Quick recall · 297 cards
Short MCQ-style retrieval prompts. Tap a card to reveal the answer.
PYQ
Tap to reveal →
IPC को कितने अध्यायों में विभाजित किया गया है?
B · 23
PYQ
Tap to reveal →
IPC की धारा 300 के अंतर्गत किस अपराध को परिभाषित किया गया है?
A · हत्या
PYQ · 2023
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में सामान्य अपवादों को किस अध्याय में वर्णित किया गया है?
B · अध्याय IV
PYQ · 2023
Tap to reveal →
निम्नलिखित सामान्य अपवादों को IPC की धाराओं के क्रम में व्यवस्थित कीजिए: 1. शैशवावस्था, 2. दुर्घटना, 3. तथ्य की गलती, 4. सहमति
A · 3-1-4-2
IPC के सामान्य अपवाद अध्याय IV में इस क्रम में हैं: धारा 76 (तथ्य की गलती)-3, धारा 82-83 (शैशवावस्था)-1, धारा 87 (सहमति)-4, धारा 80 (दुर्घटना)-2। सही क्रम 3-1-4-2 है जो विकल्प A दर्शाता है।[1][3]
PYQ · 2023
Tap to reveal →
IPC धारा 94 के अंतर्गत धमकी से बाध्य होकर किया गया कार्य कब अपवाद बनता है?
B · जब तुरंत चोट का भय हो
धारा 94 उन कार्यों के लिए प्रतिरक्षा प्रदान करती है जो धमकियों के दबाव में किए जाते हैं जिससे व्यक्ति को विश्वास होता है कि यदि वह कार्य नहीं करता तो उसे तुरंत चोट पहुंचेगी। विकल्प B सही।[3]
PYQ · 2023
Tap to reveal →
धारा 353 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कौन सा अपराध आता है?
A. लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल
B. गंभीर चोट पहुंचाना
C. अपहरण
D. बलात्कार
A · लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल
PYQ · 2024
Tap to reveal →
BNS की धारा 111 के अंतर्गत संगठित अपराध के कारण मृत्यु होने पर अधिकतम सजा क्या है?
A. 7 वर्ष तक का कारावास
B. 10 वर्ष का कारावास
C. आजीवन कारावास
D. मृत्युदंड या आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख जुर्माना
D · मृत्युदंड या आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख जुर्माना
PYQ
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत चोरी के लिए क्या सजा का प्रावधान है?
B · अधिकतम तीन वर्ष का कारावास, या जुर्माना, या दोनों
PYQ
Tap to reveal →
आईपीसी की धारा 403 के तहत संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग करने वाले को क्या सजा दी जाएगी?
C · दो वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों
PYQ
Tap to reveal →
धारा 399 IPC के तहत अपराध के लिए पर्याप्त सजा क्या है?
A · सात वर्ष तक का कठोर कारावास
धारा 399 IPC डकैती की योजना बनाने वाले गिरोह के लिए है, जिसमें **सात वर्ष तक का कठोर कारावास** की सजा हो सकती है। यह संपत्ति के विरुद्ध गंभीर अपराधों की श्रेणी में आता है। सही विकल्प A है।[2]
PYQ
Tap to reveal →
आईपीसी की धारा 410 क्या परिभाषित करती है?
A · चोरी की संपत्ति
धारा 410 IPC **चोरी की संपत्ति** से संबंधित है। यदि संपत्ति चोरी, डकैती या जबरन वसूली से प्राप्त की गई हो तो उसे चोरी की संपत्ति माना जाता है। सही उत्तर A है।[2]
PYQ
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में सबसे बड़ा अपराध कौन सा माना जाता है?
C · डकैती
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में **डकैती** को सबसे बड़ा अपराध माना जाता है क्योंकि इसमें हिंसा और हथियारों का उपयोग शामिल होता है (धारा 391 IPC)। यह चोरी का उग्र रूप है। सही विकल्प C है।[4]
PYQ
Tap to reveal →
धारा 378 से 462 IPC तक कौन सा अध्याय कवर किया गया है?
A · संपत्ति के विरुद्ध अपराध
**दंड संहिता के चैप्टर 17 (धारा 378 से 462) संपत्ति के विरुद्ध विभिन्न प्रकार के अपराधों** को कवर करता है। यह मुख्य अध्याय है। सही उत्तर A है।[4]
PYQ · 2023
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता, 1860 में राज्य के विरुद्ध अपराधों से संबंधित कौन सा अध्याय है?
