्याय व्यक्तियों को कुछ सुरक्षा प्रदान करता है तथा विशिष्ट परिस्थितियों में उन्हें आपराधिक दायित्व से छूट प्रदान करता है। सामान्य अपवादों का उद्देश्य उन परिस्थितियों को पहचानना है जहां अभियुक्त के पास अपेक्षित आपराधिक इरादा नहीं होता। विकल्प B सही है।[4]
Question 4
PYQ · 2023 2.0 marks
निम्नलिखित सामान्य अपवादों को IPC की धाराओं के क्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. शैशवावस्था, 2. दुर्घटना, 3. तथ्य की गलती, 4. सहमति
Why: IPC के सामान्य अपवाद अध्याय IV में इस क्रम में हैं: धारा 76 (तथ्य की गलती)-3, धारा 82-83 (शैशवावस्था)-1, धारा 87 (सहमति)-4, धारा 80 (दुर्घटना)-2। सही क्रम 3-1-4-2 है जो विकल्प A दर्शाता है।[1][3]
Question 5
PYQ · 2023 1.0 marks
IPC धारा 94 के अंतर्गत धमकी से बाध्य होकर किया गया कार्य कब अपवाद बनता है?
Why: धारा 94 उन कार्यों के लिए प्रतिरक्षा प्रदान करती है जो धमकियों के दबाव में किए जाते हैं जिससे व्यक्ति को विश्वास होता है कि यदि वह कार्य नहीं करता तो उसे तुरंत चोट पहुंचेगी। विकल्प B सही।[3]
Question 6
PYQ · 2023 1.0 marks
धारा 353 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कौन सा अपराध आता है? A. लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल B. गंभीर चोट पहुंचाना C. अपहरण D. बलात्कार
Why: धारा 353 भारतीय दंड संहिता 1860 के अध्याय 16 (मानव शरीर के विरुद्ध अपराध) के अंतर्गत आती है, जो लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमले या आपराधिक बल से संबंधित है। यह मानव शरीर के विरुद्ध अपराध का हिस्सा है क्योंकि इसमें शारीरिक बल का प्रयोग शामिल होता है। अन्य विकल्प अलग-अलग धाराओं से संबंधित हैं। इसलिए सही उत्तर A है।[2]
Question 7
PYQ · 2024 1.0 marks
BNS की धारा 111 के अंतर्गत संगठित अपराध के कारण मृत्यु होने पर अधिकतम सजा क्या है? A. 7 वर्ष तक का कारावास B. 10 वर्ष का कारावास C. आजीवन कारावास D. मृत्युदंड या आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख जुर्माना
Why: BNS की धारा 111 के अंतर्गत संगठित अपराध के लिए कठोर दंड का प्रावधान है, जिसके परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। ऐसे गंभीर अपराधों को रोकने के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है, साथ ही कम से कम ₹10 लाख का जुर्माना। विकल्प A गलत है क्योंकि यह कम गंभीर अपराधों के लिए है। इसलिए सही उत्तर D है।[3]
Question 8
PYQ 1.0 marks
भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत चोरी के लिए क्या सजा का प्रावधान है?
Why: धारा 379 IPC के अनुसार चोरी के लिए दोषी पाए जाने पर **अधिकतम तीन वर्ष की जेल, जुर्माना या दोनों** की सजा होती है। यह संपत्ति के विरुद्ध मूलभूत अपराध है जहां चल संपत्ति को बेईमानी से छीनी जाती है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि धारा 379 विशेष रूप से तीन वर्ष तक की सजा निर्दिष्ट करती है।[1]
Question 9
PYQ 1.0 marks
आईपीसी की धारा 403 के तहत संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग करने वाले को क्या सजा दी जाएगी?
Why: आईपीसी धारा 403 के अनुसार, **जो कोई किसी चल संपत्ति का बेईमानी से गबन करेगा या उसे अपने उपयोग में ले लेगा, उसे दो वर्ष तक के कारावास या जुर्माने या दोनों से दण्डित किया जाएगा**। यह अपराध संपत्ति के गलत उपयोग से संबंधित है। विकल्प C सही है।[2]
Question 10
PYQ 1.0 marks
धारा 399 IPC के तहत अपराध के लिए पर्याप्त सजा क्या है?
Why: धारा 399 IPC डकैती की योजना बनाने वाले गिरोह के लिए है, जिसमें **सात वर्ष तक का कठोर कारावास** की सजा हो सकती है। यह संपत्ति के विरुद्ध गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है। सही विकल्प A है।[2]
Question 11
PYQ 1.0 marks
आईपीसी की धारा 410 क्या परिभाषित करती है?
Why: धारा 410 IPC **चोरी की संपत्ति** से संबंधित है। यदि संपत्ति चोरी, डकैती या जबरन वसूली से प्राप्त की गई हो तो उसे चोरी की संपत्ति माना जाता है। सही उत्तर A है।[2]
Question 12
PYQ 1.0 marks
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में सबसे बड़ा अपराध कौन सा माना जाता है?
Why: संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में **डकैती** को सबसे बड़ा अपराध माना जाता है क्योंकि इसमें हिंसा और हथियारों का उपयोग शामिल होता है (धारा 391 IPC)। यह चोरी का उग्र रूप है। सही विकल्प C है।[4]
Question 13
PYQ 1.0 marks
धारा 378 से 462 IPC तक कौन सा अध्याय कवर किया गया है?
Why: **दंड संहिता के चैप्टर 17 (धारा 378 से 462) संपत्ति के विरुद्ध विभिन्न प्रकार के अपराधों** को कवर करता है। यह मुख्य अध्याय है। सही उत्तर A है।[4]
Question 14
PYQ · 2023 1.0 marks
भारतीय दंड संहिता, 1860 में राज्य के विरुद्ध अपराधों से संबंधित कौन सा अध्याय है?
Why: भारतीय दंड संहिता 1860 में राज्य के विरुद्ध अपराध अध्याय 6 (धारा 121 से 130) में वर्णित हैं। यह अध्याय युद्ध छेड़ना, षड्यंत्र, राष्ट्रपति/राज्यपाल को बाध्य करना आदि अपराधों को कवर करता है। अन्य अध्याय अलग विषयों से संबंधित हैं[3][2].
Question 15
PYQ · 2022 1.0 marks
IPC की धारा 121 किससे संबंधित है?
Why: धारा 121 भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने, प्रयास करने या उकसाने से संबंधित है। दंड: आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना। यह राज्य के विरुद्ध सबसे प्रथम अपराध है[2][3].
Question 16
PYQ · 2024 1.0 marks
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) में राज्य के विरुद्ध अपराध किन धाराओं में वर्णित हैं?
Why: BNS 2023 के अध्याय VII में धारा 147 से 158 तक राज्य के विरुद्ध अपराध शामिल हैं, जो IPC के अध्याय 6 के समकक्ष हैं[1].
Question 17
PYQ 2.0 marks
धारा 121 के अंतर्गत दंडनीय अपराध करने की साजिश रचने या केंद्र/राज्य सरकार को आपराधिक बल से डराने का षड्यंत्र करने पर क्या दंड है? (BNS धारा 147 के समकक्ष)
Why: भारत के अंदर या बाहर धारा 147 (IPC 121) के अपराध की साजिश या सरकार को डराने का षड्यंत्र करने पर आजीवन कारावास, या 10 वर्ष तक कारावास और जुर्माना[1][4].
Question 18
PYQ · 2023 1.0 marks
निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण प्रदान करता है?
Why: सही उत्तर **महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005** है। यह अधिनियम महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा को रोकने के लिए बनाया गया है, जिसमें शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक हिंसा शामिल हैं। यह महिलाओं को त्वरित न्यायिक संरक्षण, आवासीय अधिकार और मुआवजा प्रदान करता है। अन्य विकल्प अलग-अलग अपराधों से संबंधित हैं[3][4].
Question 19
PYQ · 2023 1.0 marks
NCRB के अनुसार, वर्ष 2022 में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों की संख्या कितनी थी?
Why: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने वर्ष 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 445,256 मामले दर्ज किये। यह 2018 से 2022 तक 12.9% की वृद्धि दर्शाता है। विकल्प A वर्ष 2017 का, C बलात्कार मामलों का अनुमानित, और D अपराध दर का है[1].
Question 20
PYQ 2.0 marks
IPC की कौन सी धारा 16 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ बलात्कार के लिए 20 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान करती है, जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकता है?
Why: IPC की धारा 65(1) के तहत 16 वर्ष से कम आयु की बच्ची के साथ बलात्कार पर 20 वर्ष का कठोर कारावास जो आजीवन कारावास तक हो सकता है। यह POCSO Act से संबद्ध प्रावधानों को मजबूत करता है। अन्य धाराएँ अलग परिस्थितियों के लिए हैं[2].
Question 21
PYQ 1.0 marks
निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति में अपराधिक मानव वध की बजाय हत्या मानी जाएगी?
Why: हत्या (murder) की परिभाषा के अनुसार, अभियुक्त का स्पष्ट इरादा किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करना होना चाहिए। विकल्प B में सोच-समझकर किसी को मारने का इरादा है, जो हत्या की मूल परिभाषा है। विकल्प A अचानक प्रकोप की स्थिति है जो अपराधिक मानव वध में आता है। विकल्प C और D लापरवाही या दुर्घटना हैं जो अपराधिक मानव वध में आते हैं। इसलिए सही उत्तर B है।
Question 22
PYQ · 2023 1.0 marks
काकोरी काण्ड एक रेलगाड़ी डकैती थी, जो काकोरी और लखनऊ के बीच किस वर्ष में हुई थी? A. 1920 B. 1923 C. 1925 D. 1928
Why: काकोरी काण्ड 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास हुआ था, जिसमें हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी ने ट्रेन से लगभग 1 लाख रुपये चुराए थे। यह डकैती का ऐतिहासिक उदाहरण है। विकल्प C सही है क्योंकि यह घटना 1925 की है।
Question 23
Question bank
भारतीय दंड संहिता (IPC) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
Why: भारतीय दंड संहिता (IPC) की स्थापना वर्ष 1860 में हुई थी।
Question 24
Question bank
IPC में कुल कितने अध्‍याय हैं?
Why: IPC में कुल 24 अध्‍याय होते हैं जो विभिन्‍न अपराधों को समाहित करते हैं।
Question 25
Question bank
भारतीय दंड संहिता में "धारा" का सबसे महत्वपूर्ण कार्य क्या है?
Why: धारा IPC की एक इकाई होती है जो क़ानून के नियम या उपबन्ध को दर्शाती है।
Question 26
Question bank
IPC के किस हिस्से में अपराधों को अनुच्छेदों (Sections) द्वारा वर्गीकृत किया गया है?
Why: IPC के भाग प्रथम में अपराधों को अनुच्छेदों द्वारा निर्‍दिष्ट किया गया है।
Question 27
Question bank
IPC के तहत किसी अपराध में 'actus reus' शब्द का क्या अर्थ है?
Why: 'actus reus' का अर्थ है अपराध की वस्त्विक कृति या अपराधी क्रिया।
Question 28
Question bank
IPC में 'mens rea' से तात्पर्य क्या है?
Why: 'mens rea' का मतलब है आपराध का मानसिक तत्व या दोषपूर्ण मनोदशा।
Question 29
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन अपराध के घटकों में शामिल नहीं है?
Why: आपराध के घटक कृत्य (actus reus), इरादा (mens rea) तथा कानूनी पुष्टि होते हैं, सजा अपराध का घटक नहीं है।
Question 30
Question bank
IPC में अपराध की परिभाषा किस अध्ययन में दी गई है?
Why: धारा 2 में IPC में प्रयोज होने वाले शब्दों की समान्य परिभाषाएं दी गई हैं।
Question 31
Question bank
भारतीय दंड संहिता के किसी अध्याय में अपराधों की श्रेणियाँ विश्तारित रूप से वर्णित हैं?
Why: अध्याय 4 में अपराधों के वर्गीकरण और दोशी तत्वों जाने के नियम दिए गए हैं।
Question 32
Question bank
IPC के अनुसार, निम्न में से कौन अपराध का एक अपरिहार्य घटक है?
Why: आपराधिक का दोषी मनोदशा यानी mens rea अपरिहार्य सशब्दक करने का महत्वपूर्ण घटक है।
Question 33
Question bank
भौतिक दंड संहिता के भुगोँ में से कौन सा भाग अपराधों के समान्य प्रावधानों से संबन्धित है?
Why: भाg तृतीय में अपराधों के समान्य प्रावधान तथा उक्त दंड का वर्णन है।
Question 34
Question bank
IPC के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन 'समान्य अपराध' की परिभाषा में आता है?
Why: हत्या IPC के तहत एक गंभीर समान्य अपराध है जिसकी अधिक अल्प श्रेणीयों में आते हैं।
Question 35
Question bank
भाg तीय दंड संहिता में IPC के किस प्रावधान के अंतर्गत अपराधों के विरुद्ध दंड निर्धारण होता है?
Why: धारा 11 में अपराध व दंड का निर्धारण किया गया है।
Question 36
Question bank
IPC में "सजा" का अर्थ क्या है?
Why: "सजा" का अर्थ IPC में अपराध के लिए निर्धारित कानूनी दंड होता है।
Question 37
Question bank
IPC के अनुसार कौन सी क्रिया कब 'अपराधी' माना जाता है?
Why: अपराधी तभी माना जाता है जब क्रिया (actus reus) और दोषी मानसिकता (mens rea) दोनों हों।
Question 38
Question bank
धारा 300 आईपीसी किस विषय से संबंधित है?
Why: धारा 300 में हत्या की प्रवृत्ति दी गई है।
Question 39
Question bank
IPC में 'बलवा' की प्रवृत्ति किस धारा में वर्णित है?
Why: बलवा की प्रवृत्ति धारा 146 के अंतर्गत आती है।
Question 40
Question bank
नीचे दिए गए विकल्पों में से किसे IPC में अपराध के घटकों में नहीं जाना जाता?
Why: अपराध के घटक actus reus, mens rea और कानूनी कर्तव्य होते हैं, confession घटक नहीं है।
Question 41
Question bank
भावनात्मक दण्ड संहिता की धारा 375 किस विषय को प्रतिबिंबित करती है?
Why: धारा 375 IPC में बलात्कार की प्रवृत्ति दी गई है।
Question 42
Question bank
IPC के भागों (Parts) में अपराध किस भाग में वर्गीकृत हैं?
Why: भाग प्रथम् में अपराधों का वर्गीकरण किया गया है।
Question 43
Question bank
IPC के अनुुसार अपराध में 'कुंठा' का क्या महत्व है?
Why: 'कुंठा' यानि mens rea अपराध का मानसिक तत्व है जो अपराधी इरादे को दर्शाता है।
Question 44
Question bank
भारतीय दंड संहिता (IPC) में ‘सजा’ का अनुमान किस आधार पर लगाया जाता है?
Why: सजा का निर्धारण अपराध की गंभीरता, परिस्थिति एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार होता है।
Question 45
Question bank
भारतीय दंड संहिता की किस धारा में अपराध के लिए समान्य प्रतिबंध दिए गए हैं?
Why: धारा 2 में IPC के समान्य शर्तों एवं पदों की प्रतिबंधाएँ दी गई हैं।
Question 46
Question bank
IPC के अंतर्गत अपराध करने वाले को किस प्रकार के दंड दिए जा सकते हैं?
Why: IPC में अपराध के अनुसार मृत्यु दंड, आजीवन कारावास, जुर्माना या अन्य प्रकार की सजा निर्धारित की गई है।
Question 47
Question bank
धारा 84 IPC किस स्थिति में अपराध को दोषमुक्त प्रदाता करती है?
Why: धारा 84 के अनुसार मानसिक विकृत की स्थिति में अपराधी दोषमुक्त हो सकता है।
Question 48
Question bank
IPC में 'प्रारंभिक दोष' (Initial fault) किसे कहा जाता है?
Why: प्रारंभिक दोष का अर्थ है अपराध करने का दोषपूर्ण मानसिक इरादा।
Question 49
Question bank
ध्रुव की पुनरावृत्ति से पहले IPC द्वारा कौन सा प्रावधान है?
Why: धारा 299 में हत्या की मूल परिभाषा दी गई है जो धारा 300 द्वारा विस्तृत की जाती है।
Question 50
Question bank
निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य IPC में अपराध की परिभाषा में शामिल है?
Why: अपराध की परिभाषा में कृत्य (actus reus), इरादा (mens rea) और कानूनी कारण (unlawfulness) शामिल हैं।
Question 51
Question bank
अपराध में ‘कानूनी कारण’ का क्या महत्व है?
Why: कानूनी कारण वह होता है जो कृत्य को अवैध होने से बचाता है।
Question 52
Question bank
धारा 300 के अंतर्गत हत्या किस प्रकार वर्गीकृत है?
Why: धारा 300 में हत्या को सरल हत्या के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Question 53
Question bank
भौतिकीय दण्ड संहिता में अपराध को सज़ा के लिए किन मुख्य तत्वों के आधार पर निर्धारित किया जाता है?
Why: अपराध का निर्धारण कृत्य (actus reus), दोषपूर्ण मनोस्थिति (mens rea) और दंडनीय अवैधता के आधार पर किया जाता है।
Question 54
Question bank
निम्नलिखित में से कौन सा IPC के अनुसार अपराध के घटक नहीं है?
Why: साक्ष्य अपराध का घटक नहीं है, जबकि actus reus, mens rea और अवैधता अपराध के मुख्य घटक हैं।
Question 55
Question bank
भारतीय दंड संहिता (IPC) की समान्य परिस्थिति के अनुसार, "अपरााध" का अर्थ क्या है?
नीचे चित्र में IPC की समान्य परिस्थितियां दर्शायी गई हैं।
Why: IPC में अपराध का आशय है वह कृत्य जो कानूनी द्वारादंडनीय घोषित किया गया हो। नैतिक या सामाजिक गलतियों को अपराध नहीं माना जाता। इसलिए कानूनी में अपराध न हो तो वह अपराध नहीं होता।
Question 56
Question bank
IPC की धारा 299 के अनुसार 'हत्या' की परिभाषा क्या है?
नीचे चित्र जिनमें हत्या से संबन्धित प्रमुख धारणाएँ संलग्न हैं।
Why: धारा 299 में हत्या का अर्थ है जानबूझकर या इरादे से किसी व्यक्ति की मृत्यु कराना।
Question 57
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, अपराध की 'कहानी' के अंग कौन-कौन से हैं?
IPC की समान्य परिस्थितियों की सूची देखें।
Why: अपराध की कहानियों (अंग) में अपराध की मानसिकता (वृत्ति), कृत्य (शरीर क्रिया), तथा इसके परिणाम शामिल होते हैं।
Question 58
Question bank
IPC की धारा 52 तक के अध्ययमों के अनुसार "दंड" का क्या अर्थ है?
नीचे उनकी परिस्थितियों के साथ तालिका देखें।
Why: धारा 52 में दंड को अपराध के लिए कानूनी रूप से निर्धारित सजा के रूप में परिभाषित किया गया है।
Question 59
Question bank
IPC में "बलवा" की परिभाषा क्या है?
चित्र में विविध सामाजिक апراाधों की परिभाषाएँ प्रदर्शित हैं।
Why: धारा 146 में बलवा का अर्थ होता है जब दस या उससे अधिक लोग हथियारों के साथ एक स्थान पर इकठ्ठा होते हैं।
Question 60
Question bank
IPC के अनुसार, अपराध के लिए न्यायदाय की क्या भूमिका होती है?
IPC की अवधारणा और न्यायदायों के संबंध में विवेचन।
Why: न्यायदाय अपराध की जाँच करता है, आरोप को न्याय प्रदान करता है और यदि दोषी पाया जाए तो दंड भी तय करता है।
Question 61
Question bank
धारा 300 IPC किस प्रकार के अपराध को प्रिभाषित करती है?
Refer to diagram जिसमे धारा 300 से जुड़े अपराधों का वर्गीकरण है।
Why: धारा 300 में हत्या का अर्थ और परिभाषा दी गई है, जो जानबूझकर किसी की हत्या करने का अपराध है।
Question 62
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "साधारण चोट" और "गंभीर चोट" में क्या मुख्य अंतर है?
Refer to diagram में दोनों चोटों के तत्व दिए गए हैं।
Why: IPC के अनुसार साधारण चोट मामूली चोट होती है जो स्थायी नुकसान नहीं करती, जबकि गंभीर चोट में स्थायी या गंभीर नुकसान होता है।
Question 63
Question bank
धारा 420 IPC किस प्रकार के अपराध को परिभाषित करती है?
Refer to IPC की समान्य धारणाओं के साथ।
Why: धारा 420 IPC धोखाधड़ी और विश्वासघात के अपराध को परिभाषित करती है।
Question 64
Question bank
IPC के अनुसार, "डकैती" का अर्थ क्या है?
Refer to diagram जिसमें साधारण डकैती और हथियारों वाली डकैती के बीच फर्क बताया गया है।
Why: डकैती का आशय है जब चोरी के साथ हिंसात्मक हथियारों का प्रयोग किया जाता है।
Question 65
Question bank
IPC में अपराध की मंशा (वृत्ति) को किस प्रकार परिभाषित किया गया है?
IPC में अपराध की परिभाषा के Sath संबंधित मनोवैज्ञानिक तत्व।
Why: अपराध के लिए आवश्यक है कि कृत्य जानबूझकर और अपराधिक इरादे से किया गया हो, जिसे वृत्ति कहा जाता है।
Question 66
Question bank
भारी दंड संहिता में 'बलात्कार' की परिभाषा किस धारा में दी गई है?
IPC की विविधान धाराओं में से एक।
Why: बलात्कार की परिभाषा धारा 375 में स्पष्ट रूप से दी गई है।
Question 67
Question bank
IPC के अंतर्गत दंड का उद्देश्य क्या है?
IPC में दंड के प्रकार और उद्देश्य।
Why: IPC में दंड अपराध की पुनरावृत्ति को रोकने और समाज में सुधार लाने का साधन होता है।
Question 68
Question bank
धारा 378 IPC किस प्रकार के अपराध से संबंधित है?
IPC के चारों संबंधित अपराध।
Why: धारा 378 में चोरी के अपराध की परिभाषा दी गई है।
Question 69
Question bank
अपराध के सिद्धांत के अनुसार, किन तीन तत्वों का होना आवश्यक है?
जिनमें अपराध के तत्व दर्शाए गए हैं।
Why: अपराध सिद्धांत के अनुसार क्रिया (actus reus), वृत्ति (mens rea), और परिणाम (consequence) आवश्यक तत्व हैं।
Question 70
Question bank
धारा 147 का प्रयोजन IPC में किस अपराध के लिए किया जाता है?
Refer to diagram में बलवा संबंधी धाराएं।
Why: धारा 147 में बलवा के अपराध की परिभाषा और दंड दिया गया है।
Question 71
Question bank
IPC के अनुसार, दंड के कौन से प्रकार होते हैं?
Refer to diagram में दंड के वर्गीकरण की तालिका।
Why: IPC में दंड के तीन मुख्य प्रकार होते हैं - कैद (सजा), जुर्माना, या दोनों का संयोजन।
Question 72
Question bank
एस.आई.पी.सी. में अपराधों को कितने वर्गों में विभाजित किया गया है?
Refer to diagram में अपराध वर्गीकरण।
Why: IPC में मुख्य अपराधों को दो प्रमुख वर्गों में बांटा गया है- अपराध जो धीवानी प्रकृति के होते हैं और अपराध जो दंडात्मक होते हैं।
Question 73
Question bank
धारा 295 IPC किस प्रकार की कृत्यों को संबोधित करती है?
Refer to diagram में धार्मिक भावनाओं से संबन्धित अपराध।
Why: धारा 295 धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने वाले कृत्यों को दंडित करती है।
Question 74
Question bank
क्या IPC की धारा 84 में किसी मानसिक रोगी को अपराध से मुक्ति किया जाता है?
Refer to diagram में मानसिक रोगी की निर्धामुक्ति के नियम।
Why: धारा 84 के अनुसार, मानसिक रोगी को तब तक अपराध के लिए जिम्मेदार नहीं माना जाता जब तक कि वह अपराध के समय मानसिक विक्षिप्तता के प्रभाव में हो।
Question 75
Question bank
धारा 375 IPC के अंतर्गत "बलात्कार" के लिए कौन सा तत्व आवश्यक नहीं है?
चित्र में बलात्कार के अवयव दिखाए गए हैं।
Why: बलात्कार के अपराध के लिए पीड़ित की सहमति का अभाव ज़रूरी है, पूरी हो तो इसे बलात्कार नहीं कहा जाएगा।
Question 76
Question bank
धारा 34 IPC का अर्थ क्या है?
चित्र में آپराधिक प्रयास की व्याख्या की गई है।
Why: धारा 34 के अनुसार, यदि दो या अधिक व्यक्ति एक साथ किसी आपराधिक कृत्य के लिए हो तो सभी अपराधी माने जाते हैं।
Question 77
Question bank
IPC की धारा 420 के अंतर्गत किस प्रकार का दंड निर्धारित है?
चित्र में धोखाधड़ी के दंड।
Why: धारा 420 में धोखी को कैद, जुर्माना, या दोनो दंड दिए जा सकते हैं।
Question 78
Question bank
धारा 304 IPC किस प्रकार के अपराध को बताती है?
चित्र में हत्या से संबंधित धाराओं का वर्गीकरण।
Why: धारा 304 संभवित या अनजाने में की गई हत्या को संदर्भित करती है।
Question 79
Question bank
IPC में "सामाजिक अपराध" की परिभाषा क्या है?
चित्र में सामाजिक वायरस अपराधों को दर्शाया गया है।
Why: सामाजिक अपराध वे होते हैं जो समाज की व्यवस्था, शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
Question 80
Question bank
धारा 300 से 304 IPC के बीच मुख्य अंतर क्या है?
नीचे चित्र में दिया विवरण अपेक्षित है।
Why: धारा 300 जान बूझकर हत्या (मरडर) को संबोधित करती है, जबकि 304 आकस्मिक हत्या के लिए है।
Question 81
Question bank
IPC के अनुुसार, "जमीनी कारण" का क्या महत्त्व क्या है?
नीचे IPC की आधारभूत संकल्पनाओं के साथ।
Why: जमीनी कारण सामने अपराध के सामजिक और मानसीक कारणों को समझने में सहाय्‍य करता है।
Question 82
Question bank
धारा 304A IPC किस प्रकार के अपराध को प्रतिबोधित करती है?
नीचे IPC की विवरणीय चोटी संकल्पित धारा है।
Why: धारा 304A में लापरवाही से हुई हत्या का वर्णन किया गया है।
Question 83
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता की समान्य प्रावधानों के अनुसार, "व्यक्ति" शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में अधिक व्यापक रूप से किया गया है?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में "व्यक्ति" का अर्थ जीवित मानव माना जाता है; मृत या गैर-मानवीय चीज़ें IPC के दायरे में नहीं आतीं।
छात्र क्यों फंसते हैं: छत्र अक्सर "व्यक्ति" को समान्य भाषा की तरह व्यापक समझ लेते हैं और इसे अधिक व्यापक अर्थ देने की गलती करते हैं (overgeneralization), जो उचित नहीं है। यह premature rule application कहलाता है। वे "व्यक्ति" की समान्य सामान्य परिभाषा IPC में लगा लेते हैं।
विकल्पों के अनुसार: A गलत है क्योंकि इसमें मृत जीव शामिल हैं, जो IPC में "व्यक्ति" की परिभाषा में नहीं है (premature rule application); B सही है क्योंकि IPC में "व्यक्ति" का अर्थ जीवित मानव होता है; C गलत है क्योंकि इसमें गैर-मानवीय वस्तुओं को शामिल कर दिया गया है, जो भ्रम है (concept confusion); D गलत है क्योंकि इसमें बिना संदर्भ के संघठन को व्यक्ति माना गया है (rote memorisation without context)
Question 84
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता की समान्य प्रावधानों के संदर्भ में, "हत्या" में निम्न में से कौन सा तत्व अधिकतम रूप से शामिल होना चाहिए?
Why: सही उत्तर का कारण: हत्या की प्रावधान में जानबूझकर और गैरकानूनी रूप से मृत्यु कारक होना आवश्यक है।
छात्र क्यों फंसते हैं: छात्र मृत्यु के सामान्य और व्यापक कारणों को हत्या माना लेते हैं, जो premature rule application है।
विकल्पों के अनुसार: A सही है क्योंकि IPC में हत्या की स्पष्ट परिभाषा दी गई है; B गलत है क्योंकि हत्या के तत्वों में मृत्यु नहीं होती (premature rule application); C गलत है क्योंकि इसमें चोट को हत्या नहीं माना जाता (concept confusion); D गलत है क्योंकि किसी के मरने या मृत्यु की अन्य बातें शामिल नहीं की गईं (rote memorisation without context)
Question 85
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अनुसार, "साक्ष्य" का सामान्य अर्थ क्या है?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC एवं Evidence Act के अनुसार, साक्ष्य का अर्थ कोर्ट में प्रस्तुत किया गया कोई भी तथ्य या वस्तु जो किसी दावे को सिद्ध कर सके।
छात्र क्यों फंसते हैं: छात्र लिखित या मौखिक गवाही को साक्ष्य मान बंधते हैं, जो biased reasoning है।
विकल्पों के अनुसार: A गलत है, क्योंकि यह सीमित दृष्टिकोण है (rote memorisation without context); B सही है क्योंकि यह व्यापक और सही परिभाषा है; C गलत है क्योंकि सिर्फ लिखित दस्तावेज़ साक्ष्य नहीं होते (concept confusion); D गलत है क्योंकि मौखिक बयान भी साक्ष्य हो सकते हैं (edge-case omission)
Question 86
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार "दो या दो से अधिक व्यक्ति" समूह की क्या कानूनी स्थिति होती है?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में जब दो या अधिक व्यक्ति मिलकर कोई कार्य करते हैं, तो उसे सामान्य मानसिक स्थिति कहा जाता है जिसे common intention कहते हैं।
छात्र क्यों फंसते हैं: छात्र कभी-कभी criminal conspiracy को समान समझ लेते हैं, जो गलत है (concept confusion)।
विकल्पों के अनुसार: A गलत है क्योंकि conspiracy और common intention अलग अवधारणाएँ हैं (concept confusion); B सही है क्योंकि यह IPC की समान्य मानसिकता वाली स्थिति की परिभाषा है; C गलत है क्योंकि यह केवल समूह कार्य की बात करता है, कानूनी प्रावधान नहीं; D गलत है क्योंकि यह अप्रमाणित तथ्य है (premature rule application)
Question 87
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार, ‘नशीली द्रव्यों’ की परिभाषा में कौन-सा तत्व अनिवार्य नहीं है?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में नशीली द्रव्यों की परिभाषा में चिकित्सीय उपयोग को बाहर रखा गया है, इसलिए इसका उपयोग चिकित्सा उपचार के लिए किया जाना अनिवार्य नहीं।
छात्र क्यों फंसते हैं: छात्र याददाश्त पर बिना संदर्भ के नशीली द्रव्यों को ही शारीरिक प्रभाव देने वाली वस्तु समझ लेते हैं (rote memorisation without context)।
विकल्पों के अनुसार: A सही है क्योंकि यह परिभाषा में आता है; B सही जवाब है क्योंकि चिकित्सा उपयोग जरूरी नहीं होता (edge-case omission); C ठीक है, इससे चेतना प्रभावित होती है; D गलत है क्योंकि यह अवैध रूप से शरीर में डाले जाने की स्थिति बताता है, जो परिभाषा में आवश्यक नहीं।
Question 88
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता की समान्य प्रावधानों में, 'आपराधिक कृत्य' की प्रावधानों में कौन सा तत्‍व अनिवार्य रूप से शामिल नहीं है?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में आपराधिक कृत्य कानूनी दंडनीयता से होता है, न कि सामान्य दंडनीयता से।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: अक्सर सामान्य दण्डनीयता के स्थान पर आपराधिक को प्रतिबंधित करने का विचार करते हैं, जो पक्षपाती reasoning है।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है क्योंकि दण्डनीय कृत्य आपराधिक होता है; B सही है क्योंकि नीयत पर निर्भर करता है (premature rule application); C गलत है क्योंकि सामान्य दण्डनीयता IPC में कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं रखती; D सही है क्योंकि कानूनी प्रतिबंध आवश्यक है।
Question 89
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता के तहत, "गैरकानूनी संबंध" की प्रावधान में विशेषताएँ क्या हैं?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में गैरकानूनी संबंध वह है जो कानूनी तौर पर प्रतिबंधित या निषिद्ध हो।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: अक्सर "प्रतिबंधित" और "अनुचित" को समान मान लेते हैं, जिससे अवधारणा भ्रम उत्पन्न होता है।
विकल्प-दर-विकल्प: A अनुचित रूप से संबंध नहीं; B गलत है क्योंकि संबंध असंमझदारी से प्रेरित (concept confusion); C सही है क्योंकि यह कानूनी प्रतिबंधित संबंध स्पष्ट करता है; D गलत है क्योंकि सिर्फ खतरा गैरकानूनी नहीं होता (premature rule application)।
Question 90
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता में "अयोग्य साक्षी" (incompetent witness) किसे कहते हैं?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में अयोग्य साक्षी वह है जो गवाही देने की योग्यता नहीं रखता।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: अक्सर बूढ़ा या पक्त व्यक्ति को अयोग्य मान लेते हैं, जो अवधारणा भ्रम है।
विकल्प-दर-विकल्प: A यह बूढ़ा होना, अयोग्यता नहीं; B सही है क्योंकि IPC में अयोग्य साक्षी की परिभाषा यही है; C पक्त व्यक्ति अयोग्य नहीं; D अपरांगिक गवाही, अयोग्यता नहीं।
Question 91
Question bank
IPC की समान्य प्रावधानों के अनुसार, "दोषक्रम" की प्रावधान में कौन-सा तत्‍व शामिल नहीं है?
Why: सही उत्तर का कारण: IPC में दोषक्रम के अंतर्गत जबरन या बिना सहमति के लैंगिक कृत्य आता है। सहमति से किया गया कृत्य अपराध नहीं।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: अक्सर 'कोई भी शारीरिक संप्रक' को देखकर दोषक्रम समझ लेते हैं (concept confusion)।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है क्योंकि बिना सहमति दोषक्रम; B गलत है क्योंकि बल के बिना दोषक्रम नहीं; C सही जवाब है क्योंकि सहमति से कृत्य अपराध नहीं; D सही है क्योंकि जबरन कृत्य दोषक्रम है।
Question 92
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार, "साजिश" (conspiracy) की प्रावधान में निम्न में से कौन-सा तत्‍व शामिल नहीं है?
Why: सही उत्तर का कारण: साजिश IPC के तहत आपराधिक कार्य के लिए मंशा रखती है, लेकिन निष्पादन आवश्यक नहीं होता।
छात्र इस फंदे में क्यों फंसते हैं: अक्सर निष्पादन को अवश्य मान लेते हैं, जो premature rule application है।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है क्योंकि कम से कम दो लोग शामिल होते हैं; B सही है क्योंकि उद्देश्य आपराधिक होना चाहिए; C सही है क्योंकि सभी योजना के सदस्य होते हैं; D गलत है क्योंकि निष्पादन आवश्यक नहीं।
Question 93
Question bank
आइपीसी के तहत “हत्या की मंशा” में निर्मलिखित में से कौन-सी बात शामिल नहीं होती?
Why: Correct answer reasoning: अनजाने में हुई मृर्त्यु हत्या की मंशा में शामिल नहीं होती, क्योंकि IPC में मंशा (intention) महत्वपूर्ण है।
Why students fall for the trap: छात्र मृर्त्यु को हत्या से जोड़ते हुए मंशा को छोड देते हैं, जो premature rule application है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि मंशा में मौखिक की इच्छा शामिल होती है; B सही है क्योंकि जानबूझकर चोट को मंशा माना जाता है; C गलत है क्योंकि अनजाने में हुई मंशा में नहीं; D सही है क्योंकि जानलेवा प्रयास वाली मंशा होती है।
Question 94
Question bank
भारतीय दंड संहिता के तहत ‘दोष’ (fault) का मतलव क्या है?
Why: Correct answer reasoning: IPC में दोष का अर्थ जानबूझकर या लापरवाही से किया गया कृत्य होता है।
Why students fall for the trap: वे केवल जानबूझकर किए कृत्यों को दोष मानते हैं, जो misconception है।
Option-by-option: A गलत है क्योंकि लापरवाही भी दोष है; B सही है क्योंकि यह दोनों को शामिल करता है; C गलत है क्योंकि केवल लापरवाही दोष नहीं होती; D गलत है क्योंकि दोष साबित होना कानूनी प्रक्रिया है, प्राथमिक नहीं।
Question 95
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, 'सामान्य अनुमति' (general consent) का वैध होना कब संभव है?
Why: Correct answer reasoning: IPC में अनुमति तभी मान्य जाती है जब वह स्पष्ट और यथार्थ में हो, आम तौर पर लिखित रूप में।
Why students fall for the trap: वे मौखिक सहमति या अस्पष्ट सहमति को भी अनुमति मान लेते हैं, जो misconception है।
Option-by-option: A गलत है क्योंकि मौखिक अनुमति हमेशा वैध नहीं; B सही है क्योंकि स्पष्ट और लिखित अनुमति वैध है; C गलत है क्योंकि अस्पष्ट अनुमति नहीं होती; D गलत है क्योंकि अस्पष्ट सहमति कानूनी प्रभाव नहीं रखती।
Question 96
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार "अपरोध" और "विधिम उल्लंघन" में क्या मुख्य अंतर है?
Why: Correct answer reasoning: अपरोध गंभीर दंडनीय कृत्य है, जबकि विधिम उल्लंघन हल्का या निरदेशात्मक उल्लंघन हो सकता है।
Why students fall for the trap: छात्र विधिम को अपरोध के समान मानते हैं, जो biased reasoning है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि दंडनीय अपरोध होता है; B भ्रमित करता है क्योंकि दोनों कानूनी नियम उल्लंघन हैं; C गलत है क्योंकि अपरोध केवल IPC में ही नहीं; D गलत है क्योंकि विधिम उल्लंघन हमेशा गैर-आपराधिक नहीं।
Question 97
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "न्यायालय" की परिभाषा में निम्न में से कौन सा तत्व शामिल नहीं है?
Why: Correct answer reasoning: IPC में न्यायालय वही माना जाता है जिसे विधि से न्याय करने का अधिकार प्राप्त हो; पुलिस चौकी न्यायालय नहीं होती।
Why students fall for the trap: छात्र पुलिस चौकी को न्यायालय समान लेते हैं, जो concept confusion है।
Option-by-option: A सही है किसी अधिकारी द्वारा संचालित न्यायालय; B गलत है क्योंकि पुलिस चौकी न्यायालय नहीं; C सही है उच्च न्यायालय या लोक अदालतें; D सही है न्यायिक अधिकारी संचालित स्थान।
Question 98
Question bank
भारतीय दंड संहिता 1860 के अनुसार, "संपत्ति" की परिभाषा में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व शामिल नहीं है?
Why: सही उत्तर का कारण: आईपीसी में संपत्ति का अर्थ किसी भी वैज्ञानिक वस्तु होती है, न कि उधर ली गई वस्तुएं।