B · अध्याय 6
PYQ · 2022
Tap to reveal →
IPC की धारा 121 किससे संबंधित है?
B · भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ना
धारा 121 भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने, प्रयास करने या उकसाने से संबंधित है। दंड: आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना। यह राज्य के विरुद्ध सबसे प्रथम अपराध है[2][3].
PYQ · 2024
Tap to reveal →
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) में राज्य के विरुद्ध अपराध किन धाराओं में वर्णित हैं?
B · धारा 147-158
BNS 2023 के अध्याय VII में धारा 147 से 158 तक राज्य के विरुद्ध अपराध शामिल हैं, जो IPC के अध्याय 6 के समकक्ष हैं[1].
PYQ
Tap to reveal →
धारा 121 के अंतर्गत दंडनीय अपराध करने की साजिश रचने या केंद्र/राज्य सरकार को आपराधिक बल से डराने का षड्यंत्र करने पर क्या दंड है? (BNS धारा 147 के समकक्ष)
B · आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना
भारत के अंदर या बाहर धारा 147 (IPC 121) के अपराध की साजिश या सरकार को डराने का षड्यंत्र करने पर आजीवन कारावास, या 10 वर्ष तक कारावास और जुर्माना[1][4].
PYQ · 2023
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सा अधिनियम महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण प्रदान करता है?
B · महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005
PYQ · 2023
Tap to reveal →
NCRB के अनुसार, वर्ष 2022 में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों की संख्या कितनी थी?
B · 445,256
PYQ
Tap to reveal →
IPC की कौन सी धारा 16 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ बलात्कार के लिए 20 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान करती है, जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकता है?
B · धारा 65(1)
PYQ
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति में अपराधिक मानव वध की बजाय हत्या मानी जाएगी?
B · B) सोच-समझकर किसी को मारने का इरादा रखकर उसे मारना
PYQ · 2023
Tap to reveal →
काकोरी काण्ड एक रेलगाड़ी डकैती थी, जो काकोरी और लखनऊ के बीच किस वर्ष में हुई थी?
A. 1920
B. 1923
C. 1925
D. 1928
C · 1925
काकोरी काण्ड 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास हुआ था, जिसमें हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी ने ट्रेन से लगभग 1 लाख रुपये चुराए थे। यह डकैती का ऐतिहासिक उदाहरण है। विकल्प C सही है क्योंकि यह घटना 1925 की है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता (IPC) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
A · 1860
भारतीय दंड संहिता (IPC) की स्थापना वर्ष 1860 में हुई थी।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में कुल कितने अध्याय हैं?
B · 24
IPC में कुल 24 अध्याय होते हैं जो विभिन्न अपराधों को समाहित करते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में "धारा" का सबसे महत्वपूर्ण कार्य क्या है?
B · नियम का एक खंड
धारा IPC की एक इकाई होती है जो क़ानून के नियम या उपबन्ध को दर्शाती है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के किस हिस्से में अपराधों को अनुच्छेदों (Sections) द्वारा वर्गीकृत किया गया है?
B · भाग प्रथम
IPC के भाग प्रथम में अपराधों को अनुच्छेदों द्वारा निर्दिष्ट किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के तहत किसी अपराध में 'actus reus' शब्द का क्या अर्थ है?
B · अपराध की वस्तु या कृति
'actus reus' का अर्थ है अपराध की वस्त्विक कृति या अपराधी क्रिया।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में 'mens rea' से तात्पर्य क्या है?
B · आपराधिक मानसिकता या इरादा
'mens rea' का मतलब है आपराध का मानसिक तत्व या दोषपूर्ण मनोदशा।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन अपराध के घटकों में शामिल नहीं है?
C · प्रमाणित सजा
आपराध के घटक कृत्य (actus reus), इरादा (mens rea) तथा कानूनी पुष्टि होते हैं, सजा अपराध का घटक नहीं है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में अपराध की परिभाषा किस अध्ययन में दी गई है?
A · धारा 2
धारा 2 में IPC में प्रयोज होने वाले शब्दों की समान्य परिभाषाएं दी गई हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के किसी अध्याय में अपराधों की श्रेणियाँ विश्तारित रूप से वर्णित हैं?
C · अध्याय 4
अध्याय 4 में अपराधों के वर्गीकरण और दोशी तत्वों जाने के नियम दिए गए हैं।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुसार, निम्न में से कौन अपराध का एक अपरिहार्य घटक है?