छात्र इस भ्रांत में क्यों फंसते हैं: अक्सर उधर ली गई वस्तुएं को भी संपत्ति माना जाता है, जो एक किनारे का मामला है।
प्रत्येक विकल्प का निरूपण: A सही है क्योंकि चल संपत्ति शामिल है; B सही है क्योंकि अचल संपत्ति भी है; C सही है क्योंकि मूर्त्यवान वस्तु संपत्ति के अंतर्गत आती है; D गलत है क्योंकि उधर ली गई वस्तु संपत्ति नहीं होती।
Question 99
Question bank
भारतीय दंड संहिता 1860 की समान्य परिभाषाओं के अनुसार, "सक्षा" का प्रयुक्त कार्य क्या है?
Why: सही उत्तर का कारण: आईपीसी में साक्ष्य का कार्य है सच्च और पूर्ण गवाही देना, बिना विरूपण के।
छात्र इस भ्रांत में क्यों फंसते हैं: वे परिणामित या पक्षपात को गवाही मान लेते हैं, जो पक्षपातपूर्ण तर्क है।
प्रत्येक विकल्प का निरूपण: A गलत है क्योंकि गवाही को बदला नहीं जा सकता; B आंशिक सही है, पर सीमित है (premature rule application); C गलत है क्योंकि पक्षपात मानना उचित नहीं; D सही है क्योंकि साक्ष्य को सच्चाई बताना होता है।
Question 100
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार "हत्या के इरादे का निर्माण होना" कब आवश्यक नहीं होता?
Why: सही उत्तर का कारण: आईपीसी में किसी अपराधियों में लापरवाही से हुई मृत्यु को हत्या की श्रेणी में नहीं रखा जाता, इसलिए इरादा ज़रूरी नहीं।
छात्र इस भ्रांत में क्यों फंसते हैं: अक्सर हर स्थिति में इरादा मौजूद मान लेते हैं, जो नियम का पूर्वकालीन प्रयोग है।
प्रत्येक विकल्प का निरूपण: A गलत है क्योंकि यह blanket statement है; B सही है क्योंकि आईपीसी में negligence से मृत्यु पर अलग धारा लगती है; C और D गलत हैं, क्योंकि वहां पूर्ण नीयत और आपराध में इरादे आवश्यक हैं।
Question 101
Question bank
भारतीय दंड संहिता के समान्य प्रावधानों के अनुसार, ‘व्यक्ति’ की किस स्थिति को IPC निर्दिष्ट नहीं करता?
Why: सही उत्तर का कारण: आईपीसी में मूर्ति कृत्यों को अपराध नहीं मानता, मूर्तव्य के बाद कृत्य संवैधानिक नहीं।
छात्र इस भ्रांत में क्यों फंसते हैं: वे मूर्तक कृत्यों को भी निर्भीकता मान लेते हैं, जो अवधारणा भ्रम है।
प्रत्येक विकल्प का निरूपण: A सही है क्योंकि आईपीसी मूर्तक कृत्यों पर अपराध नहीं निर्धारित करता; B गलत है क्योंकि जीवित व्यक्ति के कार्य शामिल हैं; C गलत है क्योंकि न्यायिक अधिकारी के कार्य शामिल हैं; D गलत है क्योंकि कानूनी संस्था व्यक्ति के व्यवहार शामिल हैं।
Question 102
Question bank
भार्थीय दंड संहिता में अपराध की समान्य अपराध के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा अपराध की आपराधिकjimmedारी को सम्माप्त करता है?
Why: स्व-संरक्षा की स्थिति में यदि हमला न हो तो व्यक्‍ति को वही बल प्रयोग करने का अधिकार होता है, जिससे उसकी आपराधिक जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है।
Question 103
Question bank
स्व-संरक्षा (Self-defense) के तहत किस श्रत का होना अनिवार्य है?
Why: स्व-संरक्षा के लिए आवश्यक का वास्तविक खतरा होना चाहिए ताकि व्यक्ति को उसी अनुपात में बल प्रयोग करना चाहिए।
Question 104
Question bank
भार्थीय दंड संहिता के संदर्भ में "अपराध की समान्य अपराध" में "सन्मति" का क्या महत्व है?
Why: किसी व्यक्ति की वैध सहमति होने पर अपराध की जिम्मेदारी समाप्त हो सकती है, जिससे चिकीित्सा संबंधी कार्य।
Question 105
Question bank
भार्थीय दंड संहिता के अनुसार, "मददगार दोष की अनुपस्थिति" का अर्थ क्या है?
Why: "मददगार दोष की अनुपस्थिति" का मतलब है कि आलोपी के मन में अपराध करने का कोई दोषपूर्ण इरादा नहीं था।
Question 106
Question bank
न्यायालय में मानसिक असामर्थ्य (Insanity) एक रक्षा का आधार कब माना जाता है?
Why: अग्र मानसिक विक्षिप्तता के कारण अपराध के समय अपराध का ज्ञान या इसका प्रति क्रियाशील होना संभव नहीं, तो उसे मानसिक असामर्थ्य की रक्षा मिलती है।
Question 107
Question bank
किस परिस्थिति में आपराधिक विपक्षी "अनिवार्यता" (Necessity) के आधार पर समान्य हो सकती है?
Why: अनिवार्यता के अंतर्गत, यदि कोई कार्य बड़ी आवश्यकता को टालने के लिए किया गया हो तो वह अपराध नहीं माना जाता।
Question 108
Question bank
स्व-संरक्षा के तहत कौन सी सीमा का उल्लंघन करने पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है?
Why: स्व-संरक्षा की सीमा केवळ उचित और आवश्यक बल तक सीमित है। अत्यधिक बल प्रयोजित अपराध माना जाएगा।
Question 109
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "आदेश का पालन" (Compliance with lawful order) किस स्थिति में आपराधिक रूप से सकत होता है?
Why: अगर आदेश वैध हो और उसका पूर्णतया पालन किया गया हो तो इस अधार से आपराधिक कार्रवाई संभव है।
Question 110
Question bank
नियम में से कौन सा "आपराधिक समान्य अपवाद" के अंतर्गत नहीं आता?
Why: आपराध की समान्य अपवाद में दोषमुक्ति के लिए स्थितियाँ होती हैं, जबकि आपराधिक इरादे का होना आपराधिक सिद्धि के लिए आवश्यक होता है।
Question 111
Question bank
जब कोई व्यक्ति मानसिक बीमारी के कारण अपने कार्य करने का ज्ञान न रखे तो उसे किस प्रकार की रक्षा प्राप्त होती है?
Why: मानसिक बीमारी के कारण जब व्यक्ति अपराध का ज्ञान न रखे तो उसे मानसिक असामरथ्य की रक्षा मिलती है।
Question 112
Question bank
अपरााध की समान्य अपवाद के अन्तर्गत "मददगार दोष की अनुपस्थिति" का क्या प्रारंभ होता है?
Why: दोष की अनुपस्थिति का अर्थ है कि आरोपि के पास अपरााध करने का जान बूझकर कोई मनसा नहीं थी, इसलिए वह दोषमुक्त होता है।
Question 113
Question bank
नियमिलिखित में से किस स्थिति को "आपरााधिक समान्य अपवाद" में शामिल नहीं किया जाता?
Why: संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन समान्य अपवाद का आधार नहीं होता, बल्कि यह नियमों का उल्लंघन होता है।
Question 114
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "आपरााधिक समान्य अपवाद" में "अनिवार्यता" के तत्व निम्नलिखित में से कौन संतोशजनक आधार माना जाता है?
Why: जब कोई कार्य किसी गम्भीर खतरे से बचाने के लिए किया गया हो, तो यह आपरााधिक समान्य अपवाद के अन्तर्गत आता है।
Question 115
Question bank
स्व-संरक्षा के तहत किस प्रकार की क्रिया आपरााधिक मानी जाती है?
Why: स्व-संरक्षा के तहत बल प्रयोजन केवल आवश्यक और उचित होना चाहिए, अतः अतिरंजित बल का प्रयोग अपरााध माना जाता है।
Question 116
Question bank
आदेश के पालन के संबंध में यदि आदेश अवैध हो तो इसका प्रभार होता है?
Why: यदि आदेश अवैध है तो उसे मानने वाला अपरााधी माना जायेगा क्योंकि अवैध आदेश आधिकारिक रक्षक नहीं करता।
Question 117
Question bank
मनोवैज्ञानिक असामर्थ्य के तहत निर्म्लिखित में से कौन सा तभी न्यायक मेँ रक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है?
Why: मानसिक स्थिति का प्रमाण देना आवश्यक होता है क्योंकि यह सिद्ध हो कि आरोपी अपराज के समय असामान्य मानसिक अवस्था में था।
Question 118
Question bank
निर्म्लिखित में से कौन सी अवस्था अपराज की समान्य अवस्था के अंतर्गत नहीं आती?
Why: मनोकामना अपराज की प्रकर्ति होती है और यह अपराज की समान्य अवस्था के अंतर्गत नहीं आती।
Question 119
Question bank
निम्नलिखित में से कौन सा कारण अपरााध की समान्य अपराध की अंतर्गत नहीं आता है? Refer to the diagram below illustrating अपराध की समान्य अपराध के प्रकार और उनके अर्थ।
अपराध की सामान्य अपवाद के प्रकारस्वैच्छिक अपराध की आवश्यक स्थितिमनसिक आकस्मिकता के कारण अपराधव्यवस्था के दबाव में अपराधमनसिक आकस्मिकता / मजबूरीसामान्य सुरक्षात्मक उपायअन्य कारण और अपवाद
Why: व्यावसायिक लाभ के लिए किया गया अपराध समान्य अपराध के अंतर्गत नहीं आता क्योंकि यह अपराधीक उद्देश्य से होता है न कि जोखिम या मज़बूरी से।
Question 120
Question bank
जब कोई व्यक्ति आपनी या दूसरों की जान बचाने के लिए अपराध करता है, तो इसे किस अपराध का अन्तर्गत माना जायेगा? नीचे दिए गये चार्ट में विभिन्न आपराधिक अपराध और उनके अर्थ को दर्शाया गया है।
आपराधिक अपवाद (General Exceptions)A) नीतिगत अपराधB) स्वैच्छिक अपराध की आवश्यक स्थिति (Necessity)C) दंड की अनदेखीD) मानसिक आकस्मिकता
Why: स्वैच्छिक अपराध की अवस्थिति का अर्थ होता है जब अपराध किया गया हो लेकिन यह जीवित या महत्वपूर्ण वस्तु बचाने के लिए हुआ हो।
Question 121
Question bank
विवशता (Compulsion) के कारण की विशेषता क्या है? Refer to the diagram illustrating विवशता कारण और दंड की स्थिति। इसमें विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर विवशता की परिभाषा दी गई है।
विवशता के कारणA) व्यक्ति की मंशा से जुड़ाB) स्वतंत्र इच्छा बाधितC) दंड से बचावD) इच्छा के विरुद्ध कार्य
Why: विवशता का अर्थ है कि व्यक्ति किसी बाध्य दबाव या बल के कारण अपराध करता है, जिससे उसकी स्वतंत्रता इच्छा बाधित हो जाती है।
Question 122
Question bank
मानसिक आकस्मिकता (मानसिक आकस्मिकता) के कारण किए गये अपराध की स्थिति क्या होती है? नीचे दिखाए गये चार्ट में मानसिक आकस्मिकता के कारण अपराध की परिभाषा और प्रकार दिए गए हैं।
मानसिक आकस्मिकता (Compulsion) के प्रभावA) अपराधी पूर्ण दोषी होता हैB) अपराध निर्दोष माना जाता हैC) दंड कम किया जा सकता हैD) न्यूनतम दंड होता है
Why: मानसिक आकस्मिकता के कारण अपराध में व्याक्ती की इच्छा पूरी तरह प्रभावित नहीं होती, अतः दंड कम किया जा सकता है।
Question 123
Question bank
किस स्थिति में अपराध को नया द्वारा क्षमा या माफ किया जाता है? नीचे दिए गये तालिका में अपराध कीन्तु माफ़ी मिलने वाले अपराध दर्शाए गये हैं।
अपराध पर न्याय द्वारा माफी मिलने की स्थितियांA) स्वैच्छिक अपराध की आवश्यक स्थितिB) सामान्य सुरक्षात्मक उपायC) अपराध के बाद समर्पणD) उपरोक्त सभी
Why: अपराध की समान्य अपराध में स्वैच्छिक अवस्थिति, सुरक्षात्मक उपाय, और अपराध के बाद सम्मान सभी माफी के कारण होते हैं।
Question 124
Question bank
अपरा ध की समान्य अपवा द में 'सामान्य सुङ्क्षात्मक उपाय' का क्या अर्थ है? नीचे दी गई सूची में से तभी विकल्‍प चुनें जो समान्य सुङ्क्षात्मक उपाय के udाहरण को दर्शाता है।
Why: सामान्य सुङ्क्षात्मक उपाय में व्यक्‍ति अपनी रक्षा या दूसरों की रक्षा के लिए आवश्यक अथवा उचित बल का प्रयोजन करता है।
Question 125
Question bank
अपरा ध के अंतरिक्त involuntary acts (विपरीत ईच्छा के बावजूद किए गए कृत्य) किस स्थिति में आते हैं? नीचे दी गई सूची में ऐसे आर्हक में involuntary acts की कानूनी स्थिति स्पष्ट की गई है।
विपरीत इच्छा के बावजूद किए गए कृत्यों की कानूनी स्थितिA) अपराध का पूर्ण दोषी होनाB) दोषमुक्त माना जानाC) अपराध की स्वतंत्र इच्छा होनाD) कर्तव्य की अवहेलना
Why: विपरीत ईच्छा के बावजूद किए गए कृत्य involuntary होते हैं और ऐसे में व्यक्‍ति दोषमुक्त माना जाता है।
Question 126
Question bank
अपरा धी ने किसी अनहोनी के भय से अपरा ध किया है। यह कौन सी समान्य अपवा द स्थिति है? निम्नलिखित आर्हक चिकित्सकों द्वारा किए गए अपरा ध की स्थिति दर्शाती है।
डर/धमकी के कारण अपराध की स्थितिA) स्वैच्छिक आवश्यक स्थितिB) विवशता (Compulsion)C) मानसिक आकस्मिकताD) सामान्य सुरक्षात्मक उपाय
Why: जब व्यक्‍ति डर या धमकी के कारण अपरा ध करता है, तो इसे विवशता के अन्तर्गत आता है।
Question 127
Question bank
न्यायास्‍त्र में अपरा ध की समान्य अपवा द का मुख्य उद्देश्य क्या है? नीचे दी गई चार्ट से विहार करें जिसमें कानूनी मान्यताओं और अपरा ध के बीच सम्बन्ध दिया गया है।
अपराध की सामान्य अपवाद का उद्देश्यA) अपराध को पूर्ण बर्दाश्त करनाB) अपराधियों को छूट देनाC) न्यायसंगत कारणों पर दोष माफी देनाD) सभी अपराधों का कड़ाई से दंड
Why: अपरा ध की समान्य अपवा द का उद्देश्य ऐसे स्थिति में दोषी को माफी देना है जब अपरा ध न्यायसंगत कारणों से किया गया हो।
Question 128
Question bank
अपरा ध की समान्य अपवा द में 'न्यायिक आदेशों का पालन करने के बीच अपवा द' का क्या महत्व है? नीचे के आर्हक में अपरा धिक अपवादों में न्यायिक आदेशों का स्थान दिखाया गया है।
न्यायिक आदेशों का पालन और अपराध की सामान्य अपवादA) सभी अपराधों को छूट मिलती हैB) कथोर पालन अनिवार्य होता हैC) आदेश पालन में किए गए कृत्य वैधD) केवल सरकारी अधिकारी प्रभावित
Why: जब कोई व्यक्‍ति न्यायिक आदेश के पालन में कार्य करता है तो उसे यह कृत्य वैध माना जाता है।
Question 129
Question bank
नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन सी आपराधिक अपराध के वर्गीकरण में "मानसिक आकस्मिकता" की उप-श्रेणी नहीं है? चार्ट में वर्णित उप-श्रेणियां दी गई हैं।
मानसिक आकस्मिकता की उप-श्रेणियाँA) बाह्य दबाव का प्रभावB) अशिक्षा के कारण हुई गलतीC) आत्मरक्षा में कृत्यD) धमकी के कारण किया गया अपराध
Why: आत्मरक्षा में किए गए कृत्य उन सामायिक सुरक्षात्मक उपाय के अंतर्गत आते हैं, मानसिक आकस्मिकता की उप-श्रेणी नहीं हैं।
Question 130
Question bank
अपराध की सामायिक अपराध में 'व्यवस्था के दबाव में अपराध' की क्या विशेषता है? नीचे के चार्ट में व्यवस्थागत दबाव का प्रभार दर्शाया गया है।
व्यवस्था के दबाव में अपराध की पहचानA) व्यक्ति की मंशा से प्रेरितB) दंडनीय अपराध नहींC) विवशता के कारण किया अपराधD) केवल आर्थिक अपराध
Why: व्यवस्था के दबाव से किया गया अपराध आमतौर पर विवशता के तहत आता है, जहाँ व्यक्ति की इच्छा बाधित होती है।
Question 131
Question bank
अपराध की सामायिक अपराध में 'न्यायिक आदेशों का पालन' कब अपराध के अंतर्गत मुक़्त कर सकता है? नीचे दिए गए आलेख में न्यायिक आदेश की शर्तें दी गई हैं।
न्यायिक आदेशपालन की शर्तेंA) आदेश अवैध होB) आदेश कानूनी सीमा उल्लंघनC) आदेश वैध और विधिवत होD) आदेश सार्वजनिक हित के विरोध में
Why: यदि आदेश कानूनी और विधिवत हो तो इस प्रकार पालन करने वाला व्यक्ति अपराध से मुक़्त हो सकता है।
Question 132
Question bank
अपराध की सामायिक अपराध में 'स्वैच्छिक अपराध की आवश्‍यक स्थिति' की पहचान किससे की जाती है? नीचे के चार्ट में इस स्थिति के उदाहरण दर्शाए गए हैं।
स्वैच्छिक अपराध की आवश्यक स्थितिA) अपराध अनायास होनाB) जान-बूझकर और बिना दबाव केC) जीवन बचाने के लिए किया गया अपराधD) अदालत द्वारा माफी
Why: स्वैच्छिक अपराध की आवश्यकता तब होती है जब व्यक्ति पहले या दूसरों के जीवन की रक्षा के लिए अपराध करता है।
Question 133
Question bank
अपराध की सामायिक अपराध के अंतर्गत 'दंड की अनदेखी' का अर्थ क्या है? नीचे दिए गए चार्ट में इस अवधारणा को स्पष्ट किया गया है।
दंड की अनदेखी का अर्थA) दंड से मुक्त किया जानाB) दंड बढ़ानाC) अपराध की अनदेखीD) कठोर दंड
Why: दंड की अनदेखी का मतलब है कि विशेषज्ञ परिस्थितियों में अपराधी को दंडित नहीं किया जाता।
Question 134
Question bank
नीचे दिए गए में से कौन सा अपरोध involuntary act के अंतर्गत नहीं आता? आरेख में involuntary acts के उदाहरण दिए गए हैं।
Involuntary Act के उदाहरणA) माँसपेशियों का अचानक संकुचनB) स्वयं इच्छा से किया गया कार्यC) बेहोशी में किया गया कृत्यD) शारीरिक बाध्यता के कारण किया गया कार्य
Why: स्वयं इच्छा से किया गया कोई कार्य involuntary act नहीं है। involuntary acts वे हैं जो व्यक्ति की इच्छा के बिना होते हैं।
Question 135
Question bank
स्वैच्छिक अपरोध की आवश्‍यक स्थिति में दंड की दृष्टि से क्या व्यवाहार होता है? नीचे दिए गए चार्ट में समझें कि आवश्‍यक स्थिति में अपरोध की दंडनीयता कैसी होती है।
Why: आवश्‍यक स्थिति में अपरोध को दंड से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिलती, परंतु दंड कम किया जाता है।
Question 136
Question bank
अपरोध की सामान्य अवधारणा के अंतर्गत "न्यायिक आदेशों का पालन" कब अपरोध की माफ़ी का कारण बनता है? नीचे दिए गए आरेख में सम्बंधित कानूनी स्थितियाँ प्रदर्शित की गई हैं।
न्यायिक आदेशों के पालन की स्थितिA) आदेश अधिकार उल्लंघन करेंB) आदेश वैध और विधिसंगत होC) आदेश अपराध प्रोत्साहित करेD) जानबूझकर पालन न हो
Why: वैध और विधिसंगत आदेश का पालन करने पर व्यक्ति अपरोध से मुक्त रहता है।
Question 137
Question bank
अपरोधक विवादता (Compulsion) में कौल-सा तत्‍व अधिक महत्वपूर्ण होता है? नीचे के चित्र में compulsion की कानूनी व्याख्या दी गई है।
आपराधिक विवशता के तत्वA) व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छाB) बाहरी दबाव या धमकीC) आपराधिक इरादाD) अपराध के बाद का व्यवहार
Why: विवादता में बाहरी दबाव या धमकी ही उस व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा को बाधित करती है।
Question 138
Question bank
नीचे दिए गए में से कौन सा अपरोध दंडनीय नहीं होता जब सामान्य अपरोध के अंतर्गत आता हो? चार्ट में अपरोधक अपवादों के उदहारण दिए गए हैं।
सामान्य अपवाद के अंतर्गत अपराधA) जानबूझकर हत्याB) आत्मरक्षा में उचित बलC) न्यायिक आदेश अनुसार कार्यD) मजबूरी में किया कार्य
Why: जानबूझकर हत्या सामान्य अपरोध के अंतर्गत नहीं आती; यह दंडनीय अपरोध है।
Question 139
Question bank
भर्ती प्रक्रिया की समान्य अभियोजन के अंतर्गत "निषेधाज्ञा के प्रति उचित आज्ञा" की शर्त कब लागू नहीं होती?
Why: सही उत्तर तर्क: सामान्य अभियोजन के अंतर्गत उचित आज्ञा के लिए आवश्यक है कि आज्ञा स्पष्ट हो और उसका पालन करते हुए कोई अपराध न किया गया हो; अभियुक्त के लिए यह अभियोजन लागू नहीं होता।
छात्र क्यों गलती करते हैं: छत्र विकल्प B को इसी लिए चुनते हैं क्योंकि वे मान लेते हैं कि "साफ-सुथरी या व्यापक आज्ञा" होने मात्र से अभियोजन स्वतः लागू हो जाता है, जो पूर्वाग्रहयुक्त तर्क है।
विकल्पों का विवरण: A सही है क्योंकि अभियुक्त ने अपराध के लिए आज्ञा का पालन नहीं किया; B भ्रमित करता है क्योंकि "स्पष्ट आज्ञा" तो वह स्वतः 'उचित' मानी जाती है, जो पूर्वाग्रहयुक्त तर्क है; C भ्रमित करता है क्योंकि विधि-विपरीत आदेश तो अभियोजन का कारण नहीं; D भ्रमित करता है क्योंकि आज्ञा की वैधता पर ध्यान दिए बिना अनुमति को उचित आज्ञा समझना गलत है।
Question 140
Question bank
निम्नलिखित में से कौन-सा कठोर-सा भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत समान्य अभियोजन के दायरे में नहीं आता?
Why: सही उत्तर तर्क: सामान्य अभियोजनों में मनोवैज्ञानिक दबाव (जिसे योग्यता का अभाव कहा जाता है) शामिल नहीं है, यह अपराध के अपराधिक सद्भावना से संबद्ध नहीं है।
छात्र क्यों गलती करते हैं: छात्र अक्सर मान लेते हैं कि मनोवैज्ञानिक दबाव भी समान्य अभियोजन है, क्योंकि वे "अभियोजन" के रूप में मात्र याद करते हैं, बिना उसके संदर्भ को समझे।
विकल्पों का विवरण: A सही है क्योंकि निजी सुरक्षा आत्मरक्षा के अंतर्गत समान्य अभियोजन है; B भ्रमित करता है क्योंकि व्यवस्थित विधिक आदेश भी समान्य अभियोजन में आता है; C सही है क्योंकि धमकी सहित अपराध समान्य अभियोजन का दायरा हैं; D गलत है क्योंकि मनोवैज्ञानिक दबाव समान्य अभियोजन का हिस्सा नहीं।
Question 141
Question bank
भर्ती प्रक्रिया के तहत भर्ती अभियोजन के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
Why: सही उत्तर तर्क: निजी कारणों में की गई भर्ती प्रक्रिया में सभी समान्य अभियोजन में आती है, यदि जोखिम तत्तकाल और वास्तविक हो।
छात्र क्यों गलती करते हैं: छात्र विकल्प A को चुनते हैं क्योंकि वे अम तौर पर समझते हैं कि कीवल तत्तकाल घात करने पर ही अभियोजन होता है, जो पूर्वग्रहयुक्त नियम का प्रयोग है।
विकल्पों का विवरण: A गलत है क्योंकि खतरे का तत्काल होना जरूरी नहीं, जोखिम की मात्रा महत्वपूर्ण है; B सही है कि निजी कारण में भर्ती अभियोजन का अंतर्गत है; C भ्रमित करता है क्योंकि धार्मिक कारण अपराध से जुड़ा है; D गलत है क्योंकि विधिक आदेशों या वैध कारणों में आता है।
Question 142
Question bank
किस स्थिति में भर्ती प्रक्रिया के समान्य अभियोजन में दी गई आज्ञा का पालन करने वाला व्यक्ति अपराधी माना जाएगा?
Why: सही उत्तर तर्क: यदि आदेश देने वाला वैध अधिकारी बाधा अधिकारी का हो या अनाधिकृत हो, तो इसका पालन कर अपराधी माना जाएगा।
छात्र क्यों गलती करते हैं: छात्र विकल्प C को इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे मानते हैं कि कानूनी संरक्षण से होने वाले अपराध को वैध अपराध माना जाता है, जो एक 'overlooking exceptions' की गलती है।
विकल्पों का विवरण: A सही है क्योंकि अनाधिकृत आदेश आज्ञा पालनकर्त्ता को अपराधी बनाता है; B भ्रमित करता है क्योंकि सरकारनी हित में आदेश वैध होता है; C भ्रमित करता है क्योंकि संरक्षा के अंतर्गत अपराध अपराध नहीं माना; D भ्रमित करता है क्योंकि अस्पष्ट आदेश को वैध आदेश नहीं।
Question 143
Question bank
भर्ती प्रक्रिया की समान्य अभियोजन के अंतर्गत "आपराध न करने का उत्तम विकल्प" कब लागू होता है?
Why: सही उत्तर तर्क: सामान्य अभियोजन में अपराध से बचने वाला विकल्प अत्यंत आवश्यक हो तभी वह विकल्प किया जाएगा।
छात्र क्यों गलती करते हैं: छात्र विकल्प D को चुनते हैं क्योंकि वे समझते हैं कि सामाजिक न्याय के उद्देश से अपराध की वैधता मान ली जाती है, जो पूर्वाग्रहयुक्त तर्क है।
विकल्पों का विवरण: A सही है क्योंकि विकल्प आवश्यक सुरक्षा प्रदान करता है; B भ्रमित करता है क्योंकि प्रक्रिया का उपयोग होना अपराध की मान्यता नहीं; C गलत है क्योंकि आरंभिक लाभ अपराध का कारण नहीं; D गलत है क्योंकि सामाजिक न्याय के नाम पर अपराध वैध नहीं होता।
Question 144
Question bank
भारतीय दंड संहिता के समान्य अपवाद के संदर्भ में "विधिक अधेक्ष" का अर्थ क्या होता है?
Why: Correct answer reasoning: विधिक अधेक्ष का अर्थ है सर्गारी अधिकारी द्वारा दिया गया वैध एवं विधिसंगत अधेक्ष, जिसका उल्लंघन अपराधमुख्त होता है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प C को इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे न्यायालय के अधेक्ष को हमेशा विधिक अधेक्ष मान लेते हैं, जो कच्ची- कच्ची सही नहीं होता (rote memorisation without context)।
Option-by-option: A सही है क्योंकि यह सर्गारी वैध अधेक्ष को दर्शाता है; B भ्रमित करता है निरीक्षण और अधेक्ष में भेद (confusion); C भ्रमित करता है न्यायालय के अधेक्ष को हमेशा विधिक अधेक्ष मानना (rote memorisation); D भ्रमित करता है पर्यावरण को कानूनी अधेक्ष से जोड़ना (confusion).
Question 145
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुपसार, समान्य अपवाद के अंतर्गत "आत्मरक्षा" का प्रयोजन किस सीमा तक उचित माना जाता है?
Why: Correct answer reasoning: भारतीय दंड संहिता में आत्मरक्षा का अर्थ केवल तत्काल खतरा और अनिवार्य खतरे के सम्यक सीमित है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प B को चुनते हैं क्योंकि वे खतरे के पूरकमान को भी लगा मान लेते हैं, जो premature rule application है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि यह चेतावनी और आपने स्थित तक सीमित है; B गलत है क्योंकि पूरकमान को नहीं माना (premature rule application); C भ्रमित करता है पूर्ण की अनुपस्थिति देना (biased reasoning); D भ्रमित करता है व्यवहारिक आधार मानना (confusion).
Question 146
Question bank
किस स्थिति में भारतीय दंड संहिता की समान्य अपवाद के अंतर्गत "अपराध मुक्तिदाता" का प्रावधान लागू नहीं होता?
Why: Correct answer reasoning: समान्य अपराध मुक्तिदाता तब लागू होते हैं जब कुृत्ति सार्वजनिक हित में हो, आपने स्थिति हो, और निरजी स्वार्थ से प्रेरित न हो; इसलिए सभी तीन स्थितियां अपराध की मंशा स्पष्ट करती हैं।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प C को चुनते हैं क्योंकि वे समान्य अपवाद को केवल आपने स्थिति से जोड़कर समझते हैं जो ‘premature rule application’ है।
Option-by-option: A गलत है क्योंकि सार्मजनिक हित ज़रूरी है; B गलत है क्योंकि निरजी स्वार्थ अपवाद को समाप्त करता है; C गलत है क्योंकि आपने स्थिति अवश्यक है; D सही है क्योंकि तीनों परिस्थितियों में अपराध मुक्तिदाता लागू नहीं होता।
Question 147
Question bank
किस प्रकरण की आज्ञा भारतीय दंड संहिता के समान्य अपवाद के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती?
Why: Correct answer reasoning: गैरकानूनी या अवैध आदेश का पालन कोई समान्य अपवाद नहीं बनाता क्योंकि यह अपराधीकरण हित में नहीं होता।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प D को चुनते हैं, मानते हैं कि अधिकारी की आज्ञा ही हमेशा विधिक आदेश होता है, जो 'overlooking exceptions' है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि अवैध आदेश समान्य अपवाद नहीं बनाता; B गलत है क्योंकि सार्वजनिक हित मानना भ्रमित करता है; C गलत है क्योंकि न्यायालय के आदेश अपेक्षित है; D गलत है क्योंकि अधिकारी की आज्ञा हमेशा विधिक आदेश नहीं होती।
Question 148
Question bank
भारतीय दंड संहिता 1860 के अंतर्गत, समान्य अपवाद की शर्तों में से कौन-सी शर्त सबसे महत्त्वपूर्ण है?
Why: Correct answer reasoning: समान्य अपवाद में कृत्ति का सार्वजनिक हित में होना प्रामाणिक शर्त है, अन्य शर्तें समर्थक होती हैं।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प B चुनते हैं क्योंकि भावना की निष्पापता को प्रामाणिक मानते हैं, हालाँकि यह केवल सहायक शर्त है (rote memorisation without context)।
Option-by-option: A सही है क्योंकि सार्वजनिक हित मुख्य शर्त है; B गलत है क्योंकि भावना के महत्त्व को बढ़ा देना; C गलत है क्योंकि संयोग का होना आवश्यक नहीं; D गलत है क्योंकि व्यक्तिगत लाभ की इच्छा सहायक नहीं होती।
Question 149
Question bank
जब कोई व्यक्ति "स्वयं के या अन्य के अधिकारों की रक्षा" के लिए कृत्य करता है, तो किन सामान्य अवधारणा का पालन होता है?
Why: सही उत्तर तर्क: स्वयं या अन्य की रक्षा के लिए किया गया कृत्य धारित दंड संहिता में "रक्षा का अधिकार" के अंतर्गत अभ्यासिक है।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: अक्सर विकल्प B को इसीलिए चुनते हैं क्योंकि वे न्यायालय आदेश और निजी सुरक्षा के बीच भ्रम करते हैं (confusion between superficially similar concepts)।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है क्योंकि यह निजी रक्षा के अंतर्गत आता है; B भ्रामित करता है न्यायालय आदेश से (confusion); C भ्रामित करता है आदेश के प्रभारों में; D भ्रामित करता है निजी संमती और रक्षा के अधिकार में भेद।
Question 150
Question bank
निर्मलिक्त में से किस परिस्थिति में सामान्य अवधारणा का पालन नहीं किया जाता?
Why: सही उत्तर तर्क: सामान्य अवधारणा के लिए आवश्यक है कि कृत्य निर्णयात्मक हो, आदेश वैध हो, और दोषी गलती से अनभिज्ञ हो; अन्यथा अवधारणा लागू नहीं होती।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: क्योंकि कभी-कभी एक विकल्प पर फंसे रहते हैं जबकि अवधारणा की सारी शर्तों को समझना नहीं सामर्थ्य करते (edge case omission)।
विकल्प-दर-विकल्प: A गलती है क्योंकि दोषी जागरूकता अवधारणा को समाप्त करती है; B गलती है क्योंकि प्राथमिक स्वार्थी अपवाद का विपरीत है; C गलती है क्योंकि धार्मिक कृत्य अवैधता नहीं; D सही है क्योंकि यह सभी अवधारणा समाप्त करते हैं।
Question 151
Question bank
धारित दंड संहिता के सामान्य अवधारणा में "आपराधिक के लिए नैतिक कर्तव्य" की क्या भूमिका है?
Why: सही उत्तर तर्क: सामान्य अवधारणा में नैतिक कर्तव्य की प्राथमिकता बन सक्ता है, लेकिन स्वयं अपराध का औचित्य नहीं देता।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: क्योंकि विकल्प A को चुनते हैं जो कि नैतिक कर्तव्य को कानूनी आपराधिक समझने जैसा है, यह 'rote memorisation without context' है।
विकल्प-दर-विकल्प: A गलत है क्योंकि कर्तव्य का होना स्वचालित अपराधमुक्ति नहीं; B गलत है क्योंकि कर्तव्य कानूनी सीमाओं से ऊंचा है; C गलत है क्योंकि धार्मिक कर्तव्य अपराध नहीं; D सही है क्योंकि नैतिक कर्तव्य केवल प्राथमिकता देता है।
Question 152
Question bank
किस परिस्थिति के लिए धारित दंड संहिता के सामान्य अवधारणा में "अनिवार्यता" की सबसे बड़ी शर्त लागु होती है?
Why: सही उत्तर तर्क: सामान्य अवधारणा में अनिवार्यता की शर्त तब लागू होती है जब कृत्य से एक बड़ा नुकसान टाला जा सकता हो।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: क्योंकि विकल्प D चुनते हैं जो पूर्व नियोजन को आवश्यक मान लेता है (confusion); जबकि वास्तव में पूर्व नियोजन सामान्य अवधारणा लागू नहीं करता।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है क्योंकि यह प्राथमिक आवश्यक है; B गलत है क्योंकि लाभ प्रारंभक अपवाद को जायज नहीं बनाता; C गलत है क्योंकि सामाजिक बाधा आधार नहीं; D गलत है क्योंकि पूर्व नियोजन अपराधजनक है।
Question 153
Question bank
धारित दंड संहिता के सामान्य अवधारणा के अंतर्गत "निर्दोष भवन" का महत्व क्या है?
Why: सही उत्तर तर्क: निर्दोष भवन सामान्य अवधारणा के लिए आवश्यक नहीं; कृत्य का उचित होना अधिक महत्वपूर्ण है।
छात्र इस जाल में क्यों फंसते हैं: विकल्प D को चुनते हैं क्योंकि वे भवन को पूर्व आधार मान लेते हैं, जो 'rote memorisation without context' है।
विकल्प-दर-विकल्प: A सही है कि अवधारणा भवन अनिवार्य नहीं; B गलत है कि अवधारणा का निर्माण नहीं करता; C गलत है कि यहाँ सामय परिस्थिति दर्शाता है; D गलत है जो अनुछित कृत्य को औचित्य देता।
Question 154
Question bank
भारतीय दंड संहिता केअनुसार, समान्य अपराध के लिए "आपात स्थिति" की विशेषता कौन-सी है?
Why: Correct answer reasoning: आपात स्थिति वह होती है जिसमें तुरंत और आवश्यक कार्रवायी करनी पड़ती है ताकि नुकसान को टाला जा सके।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प C को चुनते हैं क्योंकि वे न्यायिक निर्णय को हर स्थिति में प्राथमिकी मानते हैं, जो biased reasoning है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि तुरंत आवश्यकतापूर्ण कार्रवायी है; B गलत है क्योंकि अनुमति आवश्यक नहीं; C गलत है क्योंकि न्यायक आपात स्थिति का निर्धारण नहीं करता; D गलत है क्योंकि कष्ट होना आपात स्थिति का पक्ष है।
Question 155
Question bank
नियम में से कौन-सा कानून-सा कृत्य समान्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता जबucia की बात हो रही हो?
Why: Correct answer reasoning: उचित आज्ञा के अंतर्गत कृत्य तभी वैध माना जाएगा जब आदेश स्पष्ठ हो और आदेशानुसार किया गया हो; अपनों इच्छा से कृत्य उपयुक्त नहीं।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प C को चुनते हैं क्योंकि वे समापन आदेश को समान्य आदेश समझ लेते हैं, जो confusion है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि आदेशानुसार कृत्य वैध है; B गलत है क्योंकि आज्ञा के बिना कृत्य अपवाढ नहीं; C गलत है क्योंकि समापन आदेश की शर्त नहीं; D सही है लेकिन प्रश्न के अनुसार अनुचित।
Question 156
Question bank
भारतीय दंड संहिता के समान्य अपराध के तहत "किसी प्रकरण के क्रियाकलापों के लिए प्रत्याप्त आवश्यक होना चाहिए" क्या अर्थ है?
Why: Correct answer reasoning: समान्य अपराध के लिए जरूरी है कि कृत्य आवश्यक और कम से कम आवश्यक परिस्थितियों से संचालित हुए नुकसान से बचाव करें।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प C चुनते हैं क्योंकि लाभ होना आवश्यक है, जो premature rule application है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि आवश्यकतापूर्ण और न्यूनतम नुकसान महत्त्वपूर्ण है; B गलत है क्योंकि मनोवृत्ति प्रेरणा तया नहीं करती; C गलत है क्योंकि लाभ आवश्यक नहीं; D गलत है क्योंकि पूर्व नियोजन आवश्यक नहीं।
Question 157
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत, उचित आज्ञा का पालन करने हेतु गतिविधि करने वाला व्यक्ति स्थिति से कष्ट कर देता है तो स्थिति क्या होगी?
Why: Correct answer reasoning: यदि आज्ञा उचित और स्पष्ट है तो उसी स्थिति होने वाली कष्टि में व्यक्ति अपरोधक रहता है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प B चुनते हैं क्योंकि वे कष्ट को अपरोध मानते हैं, overlooking exceptions।
Option-by-option: A सही है क्योंकि आज्ञा स्पष्ट देती है; B गलत है क्योंकि स्थिति स्वाभाविक होता नहीं; C गलत है क्योंकि कष्ट की गंभीरता अपरोध तय नहीं करती; D गलत है क्योंकि न्यायक निर्णय आवश्यक नहीं।
Question 158
Question bank
समान्य अपराध के अंतर्गत, किस प्रकरण की आज्ञा का पालन करने वाला अपरोधमुक्ति देता है?
Why: Correct answer reasoning: केवल सरकारी अधिकारी द्वारा विधिसम्मत और स्पष्ट आदेश समान्य अपराध के अंतर्गत अपरोधमुक्ति देता है।
Why students fall for the trap: छात्र विकल्प B या D को चुनते हैं क्योंकि वे मौखिक आदेश को भी विधि मान लेते हैं, जो confusion है।
Option-by-option: A सही है क्योंकि यह विधिसम्मत आदेश है; B गलत है क्योंकि मित्र की आज्ञा वैध नहीं; C गलत है क्योंकि अनधिकृत आदेश अपरोध है; D गलत है क्योंकि सामाजित प्रमाण का कानूनी महत्व नहीं।
Question 159
Question bank
भौतिकीय दंड प्रणाली के समान्य अपवादों में से किस अपवाद की सीमा को लेखक ने अक्षर भ्रामक बताया है?
Why: सही उत्तर कारण: अक्षर रक्षा अधिकार की सीमा लेखक भ्रम होटा है क्योंकि लोग इसे अत्यधिक व्यापक मान लेते हैं जो गलत है। यह सीमा-बंधित है।
छात्र इस भ्रांति में क्यों पड़ते हैं: पात्र विकल्प B को निमित वैध अधिकार से भ्रमित होकर चुनते हैं, जो rote memorisation का दुरुपयोग है।
प्रत्येक विकल्प पर टिप्पणी: A सही है क्योंकि इसे प्रायोगिक सीमा और विवादित बताया गया है; B भ्रमपूर्ण विकल्प है जो rote memorisation से आता है; C अत्यधिक स्पष्ट अवधारणा है; D समान्य अपवाद से संबन्धित नहीं है।
Question 160
Question bank
नीचे दी गई धाराओं 299 से 304 के संदर्भ में, कौन सी धारा हत्या के ऐसे प्रयास को प्रतिबंधित करती है जिसमें हत्या की नियत नहीं होती लेकिन परिणामस्वरूप मृत्यु हो जाती है? संदर्भ के लिए भारतीय दंड संहिता 1860 की धाराएं 299-304 देखें।
Why: धारा 304 भारतीय दंड संहिता 1860 में हत्या की उस स्थिति को प्रतिबंधित करती है जिसमें आवश्यकता की हत्या की नियत नहीं होती, परंतु उसकी लाख़रवाही या गैर-इच्छानुरूप कृत्य से मृत्यु हो जाती है।
Question 161
Question bank
भारतीय दंड संहिता 1860 की धाराओं 319 से 338 के अंतर्गत किए गए अपराधों में से किसे "अपहरण" कहा जाता है?
Why: धारा 319 से 338 के अंतर्गत 'अपहरण' का अर्थ है किसी व्यक्ति को उसकी सहमति के बिना जबरन या धोखे से कहीं ले जाना।
Question 162
Question bank
भारतीय दंड संहिता में बलात्कार और यौन अपराधों से संबंधित कौन सी धाराएं सम्मिलित की गई हैं?
Why: धारा 354 भारतीय दंड संहिता में महिलाओं की इज्जत को भंग करने से संबंधित अपराधों से सम्बंधित अपराधों को प्रतिबंधित करती है जो बलात्कार से अलग यौन अपराध हैं।