B · आपराधिक का दोषी मनोदशा
आपराधिक का दोषी मनोदशा यानी mens rea अपरिहार्य सशब्दक करने का महत्वपूर्ण घटक है।
Question bank
Tap to reveal →
भौतिक दंड संहिता के भुगोँ में से कौन सा भाग अपराधों के समान्य प्रावधानों से संबन्धित है?
C · भाg तृतीय
भाg तृतीय में अपराधों के समान्य प्रावधान तथा उक्त दंड का वर्णन है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन 'समान्य अपराध' की परिभाषा में आता है?
A · हत्याः
हत्या IPC के तहत एक गंभीर समान्य अपराध है जिसकी अधिक अल्प श्रेणीयों में आते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भाg तीय दंड संहिता में IPC के किस प्रावधान के अंतर्गत अपराधों के विरुद्ध दंड निर्धारण होता है?
C · धारा 11
धारा 11 में अपराध व दंड का निर्धारण किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में "सजा" का अर्थ क्या है?
B · कानूनी दंड
"सजा" का अर्थ IPC में अपराध के लिए निर्धारित कानूनी दंड होता है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुसार कौन सी क्रिया कब 'अपराधी' माना जाता है?
C · जब उसे अपराध किया हो और दोषी मानसिकता भी हो
अपराधी तभी माना जाता है जब क्रिया (actus reus) और दोषी मानसिकता (mens rea) दोनों हों।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 300 आईपीसी किस विषय से संबंधित है?
A · हत्या की प्रवृत्ति
धारा 300 में हत्या की प्रवृत्ति दी गई है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में 'बलवा' की प्रवृत्ति किस धारा में वर्णित है?
B · धारा 146
बलवा की प्रवृत्ति धारा 146 के अंतर्गत आती है।
Question bank
Tap to reveal →
नीचे दिए गए विकल्पों में से किसे IPC में अपराध के घटकों में नहीं जाना जाता?
C · confession
अपराध के घटक actus reus, mens rea और कानूनी कर्तव्य होते हैं, confession घटक नहीं है।
Question bank
Tap to reveal →
भावनात्मक दण्ड संहिता की धारा 375 किस विषय को प्रतिबिंबित करती है?
B · बलात्कार
धारा 375 IPC में बलात्कार की प्रवृत्ति दी गई है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के भागों (Parts) में अपराध किस भाग में वर्गीकृत हैं?
A · भाग प्रथम्
भाग प्रथम् में अपराधों का वर्गीकरण किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुुसार अपराध में 'कुंठा' का क्या महत्व है?
A · यह अपराध का मानसिक तत्व है
'कुंठा' यानि mens rea अपराध का मानसिक तत्व है जो अपराधी इरादे को दर्शाता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता (IPC) में ‘सजा’ का अनुमान किस आधार पर लगाया जाता है?
A · अपराध की गंभीरता पर
सजा का निर्धारण अपराध की गंभीरता, परिस्थिति एवं अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार होता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की किस धारा में अपराध के लिए समान्य प्रतिबंध दिए गए हैं?
B · धारा 2
धारा 2 में IPC के समान्य शर्तों एवं पदों की प्रतिबंधाएँ दी गई हैं।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अंतर्गत अपराध करने वाले को किस प्रकार के दंड दिए जा सकते हैं?
A · मृत्यु दंड, आजीवन कारावास, जुर्माना, बंदी
IPC में अपराध के अनुसार मृत्यु दंड, आजीवन कारावास, जुर्माना या अन्य प्रकार की सजा निर्धारित की गई है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 84 IPC किस स्थिति में अपराध को दोषमुक्त प्रदाता करती है?
A · मानसिक विकृति के कारण अपराध किया हो
धारा 84 के अनुसार मानसिक विकृत की स्थिति में अपराधी दोषमुक्त हो सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में 'प्रारंभिक दोष' (Initial fault) किसे कहा जाता है?
A · मन में अपराध करने का इरादा
प्रारंभिक दोष का अर्थ है अपराध करने का दोषपूर्ण मानसिक इरादा।
Question bank
Tap to reveal →
ध्रुव की पुनरावृत्ति से पहले IPC द्वारा कौन सा प्रावधान है?
A · धारा 299
धारा 299 में हत्या की मूल परिभाषा दी गई है जो धारा 300 द्वारा विस्तृत की जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य IPC में अपराध की परिभाषा में शामिल है?