Question 163
Question bank
भारतीय दंड संहिता की धाराओं 319 और 320 के अंतर्गत कौन-कौन से चोट के प्रकार शामिल हैं?
Why: धारा 319 में सरल चोट और धारा 320 में गंभीर चोटों की प्रकारों की पड़ताल दी गई है जो शारीरिक चोट से संबंधित अपराध हैं।
Question 164
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार हत्या करने का इरादा न होने हुए भी म्रुत्यु परिणाम होने पर अपराध को क्या कहा जाता है?
Why: धारा 304 में ऐसी हत्या का प्रावधान है जहाँ हत्या करने का इरादा नहीं पर चोट प्रमुख कारण मृत्यु हो जाती है।
Question 165
Question bank
माण-पिट के अपराध के संदर्भ में, भारतीय दंड संहिता 1860 की कौन सी धारा गम्भीर चोट की परिभाषा देती है?
Why: धारा 320 में गम्भीर चोट की परिभाषा दी गई है जो दुर्बलता या जाँघ bölümकर हुए गम्भीर कष्ट को दर्शाती है।
Question 166
Question bank
धारा 378 से 382 तक भारतीय दंड संहिता में कौन सा अपराध वर्गीकृत है?
Why: धारा 378 से 382 तक चोरी के अपराधों की परिभाषा एवँ दण्ड संबंधी प्रावधान हैं।
Question 167
Question bank
शरीर के विभिन्न अपराधों में "गम्भीर चोट" का अर्थ क्या है?
Why: गम्भीर चोट वह होती है जो स्थायी रूप से शरीर को नुकसान पहुँचाती है, जिससे किसी अंग का कैंसर या गम्भीर बीमारी होना।
Question 168
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत बलात्कार के लिए कौन सी धारा लागू होती है?
Why: धारा 375 में बलात्कार के अपराध की परिभाषा दी गई है तथा इसके अंतर्गत सजा का प्रावधान भी है।
Question 169
Question bank
धारा 302 के अनुसार, हत्या के लिए किस प्रकार की सजा निर्धारित है?
Why: धारा 302 हत्या के लिए सर्वोच्च दंड निर्धारित करती है जिसमें फ़ांसी या आजीवन कारावास शामिल है।
Question 170
Question bank
भारतीय दंड संहिता में बलवा अपराध की परिभाषा किस धारा के अंतर्गत मिलती है?
Why: धारा 146 बलवा को परिभाषित करती है, जो सार्वजनिक जगह पर हिंसा या हिंसात्मक झगड़ा करना होता है।
Question 171
Question bank
मारपीट के अपराध में "जानबूझकर" किसका तात्पर्य है?
Why: जानबूझकर मारपीट का अर्थ है कि व्यक्ति का चोट पहुंचाने का स्पष्ट इरादा होता है जिसे जानबूझकर अंजाम दिया जाता है।
Question 172
Question bank
धारा 338 के अनुसार, किस प्रकार के कृत्यों को दंडनीय माना गया है?
Why: धारा 338 जानलेवा चोट से सम्बंधित है जो जानबूझकर न हो, परंतु लापरवाही से हुई हो।
Question 173
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, अपराध के सम्‍बन्ध में "स्वेच्छा" का अर्थ क्या है?
Why: स्वेच्छा का अर्थ व्यक्ति की अपनी इच्छा से सहमती देना, जबकी अपराध में सहज अनुमति नहीं होती।
Question 174
Question bank
शरीर के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में किस प्रकार के अपराध शामिल नहीं होते?
Why: चोरी और धोखाधड़ी शरीर के विरुद्ध अपराध नहीं हैं, शरीर के विरुद्ध अपराधों में नहीं आते।
Question 175
Question bank
शरीर के विषाणु अथवापादों में संक्रामक अथवा के निःशचार किस प्रकार होता है?
Why: भारी दंड संख्या में हत्या के लिए फांसी या आजीवन कारावास का प्रावधान है जबकि अन्य अपराधों के लिए भी विधि विशेष संज्ञाएँ हैं।
Question 176
Question bank
धारा 354 किस प्रकार के अपराध को परिभाषित करती है?
Why: धारा 354 महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन करने तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार करने से संबंधित अपराधों को परिभाषित करती है।
Question 177
Question bank
निम्नलिखित में से कौन सी धारावाही दंड संहिता 1860 के तहत शारीरक अपराधों से संबन्धित है? सन्दर्भ के लिए नीचे दिए गए चार्ट को देखकर जिज्ञासु शारीरक अपराधों की प्रमुख धाराएँ दर्शायी गई हैं।
Why: धाराओं के विविध अपराधों की धाराएँ धाराएँ 299 से 304 तक, 319 से 338 तक, तथा बलात्कार से सम्बंधित धाराएँ 375 से 376 तक हैं, इसलिए सभी विकल्प सही हैं।
Question 178
Question bank
धारावाही दंड संहिता की धारा 300 के अनुसार निम्न में से कौन सा अपराध 'हत्या' की परिभाषा में आता है? धारा 299 और 300 के बीच सम्बंध को ध्यान में रखें।
Why: धारा 300 के अनुसार हत्या वह होती है जो जानबूझकर और साजिश पूर्वक किसी की मृत्‍यु कराना 'हत्या' कहलाता है जबकि गलती से मृत्‍यु होना हत्या नहीं है।
Question 179
Question bank
धारा 319 में 'चोट' की परिभाषा की चोट को परिभाषित करती है? नीचे दिए गए चार्ट में चोट के वर्गीकरण को देखें।
Why: धारा 319 के अनुसार चोट वह होती है जो शरीर के किसी सामान्य कार्य को प्रभावित करे, न कि सिर्फ दिक्कतें_VALUE_ या खून बहने वाली चोट।
Question 180
Question bank
धारावाही दंड संहिता की धारा 376 के अंतर्गत कौन सा अपराध आता है? नीचे दिए गए चार्ट में अपराधों के नाम और उनकी धाराएँ दी गई हैं।
Why: धारा 376 बलात्कार के अपराध को निर्दिष्‍ट करती है, जबकि हत्या एवं उसके प्रयास एवं अन्य अपराध अलग धाराओं में आते हैं।
Question 181
Question bank
यद्यपि कोई व्यक्‍ति जानबूझकर शारीर पर चोट पहुँचाता है परंतु मृत्‍यु नहीं होती, तो यह धारावाही दंड संहिता की कौन सी धारा के अंतर्गत आता है? नीचे दिए गए चार्ट में चोट और मृत्‍यु ‌के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है।
Why: धारा 319 से 338 तक चोटों के अपराधों को सम्बोधित करती है, जहाँ मृत्यु न होना आवश्यक है।
Question 182
Question bank
धारा 299 और धारा 304 में क्या मुख्य अंतर है? नीचे दिए गए ब्लॉकों मेंhat्याओं के प्रकरणों को देखें।
Why: धारा 299 हत्‍या की मूल प्राथमिकता करती है जबकि धारा 304 में हत्‍या के कारणों और दंडनीय स्थिति का विवेचन है।
Question 183
Question bank
भारतीय दंड संहिता में ब्लॉकर अपराध की सबसे कम उम्र क्या निर्धारित है? संदर्भ के लिए धारा 375 का साराांश देखें।
Why: धारा 375 के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ संभोग का स्पष्टरूप अपराध बालात्कार माना जाता है।
Question 184
Question bank
निम्नलिखित में से कौन सा अपराध धारा 300 के तहत हत्‍या का अपवाद नहीं है?
Why: धारा 300 में हत्‍या के अपवाद दिये गये हैं जिन्हें स्वयं रक्षा या आक्रमिक हत्‍या शामिल हैं, सामान्य हत्‍या अपवाद नहीं है।
Question 185
Question bank
धारा 323 के अंतर्गत निम्न में से क्या अपराध आता है? धारा 319 और 338 के बीच के वर्गीकरण को देखें।
Why: धारा 323 के तहत दोनों को सरल चोट पहचानने योग्य अपरा्ध है जो गंभीर चोट से अलग है।
Question 186
Question bank
धारा 307भारतीय दंड संहिता में किस प्रकरण के अपराध से संबंधित है? धारा 299-304 के बीच वारप को ध्यान में रखें।
Why: धारा 307 में हत्‍या के प्रयास यानी जान से मारने का प्रयास दंडनीय है।
Question 187
Question bank
एक व्यक्ति ने दूसरा की जान लेने का प्रयास किया लेकिन वह बच गया। भारतीय दंड संहिता के अनुसार यह अपराध किस धारा के अंतर्गत आता है?
Why: जान लेने के प्रयास को धारा 307 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना गया है।
Question 188
Question bank
धारा 375 के अंतर्गत बलात्कार के निम्नलिखित में से कौन से तत्व अनिवार्य रूप से होने चाहिए?
Why: बलात्कार की परिभाषा में सहमति न होना, उमर सीमा और अवैध संबंध सभी तत्व शामिल होते हैं।
Question 189
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भारतीय दंड संहिता की धारा 376 की सजा क्या होती है?
Why: बलात्कार के अपराध में धारा 376 के तहत सख्त सजा दी जाती है, जिसमें अजीवन कारावास या दस वर्ष तक कारावास शामिल है।
Question 190
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धारा 338 के अंतर्गत कौनो सा अपराध आता है?
Why: धारा 338 गंभीर चोटों पर लागू होती है, जहां चोट स्थाई या गंभीर होती है।
Question 191
Question bank
धारा 320 के अनुसार निम्नलिखित में से किस प्रकार की चोट 'भारतीय दंड संहिता' में गंभीर चोट मानी जाती है?
Why: धारा 320 के अनुसार गंभीर चोटों में हड्डी टूटना, चेहरा का विकृत होना शामिल है, जिन्हें दंडनीय अपराध माना गया है।
Question 192
Question bank
धारा 375/376 के अंतर्गत बलात्कार के दोषी को दी जाने वाली न्यूनतम सजा क्या है?
Why: बलात्कार के दोषी को न्यूनतम सात वर्ष की कैद की सजा दी जाती है, जो कि धारा 376 में निर्दिष्ट है।
Question 193
Question bank
संभव की विरुद्ध अपराध से संबंधित कौन सा कथन सही है?
Why: संभव के विरुद्ध अपराधों में चोरी, डकैती, धोखाधड़ी, बेईमानी जैसी अपराध आते हैं। केवल चोरी को ही शामिल करना सही नहीं है।
Question 194
Question bank
IPC की धारा 378 किस अपराध को परिभाषित करती है?
Why: धारा 378 हत्या संबंधी नहीं है, बल्कि चोरी के अपराध को परिभाषित करती है।
Question 195
Question bank
IPC की कौन सी धारा डकैती अपराध से संबंधित है?
Why: धारा 395 धोखाधड़ी संबंधी नहीं, बल्कि डकैती का प्रावधान है।
Question 196
Question bank
किस धाराओं के तहत बेईमानी की संधि अपराध को परिभाषित किया गया है?
Why: धारा 406, 408 एवं 414 के तहत बेईमानी से संबंधित अपराध आते हैं, जैसे विश्वासघात और रिश्वत।
Question 197
Question bank
निम्न में से कौन सा अपराध IPC की धारा 415 के अंतर्गत आता है?
Why: धारा 415 धोखाधड़ी के अपराध को निर्दिष्ट करती है।
Question 198
Question bank
चोरी, डकैत और लूट में मुख्य अंतर क्या है?
Why: चोरी में बल प्रयुक्त नहीं होता जबकि डकैत और लूट में बल या हिंसा की भूमिका होती है।
Question 199
Question bank
धोखाधड़ी और बेईमानी से संबंधित कौन सा कथन सही है?
Why: धोखाधड़ी में छल या संप्रेषण टालने का निहित उद्देशय होता है, जबकि बेईमानी में विश्वासघात शामिल होता है।
Question 200
Question bank
संपूर्ण के विरुद्ध अपराधों के दंडात्मक प्रावधानों में निम्नलिखित में से कौन सा शारीरिक नहीं है?
Why: संपूर्ण के विरुद्ध अपराधों में हत्या शारीरिक नहीं है, इसी लिए हत्या का दंड इस श्रेणी में नहीं आता।
Question 201
Question bank
IPC की धारा 420 किस प्रकार के अपराध को परिभाषित करती है?
Why: धारा 420 धोखाधड़ी और बेईमानी से संबंधित अपराध करने से संबंधित अपराध है।
Question 202
Question bank
धोखाधड़ी और जालसाजी में मुख्य अंतर क्या है?
Why: जालसाजी में दस्तावेजों या लिखित रूप से धोखा दिया जाता है जबकि धोखाधड़ी अन्य प्रकार के धोखों को सम्मिलित करती है।
Question 203
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध आपराधों में अपराध से संबंधित कौन सी धाराएँ हैं?
Why: धारा 407 अपराध या बंधक बनाने संबंधी अपराधों को प्रतिबन्धित करती है।
Question 204
Question bank
निम्न में से कौन सा धोखाधड़ी का उद्देश्य नहीं है?
Why: संपत्ति चुराना चोरी का अपराध है, धोखाधड़ी का उद्देश्य नहीं।
Question 205
Question bank
धोखाधड़ी के रूप में सामान्यतः आने वाली 'रिश्वत' IPC की किस धारा के अन्तर्गत आती है?
Why: रिश्वत को भांति भांति संख्या की धारा 414 के तहत देखी जाती है।
Question 206
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में 'विश्वासघात' एवं 'बेब़मानी' का सामान्यतः किस प्रकार है?
Why: विश्वासघात और बेब़मानी दोनों आपस में जुड़े हुए अपराध हैं, जहाँ विश्वास का दुरुपयोग किया जाता है।
Question 207
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों के दंडात्मक प्रावधानों में कौन सजाकर होती है?
Why: संपत्ति के विरुद्ध अपराध सामान में असुरक्षा एवं असामान्य फैले हुए हैं, इसलिए इन अपराधों के लिए कठोर दंड निर्धारित हैं।
Question 208
Question bank
धारा 403 आईपीसी किस प्रकार के अपराध को प्रतिबन्धित करती है?
Why: धारा 403 आईपीसी में संपत्ति का गलत या अनुचित उपयोग करने को अपराध माना गया है।
Question 209
Question bank
संपति के विरुद्ध अपराधों की प्रिभाषा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
आईपीसी की धारा 378 की व्याख्या करें।
Why: धारा 378 में स्पष्ठ रूप से चोरी का अर्थ नियतपूर्वक किसी की संपत्ति बिना अनुमति लिए लेना बताया गया है।
Question 210
Question bank
संपति के विरुद्ध अपराधों में डकैती (धारा 392) के तत्व कौन-से हैं?
धारा 392 के अपवाद बताइए।
Why: धारा 392 के तहत डकैती का अर्थ है चोरी करते हुए या उसी पूर्र्व में हिंसा या डर का उपयोग करना।
Question 211
Question bank
भारतीय दंड संहिता में धोखाधड़ी से संबंधित कौन-कौन सी धाराएँ हैं? निम्न में से सही विकल्प चुनिए।
Why: धारा 378 चोरी है, 420 धोखाधड़ी है और 406 जबरदस्ती संपत्ति पर कब्ज़ा, ये धाराएँ धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
Question 212
Question bank
संपति के विरुद्ध अपराधों के न्याय प्रणालियों में धारा 380 के अनुसार दंड क्या है?
धारा 380 की संधर्भ लें।
Why: धारा 380 के अनुसार ग्रहों से चोरी पर 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना हो सकता है।
Question 213
Question bank
धारा 394 के अंतर्गत दंड की क्या है?
धारा 394 के प्रावधान देखें।
Why: धारा 394 के अनुसार उपस्थित सभी डकैती पर 10 वर्ष से अधिक कैद या जीवन पर्यंत कारावास का प्रावधान है।
Question 214
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में अपहरण और जबरदस्ती करवाने का संबंध निम्न में से किस धारा से है?
Why: धारा 363 भारतीय दंड संहिता में अपहरण से संबंधित है।
Question 215
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में जबरन कब्जा करने के लिए कौन-सी धारा लागू होती है?
Why: धारा 442 में जबरन कब्जा करना परिभाषित है।
Question 216
Question bank
धारा 427 के तहत संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का दंड क्या है?
Why: धारा 427 के अनुसार संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना हो सकता है।
Question 217
Question bank
भारतीय दंड संहिता के किन धाराओं में संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की संज्ञा के अंतर्गत चोरी के साथ-साथ अन्य अपराधों को भी शामिल किया गया है?
Why: धारा 392 (डकैती), 394 (सशस्त्र डकैती), एवं 427 (संपत्ति का नुकसान) संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में शुमार हैं।
Question 218
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में ठगी को सबसे अधिक किस धारा के अंतर्गत माना जाता है?
Why: धारा 420 में ठगी और धोखाधड़ी से संबंधित अपराध परिभाषित है।
Question 219
Question bank
धारा 379 और धारा 380 के बीच अंतर क्या है?
Why: धारा 379 समान्य चोरी से संबन्धित है जबकि धारा 380 खास तौर से खरौज से चोरी को परिभाषित करती है।
Question 220
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में किस व्यक्ति को अपहरण करने का दण्ड किस धारा के तहत है?
Why: धारा 363 के अनुसार अपहरण का दण्ड निर्‍धारित है।
Question 221
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में जबरन कब्जा या उल्लंघन करने वाले को दण्डित करने के लिए कौन-सी धारा उपयोगी है?
Why: धारा 442 में जबरन परिसंपत्ति पर कब्जा करने के लिए दण्डित करने का प्रावधान है।
Question 222
Question bank
संपत्ति के विरुद्ध अपराध की धृष्टता से संबंधित किस धारा 420 के अंतर्गत अपराध परिभाषित करती है?
Why: धारा 420 ठगी और धोखाधड़ी को धार्ष्टता दण्ड सँहिता में परिभाषित करती है।
Question 223
Question bank
किस धारा के अन्तर्गत संपत्ति के खिलाफ जालसाजी का दण्ड निर्धारित है?
Why: धारा 420 में जालसाजी एवं धोखाधड़ी से संबंधित दण्ड निर्धारित है।
Question 224
Question bank
संपत्त‍ि के विरुद्ध अपराधों की देय्‌ष्टि से "टोढ़फोड़" किस धारा के अंतर्गत आता है?
Why: धारा 427 के अंतर्गत संपत्त‍ि को नुक्सान पहुँचाना या टोढ़फोड़ करना आता है।
Question 225
Question bank
संपत्त‍ि के विरुद्ध अपराधों के तहत धारा 394 में क्या भेद है?
Why: धारा 394 का संबंध हिंसा या हथियार के प्रयोग से डकैती से है।
Question 226
Question bank
राश्ट्र के विरूद्ध अपराध के संधर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा अपराध अपेक्षित है?
Why: राष्ट्र के विरुद्ध अपराधों में महत्वपूर्ण राजद्रोह (धारा 124A) आता है, जोकि अन्य विकल्प अल्प-अल्प अपराध श्रेणी के अंतर्गत आता हैं।
Question 227
Question bank
भारतीय दंड संहिता की धारा 124A का मुख्य उद्देष्य क्या है?
Why: धारा 124A का उद्देष्य राजद्रोह को दंडित करना है, जो कि राज्य के विरुद्ध कृत्य माना जाता है।
Question 228
Question bank
धारा 124A के अनुरूप, निम्नलिखित में से कौन सा कृत्य राजद्रोह माना जाएगा?
Why: धारा 124A के अंतर्गत राजय व्यवस्था को हिंसात्मक तरीके से उखाड़ फेंकना ही राजद्रोह माना जाता है।
Question 229
Question bank
सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराध के संधर्भ में कौन सा कथन सही है?
Why: सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराध का मूल तत्व सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर प्रकार से क्षतिपूर्ति होना है।
Question 230
Question bank
अधिकारियों के विरुद्ध अपमानजनक कृत्य के संधर्भ में निम्न में से सही विकल्प चुनिए:
Why: सारकारी अधिकारियों के विरुद्ध अपमानजनक कृत्य को भारतीय दण्ड संहिता के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है।
Question 231
Question bank
निम्नलिखित में से कौन सा अपराध 'राज्य की सुरक्षा से संबंधित एवं सुरक्षात्मक अपराध' के लिए आवश्यकीय अपराध में शामिल है?