A · कृत्य, इरादा और कानूनी कारण
अपराध की परिभाषा में कृत्य (actus reus), इरादा (mens rea) और कानूनी कारण (unlawfulness) शामिल हैं।
Question bank
Tap to reveal →
अपराध में ‘कानूनी कारण’ का क्या महत्व है?
B · अपराध की वैधता को नकारता है
कानूनी कारण वह होता है जो कृत्य को अवैध होने से बचाता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 300 के अंतर्गत हत्या किस प्रकार वर्गीकृत है?
A · सरल हत्या
धारा 300 में हत्या को सरल हत्या के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
भौतिकीय दण्ड संहिता में अपराध को सज़ा के लिए किन मुख्य तत्वों के आधार पर निर्धारित किया जाता है?
A · कृत्य, दोष, दंड
अपराध का निर्धारण कृत्य (actus reus), दोषपूर्ण मनोस्थिति (mens rea) और दंडनीय अवैधता के आधार पर किया जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सा IPC के अनुसार अपराध के घटक नहीं है?
C · साक्ष्य
साक्ष्य अपराध का घटक नहीं है, जबकि actus reus, mens rea और अवैधता अपराध के मुख्य घटक हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता (IPC) की समान्य परिस्थिति के अनुसार, "अपरााध" का अर्थ क्या है?
नीचे चित्र में IPC की समान्य परिस्थितियां दर्शायी गई हैं।
A · कानूनी दंडनीय कृत्य जो कानूनी द्वाराअपराध माना जाता है
IPC में अपराध का आशय है वह कृत्य जो कानूनी द्वारादंडनीय घोषित किया गया हो। नैतिक या सामाजिक गलतियों को अपराध नहीं माना जाता। इसलिए कानूनी में अपराध न हो तो वह अपराध नहीं होता।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की धारा 299 के अनुसार 'हत्या' की परिभाषा क्या है?
नीचे चित्र जिनमें हत्या से संबन्धित प्रमुख धारणाएँ संलग्न हैं।
A · जान-बूझकर किसी व्यक्ति की हत्या करना
धारा 299 में हत्या का अर्थ है जानबूझकर या इरादे से किसी व्यक्ति की मृत्यु कराना।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, अपराध की 'कहानी' के अंग कौन-कौन से हैं?
IPC की समान्य परिस्थितियों की सूची देखें।
C · अपराधिक मनोदशा, कृत्य और परिणाम
अपराध की कहानियों (अंग) में अपराध की मानसिकता (वृत्ति), कृत्य (शरीर क्रिया), तथा इसके परिणाम शामिल होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की धारा 52 तक के अध्ययमों के अनुसार "दंड" का क्या अर्थ है?
नीचे उनकी परिस्थितियों के साथ तालिका देखें।
A · अपराध के लिए दी जाने वाली सजा जो वैधता से प्राप्त हो
धारा 52 में दंड को अपराध के लिए कानूनी रूप से निर्धारित सजा के रूप में परिभाषित किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में "बलवा" की परिभाषा क्या है?
चित्र में विविध सामाजिक апراाधों की परिभाषाएँ प्रदर्शित हैं।
A · जिन्हां दस या उससे अधिक लोगों का एक सशस्त्र समूह से इकठ्ठा होना
धारा 146 में बलवा का अर्थ होता है जब दस या उससे अधिक लोग हथियारों के साथ एक स्थान पर इकठ्ठा होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुसार, अपराध के लिए न्यायदाय की क्या भूमिका होती है?
IPC की अवधारणा और न्यायदायों के संबंध में विवेचन।
A · अपराध की जाँच करना और दंड निर्धारित करना
न्यायदाय अपराध की जाँच करता है, आरोप को न्याय प्रदान करता है और यदि दोषी पाया जाए तो दंड भी तय करता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 300 IPC किस प्रकार के अपराध को प्रिभाषित करती है?
Refer to diagram जिसमे धारा 300 से जुड़े अपराधों का वर्गीकरण है।
A · हत्या (मर्डर)
धारा 300 में हत्या का अर्थ और परिभाषा दी गई है, जो जानबूझकर किसी की हत्या करने का अपराध है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "साधारण चोट" और "गंभीर चोट" में क्या मुख्य अंतर है?
Refer to diagram में दोनों चोटों के तत्व दिए गए हैं।
A · साधारण चोट में कार्य को स्थायी नुक़सान नहीं होता, जबकि गंभीर चोट में होता है
IPC के अनुसार साधारण चोट मामूली चोट होती है जो स्थायी नुकसान नहीं करती, जबकि गंभीर चोट में स्थायी या गंभीर नुकसान होता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 420 IPC किस प्रकार के अपराध को परिभाषित करती है?
Refer to IPC की समान्य धारणाओं के साथ।
A · धोखाधड़ी (फ्रॉड) और विश्वासघात
धारा 420 IPC धोखाधड़ी और विश्वासघात के अपराध को परिभाषित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुसार, "डकैती" का अर्थ क्या है?
Refer to diagram जिसमें साधारण डकैती और हथियारों वाली डकैती के बीच फर्क बताया गया है।
A · हतियार के साथ चोरी
डकैती का आशय है जब चोरी के साथ हिंसात्मक हथियारों का प्रयोग किया जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में अपराध की मंशा (वृत्ति) को किस प्रकार परिभाषित किया गया है?
IPC में अपराध की परिभाषा के Sath संबंधित मनोवैज्ञानिक तत्व।
A · किसी कृत्य को जान-बूझ कर या इरादे से करना
अपराध के लिए आवश्यक है कि कृत्य जानबूझकर और अपराधिक इरादे से किया गया हो, जिसे वृत्ति कहा जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारी दंड संहिता में 'बलात्कार' की परिभाषा किस धारा में दी गई है?
IPC की विविधान धाराओं में से एक।
A · धारा 375
बलात्कार की परिभाषा धारा 375 में स्पष्ट रूप से दी गई है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अंतर्गत दंड का उद्देश्य क्या है?
IPC में दंड के प्रकार और उद्देश्य।
A · अपराध से रोकथाम और पुनर्वास
IPC में दंड अपराध की पुनरावृत्ति को रोकने और समाज में सुधार लाने का साधन होता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 378 IPC किस प्रकार के अपराध से संबंधित है?
IPC के चारों संबंधित अपराध।
A · चोरी
धारा 378 में चोरी के अपराध की परिभाषा दी गई है।
Question bank
Tap to reveal →
अपराध के सिद्धांत के अनुसार, किन तीन तत्वों का होना आवश्यक है?
जिनमें अपराध के तत्व दर्शाए गए हैं।
A · क्रिया, वृत्ति, और परिणाम
अपराध सिद्धांत के अनुसार क्रिया (actus reus), वृत्ति (mens rea), और परिणाम (consequence) आवश्यक तत्व हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 147 का प्रयोजन IPC में किस अपराध के लिए किया जाता है?
Refer to diagram में बलवा संबंधी धाराएं।
A · बलवा
धारा 147 में बलवा के अपराध की परिभाषा और दंड दिया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुसार, दंड के कौन से प्रकार होते हैं?
Refer to diagram में दंड के वर्गीकरण की तालिका।
A · कैद, जुर्माना, और दोनों
IPC में दंड के तीन मुख्य प्रकार होते हैं - कैद (सजा), जुर्माना, या दोनों का संयोजन।
Question bank
Tap to reveal →
एस.आई.पी.सी. में अपराधों को कितने वर्गों में विभाजित किया गया है?
Refer to diagram में अपराध वर्गीकरण।
A · दो वर्ग: अपरादिक अपराध और धीवानी अपराध
IPC में मुख्य अपराधों को दो प्रमुख वर्गों में बांटा गया है- अपराध जो धीवानी प्रकृति के होते हैं और अपराध जो दंडात्मक होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 295 IPC किस प्रकार की कृत्यों को संबोधित करती है?
Refer to diagram में धार्मिक भावनाओं से संबन्धित अपराध।
A · धार्मिक स्थलों का अपमान
धारा 295 धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने वाले कृत्यों को दंडित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
क्या IPC की धारा 84 में किसी मानसिक रोगी को अपराध से मुक्ति किया जाता है?
Refer to diagram में मानसिक रोगी की निर्धामुक्ति के नियम।
A · हाँ, यदि वह अपराध के समय मानसिक विक्षिप्तता में था
धारा 84 के अनुसार, मानसिक रोगी को तब तक अपराध के लिए जिम्मेदार नहीं माना जाता जब तक कि वह अपराध के समय मानसिक विक्षिप्तता के प्रभाव में हो।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 375 IPC के अंतर्गत "बलात्कार" के लिए कौन सा तत्व आवश्यक नहीं है?
चित्र में बलात्कार के अवयव दिखाए गए हैं।
A · पीड़ित की सहमति
बलात्कार के अपराध के लिए पीड़ित की सहमति का अभाव ज़रूरी है, पूरी हो तो इसे बलात्कार नहीं कहा जाएगा।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 34 IPC का अर्थ क्या है?