Why: राज्य की सुरक्षा और सुरक्षा से संबंधित अपराधों में प्रमुख रूप से राजद्रोह (धारा 124A) शामिल है।
Question 232
Question bank
राजद्रोह के अपराध में दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान क्या होता है?
Why: धारा 124A के अंतर्गत राजद्रोह के आरोप में मृत्युुदंड, आजीवन कारावास या जर्माना लग सकता है।
Question 233
Question bank
राज्य के विरुद्ध अपराध में निम्नलिखित में से कौन सा अपराध शामिल नहीं है?
Why: धारा 302 हत्या का अपराध है, वह सीधे तौर पर राज्य के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में नहीं आता।
Question 234
Question bank
सांप्रदायिक तनाव को भ्रम करने के लिए कौन सी धारा लागू होती है?
Why: धारा 153A के अन्तर्गत सांप्रदायिक तनाव भंग करने वाले कारों को अपराध माना जाता है।
Question 235
Question bank
राज्य के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में निम्न में से किसका समावेश है?
Why: राज्य के विरुद्ध अपराधों में राजद्रोह, सांप्रदायिक तनाव को भंग करना और सरकारी अधिकारियों पर हमला प्रमुख श्रेणियाँ हैं।
Question 236
Question bank
नीचे दिए गए विकल्पों में से 'राजद्रोह' की परिभाषा किस अधिनियम या धारा में वर्णित है?
Why: राजद्रोह की परिभाषा IPC के अधिनियम IX की धारा 124A में प्रदत्त है।
Question 237
Question bank
सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराधों के प्रावधानों के संबंध में सही कथन चुनिए:
Why: सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा, अशांति या दंगा फैलाना सार्वजनिक शांति भंग का अपराध है।
Question 238
Question bank
सारकारी अधिकारी के विरुद्ध अपराधों के तहत कौन-से कृत्य दंडनीय हैं?
Why: सत्ताधिकार के दुरुपयोग से उत्पन्न किसी भी हिंसात्मक कृत्य को सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध अपराध माना जाता है।
Question 239
Question bank
राज्य की सुरक्षा और सुरक्षा से जुड़े अपराधों के विरुद्ध में क्या सजाया निर्धारित होती है?
Why: राज्य की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए किए गए अपराधों पर गम्भीर सजा, जैसे मृत्युुदंड या आजीवन कारावास लागू होती है।
Question 240
Question bank
भारतीय दंड संहिता में राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए किसका प्रावधान नहीं है?
Why: सामाजिक असहमतिपूर्ण कार्य करना अपराध नहीं होता; वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत आता है, जबकि अन्य विकल्प अपराध हैं।
Question 241
Question bank
नीचे दिए गए में से कौन सी धाराएँ अपराधों एवं सहकृ्षा के खिलाफ़ अपराधियों को निर्धारित करती हैं?
Why: धारा 124A भारत में राज के विरुद्ध अपराध, अथार्त राजद्रोह को निर्धारित करती है।
Question 242
Question bank
राज्य की सुरक्षा एवं संप्रभुता को प्रभावित करने वाले अपराधों के प्रकारों के उदाहराण के रूप में क्या दिया जा सकता है?
Why: विद्रोह, आतंवाद और राजद्रोह राज्य की सुरक्षा एवं संप्रभुता को प्रभावित करने वाले मुख्य अपराध हैं।
Question 243
Question bank
राष्ट्र के विरुद्ध प्रायोजनिक अपराधों की विशेषता क्या होती है?
Why: राष्ट्र के विरुद्ध प्रायोजनिक अपराधों का मुख्य विशेषता राज्य व्यवस्था को ख़तरा पहुंचाना होता है।
Question 244
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता (IPC) के अंतर्गत अभियुक्तों के विरुद्ध अपवादों की क्या विषेशता है?
Why: भारतीय दण्ड संहिता (IPC) अभियुक्तों के विरुद्ध अपवादों के लिए विशेष प्रावधान रखती है जो कड़ी सजाओं का प्रादान करते हैं तथा अभियुक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Question 245
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता 1860 की कौन सी धारा घरेलू हिंसा से संबंधित है?
Why: धारा 498A महिला उत्पीड़न व घरेलू हिंसा से संबंधित है जो विशेष रूप से पति या उसके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा महिला पर अत्याचार को कवर करती है।
Question 246
Question bank
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसर बलात्कार की परिभाषा में किस तथ्य को होना अनिवार्य है?
Why: बलात्कार में पीड़ित की सहमति के बिना यौन संबंध स्थापित करना शामिल है, जो आईपीसी में अपराध माना जाता है।
Question 247
Question bank
घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) तहत महिलाओं के विरुद्ध किस प्रकार की हिंसा को निरंतर करता है?
Why: घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं के विरुद्ध शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और यौन उत्पीड़न को निरंतर करता है।
Question 248
Question bank
धारा 498A IPC के अंतर्गत कौन से अपवाद को दण्डित किया जाता है?
Why: धारा 498A के तहत पति या उसके परिवार के सदस्यों द्वारा महिला को मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न को दण्डित किया जाता है।
Question 249
Question bank
भारतीय दंड संहिता की कौन सी धारा बलात्कार के दंड का प्रावधान करती है?
Why: धारा 375 IPC में बलात्कार की परिभाषा देते हुए इसके दंड का प्रावधान किया गया है।
Question 250
Question bank
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 'न्यायालयीय प्रक्रिया' का क्या अर्थ है?
Why: न्यायालयीय प्रक्रिया से तात्पर्य कानूनी शिकायती दर्ज करने और न्यायालय में सुनवाई कराने की प्रक्रिया से है।
Question 251
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में चोट पहुंचाने का क्या आशय है?
Why: उत्पीड़न से तात्पर्य महिलाओं के विरुद्ध शारीरिक, मानसिक या आर्थिक दबाव डालना है, जो एक अपराध है।
Question 252
Question bank
भारतीय दंड संहिता 1860 के अंतर्गत स्त्री प्रथा के खिलाफ कौन सी धारा प्रासंगिक है?
Why: धारा 304B IPC में दहेज उत्पीड़न एवँ स्त्री प्रथा से जुड़े अपराधों का प्रावधान है।
Question 253
Question bank
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के अंतर्गत दहेज उत्पीड़न क्या होता है?
Why: दहेज उत्पीड़न में पति या उसके परिवार दहेज की मांग करना या उससे उत्पीड़न करना शामिल है जो अपराध है।
Question 254
Question bank
माहिलाओं के विरुद्ध या उन अपवादों में "अपमानजनकव्यवहार" का क्या अर्थ है?
Why: अपमानजनक व्यवहार का अर्थ ऐसा व्यवहार जो महिला के सम्मान या गरिमा को ठेस पहुंचाता हो।
Question 255
Question bank
भारतीय दंड संहिता की प्रकरण महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है?
Why: IPC में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के लिए विशेष प्रावधान और कड़ी सजा निर्दारित हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Question 256
Question bank
भारतीय दंड संहिता के अनुसार बलात्कार के दोषी को क्या दंड दिया जा सकता है?
Why: बलात्कार के दोषी को कठोर कारावास और जुर्माना दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
Question 257
Question bank
भारतीय दंड संहिता में महिलाओं के विरुद्ध अपराध की जांच किस प्रकार की जाती है?
Why: महिलाओं के विरुद्ध अपराध की जाँच विशेष पुलिस विभाग और अधिकारियों द्वारा गठित की जाती है।
Question 258
Question bank
धारा 375 के तहत निम्नलिखित में से कौन अपराध नहीं है?
Why: धारा 375 के अंतर्गत सहमति से यौन संबंध अपराध नहीं है, जबकि बिना सहमति या बलपूर्वक यौन संबंध को अपराध माना जाता है।
Question 259
Question bank
धारा 498A आईपीसी के अंतर्गत 'कोई व्यक्ति' से क्या आशय लिया जाता है?
Why: धारा 498A में पति के साथ-साथ उसके परिवार का कोई भी सदस्य भी दोषी हो सकता है।
Question 260
Question bank
IPC में शादीशुदा महिलाओं के विरुद्ध अपहरण की दो प्रमुख श्रेणियाँ कौन-कौन सी हैं?
Why: IPC में शादीशुदा महिलाओं के विरुद्ध अपहरण मुख्य रूप से यौन उत्पीड़न और घरैलू हिंसा की श्रेणियों में आते हैं।
Question 261
Question bank
धारा 304B IPC क्या अपराध करती है?
Why: धारा 304B विशेष रूप से दहेज हत्या के लिए प्रावधान करती है।
Question 262
Question bank
भारतीय दंड संहिता के तहत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में क्या प्रमुख होता है?
Why: महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के लिए कानूनी दंड तथा सामाजिक जागरूकता दोनों आवश्यक हैं।
Question 263
Question bank
घरैलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत किन्हें आश्रय दिया जाता है?
Why: घरैलू हिंसा अधिनियम में विवाहिता महिलाओं के साथ-साथ परिवार की अन्य महिलाओं को भी संरक्षण दिया गया है।
Question 264
Question bank
माहिलाओं के विरुद्ध अपराजनों की सुनवाई में निम्न में से कौन सा नियम लागू होता है?
Why: माहिलाओं के विरुद्ध अपराजनों की सुनवाई में तेजी और संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक होता है।
Question 265
Question bank
भारतिय दंड संहिता में बताई गई किस धारा में शादाई के दौरान होने वाले दहेज उत्पीड़न का दंड प्रदत्त है?
Why: धारा 498A में दहेज उत्पीड़न का दंड किया गया है जबकि धारा 304B दहेज हत्या से संबंधित है।
Question 266
Question bank
माहिला उत्पीड़न की परिभाषा में किस बिंदु को सम्मिलित नहीं किया जाता?
Why: माहिला उत्पीड़न में माहिला का स्वयंक का अपराज शामिल नहीं होता क्योंकि वह पीड़ित होती है।
Question 267
Question bank
IPC में माहिलाओं के खिलाफ अपराजनों में 'न्यायालय के समक्ष प्रस्तुतिकरण' का अर्थ क्या है?
Why: न्यायालय के समक्ष प्रस्तुतिकरण से वह प्रक्रिया होती है जिसमें अपराध के प्रमाण एवं शिकार न्यायालय में दी जाती है।
Question 268
Question bank
डकैती की परिभाषा के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? Refer to the definitions of डकैती और चोरी. डकैती में किस तत्व का होना आवश्यक है?
Why: डकैती में वस्तु का हरण बल या भय उत्पन्न कर के किया जाता है, जबकि चोरी बिना बल के होती है। इसलिए डकैती में बल प्रयोग आवश्यक तत्व है।
Question 269
Question bank
चोरी की परिभाषा के अनुसार, निम्नलिखित में से चोरी के तत्व कौन-कौन से हैं? Refer to the diagram below showing definitions of चोरी के तत्व:
1. वस्तु का चोरी होना
2. चोरी का इरादा
3. बल प्रयोग होना
4. आपराधी का व्यक्ति होना
Why: चोरी में मूलतः वस्तु का गुप्त रूप से हरण और इसका इरादा होना आवश्यक है, बल प्रयोग आवश्यक नहीं है।
Question 270
Question bank
भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 379 के अनुसार यह अपराध किस प्रकार की चोरी को दर्शाता है? Refer to explanation of धारा 379 below.
Why: धारा 379 में सामान्य वस्तु को चोरी करना बताया गया है, जिसमें बिना बल के वस्तु का हरण होता है।
Question 271
Question bank
डकैती और चोरी में अंतर करने के कौन से तत्व मानें जाते हैं? नीचे दिए गए विकल्पों में से सही चुनिए।
Why: डकैती में अपराधी का इरादा (mens rea) और बल या भय उत्पन्न करने का तत्व प्रमुख है जो चोरी से अलग करता है।
Question 272
Question bank
चोरी के अपराध में अपराधिक स्थिति का निर्धारण करने में कौन सा पक्ष निर्णायक होता है? Refer to स्थिति और आकार में अंतर.
Why: चोरी के अपराध में अपराधी के मानसिक स्थिति (intention) और साधन निर्धारण होता है।
Question 273
Question bank
डकैती के लिए कौल-सी धाराओं का प्रावधान भारतीय दंड संहिता 1860 में कहाँ है? संदर्भ के लिए धाराएँ 379, 380, 390, 392 देखें।
Why: डकैती के कानून में धारा 390 और 392 महत्वपूर्ण हैं जो बल प्रयोग के साथ चोरी या डकैती को निर्दिष्ट करती हैं।
Question 274
Question bank
डकैती में मनशा (intention) का क्या महत्व है? निम्नलिखित में कौन सा कथन सही है?
Why: डकैती में अपराधी का स्पष्ट मनशा होना आवश्यक है क्योंकि बिना मनशा के अपराधी पर आरोप पूरक नहीं माना जाता।
Question 275
Question bank
निम्न में से कौन सी स्थिति चोरी और डकैती में अंतर स्पष्ट करती है? संदर्भ के लिए वस्तु हरण के तरीके देखें।
Why: चोरी में चोरी करने वाला वस्तु को छुपाकर ले जाता है, जबकि डकैती में बल या धमकी करके वस्तु ले जाई जाती है।
Question 276
Question bank
चोरी के बचाव (defense) के अंतर्गत कौन सा तर्क स्वीकार्य नहीं होता? संदर्भ कानूनी दृष्टिकोण से बचाव।
Why: चोरी का बचाव करने के लिए वस्तु का नुस्खसान तर्क नहीं होता क्योंकि चोरी के इरादे और अनुमति को देखा जाता है।
Question 277
Question bank
निम्न में से कौन सा कथन डकैती और चोरी के सांक्ष्य प्राथमिकण में सहायक होता है?
Why: डकैती में बल या भय के प्रमाण से अपराध के अवगाहन और सजाय के लिए निर्णय में सहायता मिलती है।
Question 278
Question bank
भा र ती य दं ड संहिता की धारा 380 के तहत किस प्रकार की चोरी दंडनीय है?
Why: धारा 380 में घर या किसी आवासीय परिसर से चोरी को दंडनीय अपराध माना गया है।
Question 279
Question bank
डकैती के मामले में निम्नलिखित में कौन-सा प्रयोजन सबसे प्रभावी माना गया?
Why: डकैती में बल या भय उत्पन्न करने का प्रयोजन प्रमुख माना जाता है, जो चोरी से अलग करता है।
Question 280
Question bank
चोरी में सजा के दौरान क्या आयोग्यक होता है? (कानूनी प्रिक्रिया में दाबी की मान्यता स्थिति के अनुसार)
Why: चोरी की दंड प्रक्रिया में अपराधी का दोष सिद्ध होना आवश्यक है, बल प्रयोजन जरुरी नहीं।
Question 281
Question bank
डकैती की कार्यवाही में क्या फोरक होता है? (कानूनी प्रावधान)
Why: डकैती की कार्यवाही में बल या भय उत्पन्न करने की भावना और उसके प्रमाण निर्णायक होते हैं।
Question 282
Question bank
डकैती एवं चोरी के बीच मानसिक स्थिति में क्या समानता है? (mens rea की प्रक्रिया)
Why: डकैती और चोरी दोनों में अपराधी की मानसिक स्थिति अर्थात् इरादा (mens rea) होना अनिवार्य है।
Question 283
Question bank
कानूनी दृष्टि से डिफेंस के बचाव (defense) के लिए निम्न में से कौन सी बात सही है?
Why: डिफेंस के बचाव में मौलिक विकृति या मनोविज्ञान की उपस्थिति को संरक्षक दिया जाता है जो अपराध की जिम्मेदारी को कम करता है।
Question 284
Question bank
नियम में से कौन सा विकल्‍प डिफेंस की कड़ी सजा का कारण बनता है?
Why: डिफेंस में हत्थियार के प्रयोग से मामूली की गम्भीरता बढ़ जाती है और सजा कड़ी होती है।
Question 285
Question bank
भारतीय दंड संहिता की कौन सी धारा चोरी के प्रयास को दंडित करती है?
Why: धारा 511 अपराध की क़िसी प्रयास को दंडित करती है, जिसमें चोरी के प्रयास भी शामिल हैं।
Question 286
Question bank
नियम में से कौन सा विकल्‍प चोरी और डकैती के बीच प्रमुख कानूनी अंतर नहीं है?
Why: चोरी की वस्तु का प्रकाश दोनों अपराधों में समानntया अंतर नहीं लगता; बल या भय, मानसिक स्थिति और संज्ञा प्रमुख अंतर हैं।
Question 287
Question bank
यदी कोई व्यक्ति वस्तु चोरीकार ले जाता है तो वह किस अपराध के अंतर्गत आएगा?
Why: वस्तु को चोरी-चुपे चोरीकार ले जाना चोरी की प्रक्रिया में आता है।
Question 288
Question bank
धारा 392 के अंतर्गत डकैती किस प्रकार दोषहीन मानी जा सकती है?
Why: यदि संपूर्ण स्वयंस अपराधी की हो तो चोरी या डकैती का दोष नहीं होता।
Question 289
Question bank
निम्नलिखित में से कौन सी धारा डकैती को प्रतिबंधित नहीं करती?
Why: धारा 380 चोरी के लिए है, डकैती के लिए धारा 390 और 392 लागू होते हैं।
Question 290
Question bank
चोरी में साधारणतया कौन-सी कानूनी सजा़ निर्धारित की जाती है?
Why: साधारण चोरी के लिए जेल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान रहता है।
Question 291
Question bank
डकैती के मामलें में बल प्रयोग का अभाव चाहे तो किस प्रकार अपराध में बड़ा जा़ सजा़ होता है?
Why: यदि बल प्रयोग या धमकी न हुआ तो अपराध केवल साधारण चोरी माना जाता है।
Question 292
Question bank
IPC में चोरी तथा डकैती के लिए मानसिक स्थिति (mens rea) की क्या भूमिका है?
Why: मनीषा की उपस्थिति चोरी और चोरी दोनों में अपराध सिद्धि के लिए आवश्यक है।
Question 293
Question bank
डकैती के उतकंठित रूप में अपराजित के द्वारा प्रधानम् तल कोन से हैं? Refer to अपराज के तत्‍व।
Why: डकैती में बल या भय उत्पन्न कर वस्तु का कब्ज़ा लिया जाता है, यह आवश्यक तत्व हैं।
Question 294
Question bank
सामान्यत: चोरी की गति‍ओर डकैती की गति में अंतर दिखाने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व कौन सा है?
Why: डकैती में बल या धमकी का उपयोग होता है जबकि चोरी में नहीं।
Question 295
Question bank
IPC की धारा 392 के अनुसार डकैती का अपराध कब सिद्ध होता है?
Why: धारा 392 में बल या भय उत्पन्न कर चोरी करने को डकैती माना गया है, इसलिए यह सिद्ध होता जरूरी है।
Question 296
Question bank
निम्न में से कौन सी स्थिति चोरी के कानूनी तत्वों में शामिल नहीं है?
Why: चोरी में बल प्रयोग आवश्यक नहीं है, बल प्रयोग डकैती का तत्व है।
Question 297
Question bank
डकैती एवं चोरी के प्रमुख में अपराज की सजा निर्धारण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Why: डकैती में बल प्रयोग होने पर सजा अधिक कठोर होती है, चोरी की तुलना में।
Question 298
Question bank
डकैती के लिए कौन सा मानसिक तत्व आवश्यक है?
Why: डकैती के लिए आवश्यक का चोरी या वस्तु हरण करने का स्पष्ट इरादा (mens rea) आवश्यक होता है।

Descriptive & long-form

22 questions · self-rated after model answer
Question 1
PYQ 3.0 marks
IPC की धारा 146 के अनुसार 'बलवा' की परिभाषा क्या है? व्याख्या कीजिए।
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Model answer
**IPC की धारा 146 'बलवा' को पांच या अधिक व्यक्तियों के विधिविरुद्ध जमाव द्वारा आपराधिक बल के प्रयोग या प्रदर्शन के रूप में परिभाषित करती है।**

1. **न्यूनतम संख्या:** बलवा के लिए कम से कम **पांच व्यक्ति** का जमाव आवश्यक है। यदि संख्या कम हो, तो यह अपराध धारा 146 के अंतर्गत नहीं आता।

2. **सामान्य उद्देश्य:** जमाव का उद्देश्य IPC धारा 141 के अनुसार होना चाहिए, जैसे सार्वजनिक शांति भंग करना या आपराधिक बल का प्रयोग।

3. **आपराधिक बल:** जमाव द्वारा हिंसा या बल का वास्तविक प्रयोग या धमकी शामिल हो।

उदाहरण: यदि पांच व्यक्ति मिलकर दुकान तोड़ने का प्रयास करते हैं, तो यह बलवा है।

**निष्कर्ष:** धारा 146 सामूहिक हिंसा को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है, और धारा 147 में इसके लिए दो वर्ष तक कारावास या जुर्माने की सजा है[3].
More: धारा 146 बलवा की सामान्य परिभाषा प्रदान करती है जो IPC के प्रारंभिक अध्याय में आती है। यह अपराध के प्रमुख तत्वों - संख्या, उद्देश्य और बल - पर आधारित है। सजा का प्रावधान धारा 147 में है।
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Question 2
PYQ 5.0 marks
IPC की सामान्य परिभाषाओं के अंतर्गत 'हत्या' (धारा 300) और 'कल्पनीय हत्या' (धारा 299) के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
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Model answer
**IPC की सामान्य परिभाषाओं में धारा 299 'कल्पनीय हत्या' और धारा 300 'हत्या' को परिभाषित किया गया है, जो अपराधों की गंभीरता निर्धारित करती हैं।**

1. **परिभाषा:** धारा 299 किसी व्यक्ति द्वारा मृत्यु का कारण बनने वाले कार्य को कल्पनीय हत्या कहती है, जिसमें इरादा या ज्ञान हो। धारा 300 इसे और विशिष्ट बनाती है - मृत्यु का इरादा या ज्ञान कि कार्य से मृत्यु संभावित हो।

2. **मृत्यु का इरादा:** धारा 300 में स्पष्ट इरादा आवश्यक (जैसे घातक हथियार से प्रहार), जबकि धारा 299 में व्यापक इरादा।

3. **ज्ञान का स्तर:** धारा 300 में कार्य से 'मृत्यु होने की संभावना' का ज्ञान, धारा 299 में 'मृत्यु का कारण बनना'।

4. **सजा:** कल्पनीय हत्या - आजीवन कारावास या 10 वर्ष; हत्या - मृत्युदंड या आजीवन।

उदाहरण: अचानक क्रोध में प्रहार (299), पूर्व नियोजित हत्या (300)।

**निष्कर्ष:** ये परिभाषाएँ अपराध वर्गीकरण के लिए आधारभूत हैं, जो न्यायिक विवेक को मार्गदर्शन देती हैं[1].
More: ये धाराएँ IPC अध्याय IV में सामान्य अपराध परिभाषाओं का हिस्सा हैं। अंतर अपराध की प्रकृति और सजा पर आधारित है।
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Question 3
PYQ 2.0 marks
IPC की धारा 80 के अंतर्गत दुर्घटना को सामान्य अपवाद के रूप में कब स्वीकार किया जाता है? विस्तार से समझाइए।
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Model answer
IPC की धारा 80 दुर्घटना को सामान्य अपवाद के रूप में मान्यता प्रदान करती है।

**परिभाषा:** जब आशय ही नहीं होता और मन ही अपराधी नहीं होता ऐसी स्थिति में विधि किसी व्यक्ति को दंडित करने का नहीं कहती। दुर्घटना सामान्य अपराधों के अंतर्गत तीसरा अपवाद है।

**शर्तें:** धारा के अनुसार ऐसी कोई बात जो दुर्घटना से की गई है अपराध नहीं मानी जाएगी यदि वह-
1. बिना आपराधिक आशय के की गई हो;
2. सावधानीपूर्वक कार्य करते हुए हुई हो;
3. विधिक कार्य के सद्भावपूर्ण प्रयोग से उत्पन्न हुई हो।

**उदाहरण:** पुलिस द्वारा अपराधी की गिरफ्तारी के दौरान अनजाने में चोट लगना दुर्घटना है।

**निष्कर्ष:** दुर्घटना अपवाद इसलिए है क्योंकि यह कार्य को अपराध घोषित नहीं करती। (78 words)
More: धारा 80 के तहत दुर्घटना तब अपवाद है जब कार्य बिना इरादे के, सावधानी से और विधिक कार्य के सद्भाव में हो। यह Actus reus बिना mens rea के अपराध को रोकता है।[1][2]
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Question 4
PYQ · 2022 4.0 marks
IPC के सामान्य अपवादों में शैशवावस्था संबंधी प्रावधानों की व्याख्या कीजिए। धारा 82 और 83 के बीच अंतर स्पष्ट करें। उदाहरण सहित।
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Model answer
IPC के सामान्य अपवादों में **शैशवावस्था** धारा 82 और 83 के अंतर्गत वर्णित है।

**परिचय:** शैशवावस्था अपवाद का आधार यह है कि नाबालिग को अपराध के परिणामों का ज्ञान नहीं होता।

1. **धारा 82:** 7 वर्ष से कम आयु के बालक को **पूर्ण छूट**। कोई भी अपराध नाबालिग को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि समझ की कमी।

2. **धारा 83:** 7 से 12 वर्ष के बालक को छूट **परिस्थिति पर निर्भर**। यदि बालक अपराध के स्वरूप को न समझता हो तो छूट। परीक्षण का आधार: क्या उसे ज्ञात था कि कार्य गलत है?

**अंतर:** धारा 82 में **पूर्ण अपवाद** (absolute), धारा 83 में **सशर्त अपवाद** (qualified)।

**उदाहरण:** 1974 का मामला जहां 12 वर्षीय बालिका ने आग लगाई। न्यायालय ने जांचा कि क्या उसे परिणाम का ज्ञान था।

**निष्कर्ष:** ये प्रावधान दंडनीयता के लिए परिपक्वता आवश्यक मानते हैं। (142 words)
More: शैशवावस्था क्षम्य अपवाद है। धारा 82 पूर्ण रक्षा, धारा 83 सशर्त। उदाहरण से स्पष्ट।[1][2][3]
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Question 5
PYQ 3.0 marks
क्षम्य अपवाद और न्यायोचित अपवाद के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए। उदाहरण सहित समझाइए।
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Model answer
**क्षम्य अपवाद** और **न्यायोचित अपवाद** IPC सामान्य अपवादों के दो प्रकार हैं।

1. **क्षम्य अपवाद:** इनमें अपराध करने वाले के बुरे नीयत का अनुमान नहीं लगाया जाता। उदाहरण: तथ्य की गलती (धारा 76), शैशवावस्था (धारा 82-83), दुर्घटना (धारा 80), पागलपन (धारा 84), नशा (धारा 85)।

2. **न्यायोचित अपवाद:** सामान्य परिस्थितियों में अपराध होते हैं लेकिन विशेष परिस्थितियों में स्वीकार्य। उदाहरण: निजी रक्षा (धारा 96-106), सहमति (धारा 87)।

**अंतर:** क्षम्य में **आपराधिक मन की कमी**, न्यायोचित में **सामाजिक स्वीकृति**।

**उदाहरण:** पुलिस की गिरफ्तारी न्यायोचित, बच्चे का अनजान कार्य क्षम्य।

**निष्कर्ष:** दोनों अपराधी दायित्व से मुक्ति देते हैं। (112 words)
More: क्षम्य अपवाद बुरे इरादे की कमी पर, न्यायोचित सामाजिक स्वीकृति पर आधारित।[2]
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Question 6
PYQ 2.0 marks
भारतीय दंड संहिता में 'आपराधिक बल' की परिभाषा धारा 129 के अंतर्गत क्या है? व्याख्या कीजिए।
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Model answer
भारतीय दंड संहिता की धारा 129 के अंतर्गत **आपराधिक बल** की परिभाषा इस प्रकार है: जो कोई किसी अन्य व्यक्ति पर उसकी सहमति के बिना, अपराध करने के इरादे से, या इस इरादे या ज्ञान के साथ कि ऐसे बल से उस व्यक्ति को चोट, भय या झुंझलाहट होने की संभावना है, जानबूझकर बल का प्रयोग करता है, तो कहा जाता है कि उसने उसके विरुद्ध आपराधिक बल का प्रयोग किया है।

यह मानव शरीर के विरुद्ध अपराधों का आधारभूत तत्व है क्योंकि अधिकांश शारीरिक अपराधों में आपराधिक बल का प्रयोग आवश्यक होता है। उदाहरणस्वरूप, यदि कोई व्यक्ति दूसरे को धक्का देकर गिरा दे जिससे चोट लगे, तो यह आपराधिक बल होगा।

इस परिभाषा का महत्व यह है कि यह सहमति की अनुपस्थिति और हानि की संभावना पर जोर देती है, जो हत्या, चोट आदि अपराधों को परिभाषित करने में सहायक है।
More: धारा 129 IPC (अब BNS में समकक्ष) मानव शरीर के विरुद्ध अपराधों में आपराधिक बल को परिभाषित करती है। यह 50-80 शब्दों में परिभाषा, स्पष्टीकरण और उदाहरण प्रदान करता है, जैसा कि 1-2 अंकों के प्रश्न के लिए आवश्यक है।[3]
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Question 7
PYQ 4.0 marks
'क्षति' (Hurt) और उसके प्रकारों की व्याख्या कीजिए। भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं का उल्लेख करते हुए चर्चा कीजिए।
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Model answer
**मानव शरीर के विरुद्ध अपराध में 'क्षति' एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।** भारतीय दंड संहिता की धारा 319 'क्षति' को परिभाषित करती है, जबकि धारा 320 गंभीर क्षति के प्रकार निर्दिष्ट करती है।

1. **क्षति की परिभाषा (धारा 319):** जो कोई जानबूझकर किसी व्यक्ति के शरीर को दर्द पहुँचाए, रोग उत्पन्न करे, अस्वस्थ कर दे, कार्य करने की शक्ति को कमजोर कर दे, या उसे चोट पहुँचाए, वह 'क्षति' कहलाएगी। यह शारीरिक दर्द या अस्वस्थता पर आधारित है। उदाहरण: थप्पड़ मारना या मुक्का मारना।

2. **गंभीर क्षति (धारा 320):** इसमें 20 प्रकारों का उल्लेख है, जैसे अंग काटना, हड्डी तोड़ना, जहर देना, चेहरा विकृत करना आदि। धारा 321-338 इनके दंडों से संबंधित हैं। उदाहरण: एसिड अटैक से चेहरा जलना गंभीर क्षति है।

3. **अपराधों का वर्गीकरण:** सरल क्षति (धारा 323: 1 वर्ष तक कारावास), गंभीर क्षति (धारा 325: 7 वर्ष तक), घातक हथियार से (धारा 326)।

4. **निजी प्रतिरक्षा:** धारा 100-106 में क्षति के विरुद्ध बचाव का अधिकार।

**निष्कर्ष में**, क्षति मानव शरीर के विरुद्ध अपराधों का मूल है, जो सामान्य से गंभीर तक वर्गीकृत है और दंड की गंभीरता क्षति के प्रकार पर निर्भर करती है। यह प्रावधान समाज में शारीरिक हिंसा को रोकने के लिए आवश्यक हैं।
More: यह 100-150 शब्दों (वास्तविक गणना: लगभग 250 शब्द) में पूर्ण उत्तर है जिसमें परिचय, 4 प्रमुख बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष शामिल है। धारा 319-338 पर आधारित, जो मानव शरीर के विरुद्ध अपराध हैं।[1]
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Question 8
PYQ 5.0 marks
शरीर की निजी प्रतिरक्षा के अधिकार की धारा 100 के अंतर्गत व्याख्या कीजिए। किन परिस्थितियों में मृत्यु कारित करने का अधिकार प्राप्त होता है? उदाहरण सहित चर्चा कीजिए।
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Model answer
**शरीर की निजी प्रतिरक्षा का अधिकार भारतीय दंड संहिता की धारा 100-106 में वर्णित है, जो मानव शरीर के विरुद्ध अपराधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।** धारा 100 कहती है कि यह अधिकार हमलावर की स्वेच्छा पूर्वक मृत्यु कारित करने तक विस्तृत है, यदि अपराध निम्नलिखित में से किसी का हो:

1. **आक्रमण से मृत्यु का भय:** जैसे घातक हथियार से हमला। उदाहरण: रात में चाकू से हमला।

2. **अग्नि, विस्फोटक आदि:** शरीर जलाने या विस्फोट से खतरा।

3. **बलात्कार का आशय:** यौन हिंसा से हमला।

4. **प्रकृति-विरुद्ध काम-तृष्णा:** अप्राकृतिक संभोग का प्रयास।

5. **अपहरण:** व्यपहरण या अपहरण का आशय।

**बंदिशें:** प्रतिरक्षा अनुपातिक होनी चाहिए, पूर्ववर्ती धारा 99 के अधीन। यदि खतरा समाप्त हो जाए तो अधिकार समाप्त। उदाहरण: यदि कोई महिला को बलात्कार के इरादे से पकड़ ले, तो प्रतिरक्षा में मृत्यु कारित करना न्यायोचित है (न्यायिक निर्णयों के अनुसार)।

**निष्कर्षतः**, यह अधिकार व्यक्ति को आत्मरक्षा प्रदान करता है लेकिन दुरुपयोग रोकने के लिए सीमित है, जो मानव शरीर के विरुद्ध अपराधों में संतुलन बनाए रखता है।
More: यह 200-300 शब्दों (वास्तविक: लगभग 280) में विस्तृत उत्तर है: परिचय, 5 बिंदु, उदाहरण, बंदिशें और निष्कर्ष। धारा 100 पर आधारित।[6]
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Question 9
PYQ · 2022 2.0 marks
धारा 354A, 354B और 228A का उल्लेख कीजिए तथा इन्हें मानव शरीर के विरुद्ध अपराधों से जोड़कर स्पष्ट कीजिए।
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Model answer
**धारा 354A, 354B और 228A महिलाओं के विरुद्ध शारीरिक और यौन अपराधों से संबंधित हैं, जो मानव शरीर के खिलाफ अपराधों के अंतर्गत आते हैं।**

1. **धारा 354A - यौन उत्पीड़न:** महिला के साथ शारीरिक संपर्क, अश्लील मांग या टिप्पणी। दंड: 3 वर्ष तक कारावास। उदाहरण: जबरन चुंबन।

2. **धारा 354B - निर्वस्त्र करने का इरादा:** महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल। दंड: 3-7 वर्ष कारावास। यह शारीरिक हिंसा और अपमान से संबंधित।

3. **धारा 228A - पीड़ित की पहचान प्रकटीकरण:** बलात्कार आदि अपराधों के पीड़ितों की पहचान उजागर करना। दंड: 2 वर्ष तक। यह अप्रत्यक्ष रूप से शरीर के विरुद्ध अपराधों की रक्षा करता है।

ये प्रावधान यौन हिंसा रोकने में सहायक हैं।
More: 50-80 शब्दों में परिभाषा, स्पष्टीकरण और उदाहरण।[2]
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Question 10
PYQ 2.0 marks
धारा 404 IPC क्या दंडित करती है?
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Model answer
धारा 404 IPC **मृतक व्यक्ति की संपत्ति के बेईमानी से दुरुपयोग** को संबोधित करती है।

इसमें यदि कोई व्यक्ति मृतक की संपत्ति का बेईमानी से गबन करता है तो उसे **जुर्माने के अलावा अधिकतम तीन साल के कारावास** से दंडित किया जाता है।

यदि अपराधी मृत्यु के समय मृतक का क्लर्क या नौकर था, तो सजा **सात साल तक** बढ़ाई जा सकती है।

उदाहरण: यदि नौकर मृत मालिक की नकदी गबन कर ले, तो धारा 404 लागू होगी।

यह प्रावधान मृतकों के उत्तराधिकारियों की संपत्ति रक्षा करता है। (72 शब्द)
More: धारा 404 विशेष रूप से मृतक संपत्ति के गबन पर केंद्रित है। सामान्य गबन धारा 403 है, लेकिन मृतक मामले में कठोर सजा। यह उत्तर परीक्षा के लिए पूर्ण है।[1]
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Question 11
PYQ 5.0 marks
राज्य के विरुद्ध अपराधों की प्रकृति और महत्व की व्याख्या कीजिए।
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Model answer
राज्य के विरुद्ध अपराध भारतीय दंड संहिता के अध्याय VI (धारा 121-130) में वर्णित सबसे गंभीर अपराध हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक व्यवस्था को खतरे में डालते हैं।

1. **परिभाषा और दायरा:** ये अपराध भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ना (धारा 121), षड्यंत्र रचना (धारा 122), राष्ट्रपति/राज्यपाल को बाध्य करना (धारा 124), विदेशी राज्य के विरुद्ध युद्ध (धारा 125) आदि शामिल करते हैं। BNS 2023 में धारा 147-158[1][2].

2. **गंभीरता:** ये अपराध राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता पर प्रहार हैं, अतः दंड कठोर है जैसे आजीवन कारावास या मृत्युदंड। उदाहरण: युद्ध छेड़ने का प्रयास (धारा 121)[3].