चित्र में آپराधिक प्रयास की व्याख्या की गई है।
A · सामूहिक अपराध या समान मानसिकता
धारा 34 के अनुसार, यदि दो या अधिक व्यक्ति एक साथ किसी आपराधिक कृत्य के लिए हो तो सभी अपराधी माने जाते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की धारा 420 के अंतर्गत किस प्रकार का दंड निर्धारित है?
चित्र में धोखाधड़ी के दंड।
A · कैद या जुर्माना दोनो हो सकते हैं
धारा 420 में धोखी को कैद, जुर्माना, या दोनो दंड दिए जा सकते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 304 IPC किस प्रकार के अपराध को बताती है?
चित्र में हत्या से संबंधित धाराओं का वर्गीकरण।
A · संभावित हत्या (अपराध की निचली श्रेणी)
धारा 304 संभवित या अनजाने में की गई हत्या को संदर्भित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में "सामाजिक अपराध" की परिभाषा क्या है?
चित्र में सामाजिक वायरस अपराधों को दर्शाया गया है।
A · वे अपराध जो समाज की शांति और सुरक्षा को उल्लंघन करते हैं
सामाजिक अपराध वे होते हैं जो समाज की व्यवस्था, शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 300 से 304 IPC के बीच मुख्य अंतर क्या है?
नीचे चित्र में दिया विवरण अपेक्षित है।
A · धारा 300 जान बूझकर हत्या पर है, 304 आकस्मिक हत्या पर।
धारा 300 जान बूझकर हत्या (मरडर) को संबोधित करती है, जबकि 304 आकस्मिक हत्या के लिए है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC के अनुुसार, "जमीनी कारण" का क्या महत्त्व क्या है?
नीचे IPC की आधारभूत संकल्पनाओं के साथ।
A · यह अपराध के कारणों को समझने में मदद करता है।
जमीनी कारण सामने अपराध के सामजिक और मानसीक कारणों को समझने में सहाय्य करता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 304A IPC किस प्रकार के अपराध को प्रतिबोधित करती है?
नीचे IPC की विवरणीय चोटी संकल्पित धारा है।
A · लापरवाही से हुई हत्या
धारा 304A में लापरवाही से हुई हत्या का वर्णन किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता की समान्य प्रावधानों के अनुसार, "व्यक्ति" शब्द का प्रयोग किस संदर्भ में अधिक व्यापक रूप से किया गया है?
B · कोई भी जीवन मानव जो कानूनी अधीनता में हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता की समान्य प्रावधानों के संदर्भ में, "हत्या" में निम्न में से कौन सा तत्व अधिकतम रूप से शामिल होना चाहिए?
A · किसी को जानबूझकर और बिना कानूनी अनुमति के मार डालना
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अनुसार, "साक्ष्य" का सामान्य अर्थ क्या है?
B · कोर्ट में प्रस्तुत किया गया कोई भी तथ्य या वस्तु जो सिद्ध करता हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार "दो या दो से अधिक व्यक्ति" समूह की क्या कानूनी स्थिति होती है?
B · सामूहिक अपराध (common intention)
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार, ‘नशीली द्रव्यों’ की परिभाषा में कौन-सा तत्व अनिवार्य नहीं है?
B · जिसका उपयोग चिकिस्ता उपचार में किया जाता हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता की समान्य प्रावधानों में, 'आपराधिक कृत्य' की प्रावधानों में कौन सा तत्व अनिवार्य रूप से शामिल नहीं है?
C · कृत्य का सामान्य रूप से दंडनीय होना
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता के तहत, "गैरकानूनी संबंध" की प्रावधान में विशेषताएँ क्या हैं?
C · संबंध जो कानूनी रूप से प्रतिबंधित या निषिद्ध हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता में "अयोग्य साक्षी" (incompetent witness) किसे कहते हैं?
B · जो साक्षी के रूप में गवाही देने की क्षमता नहीं रखता
Question bank
Tap to reveal →
IPC की समान्य प्रावधानों के अनुसार, "दोषक्रम" की प्रावधान में कौन-सा तत्व शामिल नहीं है?
C · दोनों पक्षों की सहमति से किया गया लैंगिक मिलन
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार, "साजिश" (conspiracy) की प्रावधान में निम्न में से कौन-सा तत्व शामिल नहीं है?
D · साजिश के समय आपराधिक मंशा जाबतरूशक निष्पादित होना चाहिए
Question bank
Tap to reveal →
आइपीसी के तहत “हत्या की मंशा” में निर्मलिखित में से कौन-सी बात शामिल नहीं होती?
C · अनजाने में व्यक्ति की मृर्त्यु हो जाना
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के तहत ‘दोष’ (fault) का मतलव क्या है?
B · जानबूझकर या लापरवाही से किया गया कृत्य
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, 'सामान्य अनुमति' (general consent) का वैध होना कब संभव है?
B · जब व्यक्ति लिखित और स्पष्ट होती है
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार "अपरोध" और "विधिम उल्लंघन" में क्या मुख्य अंतर है?
A · अपरोध में दंडनीय कृत्य होता है, जबकि विधिम उल्लंघन कम गंभीर होता है
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "न्यायालय" की परिभाषा में निम्न में से कौन सा तत्व शामिल नहीं है?
B · शहर की पुलिस चौकी जो मामूली सुचना हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता 1860 के अनुसार, "संपत्ति" की परिभाषा में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व शामिल नहीं है?
D · उधर ली गई वस्तुएं
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता 1860 की समान्य परिभाषाओं के अनुसार, "सक्षा" का प्रयुक्त कार्य क्या है?
D · सीधे और सच्चाई गवाही देना
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार "हत्या के इरादे का निर्माण होना" कब आवश्यक नहीं होता?
B · जब मौखिक सावधानि या लापरवाही के कारण होती है
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के समान्य प्रावधानों के अनुसार, ‘व्यक्ति’ की किस स्थिति को IPC निर्दिष्ट नहीं करता?
A · मूर्ति व्यक्ति के कृत्यों
Question bank
Tap to reveal →
भार्थीय दंड संहिता में अपराध की समान्य अपराध के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा अपराध की आपराधिकjimmedारी को सम्माप्त करता है?
A · स्व-संरक्षा (Self-defense) में उचितथा सुसंगत बल का प्रयोग
स्व-संरक्षा की स्थिति में यदि हमला न हो तो व्यक्ति को वही बल प्रयोग करने का अधिकार होता है, जिससे उसकी आपराधिक जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
स्व-संरक्षा (Self-defense) के तहत किस श्रत का होना अनिवार्य है?
A · हमें का वास्तविक संकट और उचित बल का प्रयोग
स्व-संरक्षा के लिए आवश्यक का वास्तविक खतरा होना चाहिए ताकि व्यक्ति को उसी अनुपात में बल प्रयोग करना चाहिए।
Question bank
Tap to reveal →
भार्थीय दंड संहिता के संदर्भ में "अपराध की समान्य अपराध" में "सन्मति" का क्या महत्व है?
A · जगहों पीड़ित की स्वैच्छिक सहमति हो वह अपराध अपराधिक नहीं माना जाता
किसी व्यक्ति की वैध सहमति होने पर अपराध की जिम्मेदारी समाप्त हो सकती है, जिससे चिकीित्सा संबंधी कार्य।
Question bank
Tap to reveal →
भार्थीय दंड संहिता के अनुसार, "मददगार दोष की अनुपस्थिति" का अर्थ क्या है?
A · अपराध के लिए मन में दोष या इरादा न होना
"मददगार दोष की अनुपस्थिति" का मतलब है कि आलोपी के मन में अपराध करने का कोई दोषपूर्ण इरादा नहीं था।
Question bank
Tap to reveal →
न्यायालय में मानसिक असामर्थ्य (Insanity) एक रक्षा का आधार कब माना जाता है?
A · जब आलोपी मानसिक रूप से इतना विक्षिप्त हो कि अपराध के प्रमाण का ज्ञान न हो
अग्र मानसिक विक्षिप्तता के कारण अपराध के समय अपराध का ज्ञान या इसका प्रति क्रियाशील होना संभव नहीं, तो उसे मानसिक असामर्थ्य की रक्षा मिलती है।
Question bank
Tap to reveal →
किस परिस्थिति में आपराधिक विपक्षी "अनिवार्यता" (Necessity) के आधार पर समान्य हो सकती है?
A · जब कोई कार्य विवाहित की स्थिति को टालने के लिए किया गया हो
अनिवार्यता के अंतर्गत, यदि कोई कार्य बड़ी आवश्यकता को टालने के लिए किया गया हो तो वह अपराध नहीं माना जाता।
Question bank
Tap to reveal →
स्व-संरक्षा के तहत कौन सी सीमा का उल्लंघन करने पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है?