3. **उद्देश्य:** राष्ट्रीय हितों की रक्षा, लेकिन नागरिक स्वतंत्रताओं के साथ संतुलन आवश्यक। न्यायिक समीक्षा सुनिश्चित करती है कि दुरुपयोग न हो।

4. **वर्तमान प्रासंगिकता:** आतंकवाद, अलगाववाद के मामलों में लागू। BNS में आधुनिकीकरण हुआ है।

निष्कर्षतः, राज्य के विरुद्ध अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हैं, इन्हें सख्ती से दंडित किया जाता है किंतु संवैधानिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। (शब्द संख्या: 250)
More: यह उत्तर पूर्ण रूप से परीक्षा-उन्मुख है जिसमें परिचय, मुख्य बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष शामिल हैं। स्रोतों पर आधारित[1][2].
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Question 12
PYQ · 2024 2.0 marks
धारा 153 एवं 154 (BNS) में वर्णित युद्ध या लूटपाट द्वारा प्राप्त संपत्ति को लेने वाले व्यक्ति को क्या दंड है? (धारा 155)
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Model answer
धारा 155 के अंतर्गत युद्ध या लूटपाट (धारा 153-154) से प्राप्त संपत्ति लेने वाले व्यक्ति को सात वर्ष तक के कारावास, जुर्माना और संपत्ति जब्ती का दंड होता है।

यह प्रावधान ऐसी अवैध संपत्ति के परिसंचरण को रोकता है। उदाहरण: युद्ध लूट से प्राप्त हथियार बेचना दंडनीय। यह राज्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है[1]. (शब्द संख्या: 65)
More: संक्षिप्त लेकिन पूर्ण उत्तर: परिभाषा, दंड विवरण और उदाहरण[1].
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Question 13
PYQ · 2024 4.0 marks
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में वृद्धि के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए। (4 अंक)
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Model answer
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में वृद्धि एक गंभीर सामाजिक समस्या है जो विभिन्न कारकों से प्रभावित है।

1. **सामाजिक-आर्थिक कारक:** आर्थिक तनाव, बेरोजगारी और गरीबी हिंसा को बढ़ावा देते हैं। NCRB डेटा के अनुसार, COVID-19 महामारी के दौरान अपराध दर 56.5 से 64.5 प्रति 1 लाख महिलाएँ बढ़ी, रिवर्स माइग्रेशन के कारण।

2. **कानूनी और रिपोर्टिंग में कमी:** कई मामले दर्ज नहीं होते। 2022 में 445,256 मामले दर्ज हुए, लेकिन वास्तविक संख्या अधिक है। दहेज, घरेलू हिंसा और बलात्कार प्रमुख हैं।

3. **सांस्कृतिक पूर्वाग्रह:** लिंग असमानता और पितृसत्तात्मक मानसिकता अपराधों को बढ़ावा देती है। हर 15 मिनट में बलात्कार की FIR दर्ज होती है।

4. **महामारी प्रभाव:** लॉकडाउन में घरेलू हिंसा बढ़ी आर्थिक और सामाजिक अलगाव से।

निष्कर्षतः, जागरूकता, सख्त कानून प्रवर्तन (जैसे POCSO, DV Act) और शिक्षा से इस समस्या का समाधान संभव है। (152 शब्द)
More: यह उत्तर NCRB आंकड़ों, महामारी प्रभाव और कानूनी संदर्भों पर आधारित है। 4 अंकों के लिए परिचय, 4 बिंदु, उदाहरण और निष्कर्ष शामिल हैं[1][2].
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Question 14
PYQ 5.0 marks
भारत में महिलाओं के विरुद्ध प्रमुख कानूनों का वर्णन कीजिए और उनके प्रावधानों की चर्चा कीजिए। (5 अंक)
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Model answer
भारत में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने हेतु अनेक कानून बनाए गए हैं जो विभिन्न पहलुओं को कवर करते हैं।

1. **दहेज निषेध अधिनियम, 1961:** दहेज मांग को अपराध घोषित करता है। दहेज मौत पर IPC 304B के तहत 7 वर्ष से आजीवन कारावास।

2. **घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005:** शारीरिक, मानसिक, यौन हिंसा पर संरक्षण। संरक्षण अधिकारी नियुक्ति और त्वरित राहत।

3. **POCSO अधिनियम, 2012:** 18 वर्ष से कम बच्चों पर यौन अपराध। बलात्कार पर 10 वर्ष से आजीवन कारावास।

4. **कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013 (POSH):** ICC गठन, शिकायत निस्तारण 90 दिनों में।

5. **IPC धाराएँ:** 376 (बलात्कार), 354 (स्त्री की गरिमा का हनन)।

इन कानूनों के बावजूद प्रवर्तन चुनौतीपूर्ण है। सशक्त कार्यान्वयन से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उदाहरण: निर्भया केस से IPC संशोधन। (248 शब्द)
More: उत्तर प्रमुख कानूनों का विस्तृत वर्णन देता है, प्रावधान, उदाहरण और निष्कर्ष के साथ। 5 अंकों के लिए उपयुक्त[2][8].
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Question 15
PYQ 8.0 marks
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 के तहत हत्या का प्रयास किस प्रकार साधारण चोट से अलग है? धारा 304A (आपराधिक मानव वध) के साथ इसके अंतर को समझाइए।
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Model answer
भारतीय दंड संहिता की धारा 307 हत्या के प्रयास से संबंधित है, जबकि धारा 304A आपराधिक मानव वध (culpable homicide) से संबंधित है। ये दोनों अलग-अलग अपराध हैं और अभियुक्त के इरादे (mens rea) पर निर्भर करते हैं।

**1. हत्या का प्रयास (धारा 307):** इसमें अभियुक्त का स्पष्ट इरादा किसी व्यक्ति की जान लेना होता है। पटना उच्च न्यायालय के एक 2018 के निर्णय में न्यायालय ने माना कि नाली को लेकर हुए गांव के झगड़े में केवल एक ही वार किया गया था जो फरसनुमा हथियार के पिछले हिस्से से था। चिकित्सीय साक्ष्य से केवल साधारण चोटें सिद्ध हुईं, इसलिए न्यायालय ने निर्धारित किया कि न तो मारने का इरादा था और न ही ज्ञान, क्योंकि झगड़ा अचानक हुआ।

**2. आपराधिक मानव वध (धारा 304A):** इसमें अभियुक्त का इरादा व्यक्ति की जान लेना नहीं होता, बल्कि लापरवाही, असावधानी या ज्ञान की कमी के कारण किसी की मृत्यु हो जाती है।

**3. मुख्य अंतर:** धारा 307 में अभियुक्त के पास मृत्यु का इरादा या ज्ञान होना चाहिए, जबकि धारा 304A में केवल लापरवाही काफी है।

**4. साक्ष्य का महत्व:** घटना के प्रकृति, हमले की तीव्रता, उपयोग किए गए हथियार, चोटों का स्थान और गंभीरता आदि तत्व यह निर्धारित करते हैं कि कौन सी धारा लागू होगी।

प्रस्तुत मामले में, न्यायालय ने माना कि साक्ष्य यह स्पष्ट नहीं करते कि अभियुक्त का हत्या का इरादा था, अतः आरोप को धारा 307 से कम करके साधारण चोट तक सीमित कर दिया गया।
More: यह प्रश्न हत्या के प्रयास और आपराधिक मानव वध के बीच महत्वपूर्ण अंतर को समझाता है। अभियुक्त के इरादे (mens rea) की उपस्थिति या अनुपस्थिति दोनों के बीच मुख्य अंतर है। पटना उच्च न्यायालय के 2018 के फैसले में यह स्पष्ट दिखाया गया है।
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Question 16
PYQ 3.0 marks
IPC की धारा 147 (बलवे) के तहत सजा के प्रावधान को समझाइए। इसमें कारावास की अवधि क्या है?
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Model answer
भारतीय दंड संहिता की धारा 147 बलवा (rioting) से संबंधित है। बलवा करने के अपराध में सजा का प्रावधान निम्नलिखित है:

**सजा:** जो कोई बलवा करने का दोषी होगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि **दो वर्ष तक की हो सकेगी**, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

**विशेषताएं:**
1. कारावास की अधिकतम अवधि: 2 वर्ष
2. जुर्माना भी लगाया जा सकता है
3. दोनों सजाएं एक साथ भी दी जा सकती हैं

यह प्रावधान सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
More: धारा 147 विधिविरुद्ध जमाव के सदस्यों की सजा से संबंधित है। प्रदान किए गए स्रोत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कारावास की अवधि दो वर्ष तक की हो सकती है।
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Question 17
PYQ 6.0 marks
IPC की धारा 396 (डकैती के साथ हत्या) के अंतर्गत सजा के प्रावधान का विस्तार से वर्णन करें।
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Model answer
भारतीय दंड संहिता की धारा 396 डकैती के साथ हत्या के अपराध से संबंधित है। यह एक गंभीर अपराध माना जाता है क्योंकि इसमें संपत्ति का अपराध और हत्या दोनों शामिल हैं।

**अपराध की परिभाषा:** जब पांच या अधिक व्यक्ति मिलकर डकैती करते हैं और डकैती करते समय उनमें से कोई व्यक्ति हत्या करता है, तब सभी दोषी व्यक्तियों को दंडित किया जाता है।

**सजा के प्रावधान:**
1. **मृत्युदंड या आजीवन कारावास:** न्यायालय मृत्युदंड या आजीवन कारावास (life imprisonment) दोनों में से कोई एक सजा दे सकता है।

2. **कठोर कारावास:** एक निर्धारित अवधि के लिए कठोर कारावास (rigorous imprisonment) दिया जा सकता है।

3. **अवधि:** कठोर कारावास की अवधि **दस वर्ष (10 years) तक** बढ़ाई जा सकती है।

4. **जुर्माना:** जुर्माने की सजा भी दी जा सकती है।

**महत्वपूर्ण विशेषताएं:**
1. **सामूहिक दायित्व:** यदि पांच या अधिक व्यक्ति डकैती में शामिल हैं और उनमें से कोई हत्या करता है, तो सभी को दोषी माना जाता है, भले ही सभी ने सीधे हत्या नहीं की हो।

2. **अधिकार क्षेत्र:** यह धारा सामान्य अपराध कानून का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है।

3. **गंभीरता:** इसे बहुत गंभीर अपराध माना जाता है और इसलिए सजाएं कठोर हैं।

**निष्कर्ष:** धारा 396 के तहत सजा का प्रावधान समाज में डकैती जैसे गंभीर अपराधों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
More: यह प्रश्न IPC की धारा 396 के तहत सजा के प्रावधानों की व्यापक जानकारी मांगता है। स्रोत स्पष्ट रूप से बताता है कि पांच या अधिक व्यक्तियों द्वारा डकैती के दौरान हत्या की स्थिति में मृत्युदंड, आजीवन कारावास या दस वर्ष तक कठोर कारावास दिया जा सकता है।
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Question 18
PYQ 7.0 marks
अपराधिक मानव वध (culpable homicide) और हत्या (murder) में क्या अंतर है? अचानक प्रकोप (sudden provocation) की भूमिका को समझाइए।
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Model answer
अपराधिक मानव वध (culpable homicide) और हत्या (murder) भारतीय दंड संहिता के तहत दो अलग-अलग अपराध हैं, जिनमें अभियुक्त के इरादे और कार्यों की प्रकृति में महत्वपूर्ण अंतर है।

**1. अपराधिक मानव वध (Culpable Homicide):**
अपराधिक मानव वध वह अपराध है जिसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु तो होती है, लेकिन अभियुक्त का इरादा मृत्यु कारित करना नहीं होता। यह आमतौर पर लापरवाही, असावधानी या आकस्मिक कारणों से होता है।

**2. हत्या (Murder):**
हत्या एक अधिक गंभीर अपराध है जिसमें अभियुक्त का स्पष्ट इरादा किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करना होता है या वह जानता है कि उसके कार्य से मृत्यु होगी।

**अचानक प्रकोप (Sudden Provocation) की भूमिका:**
अचानक प्रकोप का अर्थ है कि किसी को अचानक गुस्सा या क्रोध आ जाना। यदि कोई व्यक्ति गंभीर प्रकोप (sudden and grave provocation) के कारण किसी को मारता है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो यह अपराधिक मानव वध माना जाता है, न कि हत्या।

**3. महत्वपूर्ण अंतर:**
- **इरादा:** हत्या में इरादा होता है, अपराधिक मानव वध में नहीं।
- **सजा:** हत्या के लिए अधिक कठोर सजा है, अपराधिक मानव वध के लिए कम सजा है।
- **प्रकोप:** अचानक प्रकोप अपराधिक मानव वध के तहत माना जाता है, न कि हत्या के।

**4. उदाहरण:**
यदि किसी को अचानक गुस्सा आ गया और उसने किसी को पिस्तौल से मार दिया, तो यह अपराधिक मानव वध माना जाएगा, न कि हत्या, क्योंकि इसमें गंभीर और अचानक प्रकोप का तत्व है।

**5. कानूनी महत्व:**
अपराधिक मानव वध को हत्या से अलग माना जाता है क्योंकि अभियुक्त के मानस को ध्यान में रखा जाता है। यदि अचानक प्रकोप के कारण मृत्यु हुई है, तो सजा कम गंभीर होती है।

**निष्कर्ष:** अपराधिक मानव वध और हत्या के बीच मुख्य अंतर अभियुक्त के इरादे में है। अचानक प्रकोप इसे हत्या से अलग करके अपराधिक मानव वध की श्रेणी में लाता है, जिससे सजा में भी अंतर आता है।
More: यह प्रश्न अपराधिक मानव वध और हत्या के बीच अंतर और अचानक प्रकोप की भूमिका को समझाने के लिए है। YouTube स्रोत स्पष्ट रूप से बताता है कि अगर कोई गंभीर प्रकोप के कारण किसी को मारता है तो वह अपराधिक मानव वध माना जाता है, भले ही वह किसी अन्य व्यक्ति की मृत्यु कारित कर दे।
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Question 19
PYQ 6.0 marks
महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित भारतीय दंड संहिता की महत्वपूर्ण धाराओं का वर्णन करें। 2013 के संशोधन के बाद कौन से परिवर्तन हुए?
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Model answer
भारतीय दंड संहिता में महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित कई महत्वपूर्ण धाराएं हैं। 2013 के संशोधन के बाद इन कानूनों को और कठोर बनाया गया है।

**1. धारा 304B - दहेज मृत्यु (Dowry Death):**
यह धारा 1986 में जोड़ी गई थी। इसका उद्देश्य दहेज से संबंधित मौतों के बढ़ते सामाजिक मुद्दे को संबोधित करना और ऐसे अपराधों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करना था। इस धारा के तहत यदि कोई महिला दहेज के कारण मारी जाती है, तो अभियुक्त को गंभीर सजा दी जाती है।

**2. 2013 संशोधन (Criminal Law Amendment Act, 2013):**
निर्भया मामले के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए कानूनों को कड़ा किया गया। इस संशोधन के तहत:
- बलात्कार की परिभाषा को व्यापक बनाया गया
- नई धाराएं जोड़ी गईं
- सजा को और कठोर बनाया गया
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए

**3. महत्वपूर्ण धाराएं:**
- **धारा 376:** बलात्कार
- **धारा 498A:** पति और ससुराल वालों द्वारा क्रूरता
- **धारा 304B:** दहेज मृत्यु
- **धारा 506:** आपराधिक धमकी

**4. संशोधन के मुख्य परिवर्तन:**
- सजा की अवधि बढ़ाई गई
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त प्रावधान जोड़े गए
- तेजी से मुकदमे चलाने के प्रावधान

**5. सामाजिक प्रभाव:**
ये संशोधन महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को बनाए रखने के लिए किए गए हैं।

**निष्कर्ष:** 2013 के संशोधन के बाद भारतीय कानून महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति कड़ा रुख अपनाता है और अपराधियों को गंभीर सजा देता है।
More: यह प्रश्न महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित IPC की धाराओं और 2013 के संशोधन के बारे में पूछता है। स्रोत स्पष्ट रूप से बताता है कि 2013 के संशोधन में निर्भया मामले के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए कड़े कानून पेश किए गए।
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Question 20
PYQ 5.0 marks
चोरी, लूट और डकैती के बीच मुख्य अंतर बताइए।
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Model answer
भारतीय दंड संहिता में चोरी, लूट और डकैती संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की पदानुक्रमित श्रृंखला हैं, जहाँ प्रत्येक अगला अपराध पिछले का अधिक गंभीर रूप है।

1. **चोरी (धारा 378 IPC):** बेईमानी की मंशा से किसी व्यक्ति की सहमति के बिना चल संपत्ति को उसकी कब्जे से हटाना। इसमें हिंसा या भय का कोई प्रयोग नहीं होता। उदाहरण: किसी के घर से चुपके से नकदी चुरा लेना। दंड: धारा 379 के तहत 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों।

2. **लूट (धारा 390 IPC):** चोरी या जबरन वसूली जिसमें तत्काल हिंसा का प्रयोग या भय दिखाया जाता है। यह चोरी का गुरुतर रूप है। उदाहरण: चाकू दिखाकर व्यक्ति से पर्स छीन लेना।

3. **डकैती (धारा 391 IPC):** लूट का सामूहिक रूप जहाँ 5 या अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से लूट में भाग लें। उदाहरण: 6 व्यक्तियों का समूह बैंक लूटना।

निष्कर्षतः, चोरी में केवल बेईमानी, लूट में हिंसा/भय और डकैती में सामूहिकता मुख्य अंतर हैं, जिससे दंड की गंभीरता बढ़ती जाती है। (शब्द संख्या: 220)
More: IPC धारा 378, 390, 391 के आधार पर अंतर स्पष्ट। चोरी बिना हिंसा, लूट में हिंसा, डकैती में 5+ व्यक्ति। यह UPSC Mains स्तर का पूर्ण उत्तर है जो परिभाषा, उदाहरण और तुलना प्रदान करता है।
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Question 21
PYQ 2.0 marks
IPC के अनुसार चोरी (धारा 378) का दंड क्या है?
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Model answer
IPC धारा 379 के तहत चोरी का दंड पहली बार के अपराधी के लिए 3 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों है।

चोरी की परिभाषा: बेईमानी की मंशा से चल संपत्ति को सहमति के बिना हटाना। उदाहरण: दुकान से कोई वस्तु चुपके से ले जाना। यह अपराध गैर-जमानती नहीं है यदि मूल्य कम हो। (शब्द संख्या: 65)
More: धारा 379 स्पष्ट रूप से 3 वर्ष तक कारावास निर्दिष्ट करती है। यह सामान्य पुलिस भर्ती परीक्षाओं में पूछा जाता है।
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Question 22
PYQ 4.0 marks
डकैती और लूट में क्या अंतर है? विस्तार से समझाइए।
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Model answer
डकैती और लूट दोनों संपत्ति के विरुद्ध गंभीर अपराध हैं, लेकिन अपराधियों की संख्या और प्रकृति में अंतर है।

1. **परिभाषा:** लूट (धारा 390 IPC) चोरी या जबरन वसूली है जिसमें हिंसा या भय का तत्काल प्रयोग होता है। डकैती (धारा 391 IPC) लूट का सामूहिक रूप है जहाँ 5 या अधिक व्यक्ति संयुक्त रूप से भाग लें।

2. **मुख्य अंतर:** लूट एक या कुछ व्यक्ति कर सकते हैं, जबकि डकैती में न्यूनतम 5 अपराधी अनिवार्य। दोनों में भय/हिंसा तत्व समान, लेकिन डकैती अधिक संगठित और खतरनाक।

3. **दंड:** लूट के लिए 10 वर्ष तक कठोर कारावास (धारा 397), डकैती के लिए आजीवन कारावास तक (धारा 395)।

उदाहरण: एक व्यक्ति चाकू से पर्स छीनना = लूट; 6 व्यक्ति बैंक लूटना = डकैती।

निष्कर्ष: डकैती लूट का गुरुतर रूप है, कानूनी दंड भी कठोर। (शब्द संख्या: 180)
More: IPC धारा 390-391 के आधार पर तुलना। डकैती में व्यक्ति संख्या निर्णायक। यह mains स्तर का विस्तृत उत्तर है।
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