A · अत्यधिक या अनुपयुक्त बल प्रयोजित
स्व-संरक्षा की सीमा केवळ उचित और आवश्यक बल तक सीमित है। अत्यधिक बल प्रयोजित अपराध माना जाएगा।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "आदेश का पालन" (Compliance with lawful order) किस स्थिति में आपराधिक रूप से सकत होता है?
A · जब आदेश विधिक या वैध हो तथा उसका पालन किया गया हो
अगर आदेश वैध हो और उसका पूर्णतया पालन किया गया हो तो इस अधार से आपराधिक कार्रवाई संभव है।
Question bank
Tap to reveal →
नियम में से कौन सा "आपराधिक समान्य अपवाद" के अंतर्गत नहीं आता?
C · आपराधिक इरादे का होना
आपराध की समान्य अपवाद में दोषमुक्ति के लिए स्थितियाँ होती हैं, जबकि आपराधिक इरादे का होना आपराधिक सिद्धि के लिए आवश्यक होता है।
Question bank
Tap to reveal →
जब कोई व्यक्ति मानसिक बीमारी के कारण अपने कार्य करने का ज्ञान न रखे तो उसे किस प्रकार की रक्षा प्राप्त होती है?
A · मनोवैज्ञानिक असामरथ्य (Insanity defense)
मानसिक बीमारी के कारण जब व्यक्ति अपराध का ज्ञान न रखे तो उसे मानसिक असामरथ्य की रक्षा मिलती है।
Question bank
Tap to reveal →
अपरााध की समान्य अपवाद के अन्तर्गत "मददगार दोष की अनुपस्थिति" का क्या प्रारंभ होता है?
A · अपरााधी दोषमुक्त होता है क्योंकि मन में अपरााध करने का इरादा नहीं होता
दोष की अनुपस्थिति का अर्थ है कि आरोपि के पास अपरााध करने का जान बूझकर कोई मनसा नहीं थी, इसलिए वह दोषमुक्त होता है।
Question bank
Tap to reveal →
नियमिलिखित में से किस स्थिति को "आपरााधिक समान्य अपवाद" में शामिल नहीं किया जाता?
B · संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन
संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन समान्य अपवाद का आधार नहीं होता, बल्कि यह नियमों का उल्लंघन होता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, "आपरााधिक समान्य अपवाद" में "अनिवार्यता" के तत्व निम्नलिखित में से कौन संतोशजनक आधार माना जाता है?
A · अत्यावश्यक स्थिति में किसीूराई को टालने के लिए आवश्यक कार्य करना
जब कोई कार्य किसी गम्भीर खतरे से बचाने के लिए किया गया हो, तो यह आपरााधिक समान्य अपवाद के अन्तर्गत आता है।
Question bank
Tap to reveal →
स्व-संरक्षा के तहत किस प्रकार की क्रिया आपरााधिक मानी जाती है?
A · जब उपायोग किया गया क्योंकि बल आवश्यक और अनुपातिक नहीं हो
स्व-संरक्षा के तहत बल प्रयोजन केवल आवश्यक और उचित होना चाहिए, अतः अतिरंजित बल का प्रयोग अपरााध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
आदेश के पालन के संबंध में यदि आदेश अवैध हो तो इसका प्रभार होता है?
A · अवैध आदेश का पालन करने पर अपरााधी जिम्मेदार होता है
यदि आदेश अवैध है तो उसे मानने वाला अपरााधी माना जायेगा क्योंकि अवैध आदेश आधिकारिक रक्षक नहीं करता।
Question bank
Tap to reveal →
मनोवैज्ञानिक असामर्थ्य के तहत निर्म्लिखित में से कौन सा तभी न्यायक मेँ रक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है?
A · अपराज के समय मानसीक स्थिति का प्रमाण होना
मानसिक स्थिति का प्रमाण देना आवश्यक होता है क्योंकि यह सिद्ध हो कि आरोपी अपराज के समय असामान्य मानसिक अवस्था में था।
Question bank
Tap to reveal →
निर्म्लिखित में से कौन सी अवस्था अपराज की समान्य अवस्था के अंतर्गत नहीं आती?
A · मनोकामना (Intentional Crime)
मनोकामना अपराज की प्रकर्ति होती है और यह अपराज की समान्य अवस्था के अंतर्गत नहीं आती।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सा कारण अपरााध की समान्य अपराध की अंतर्गत नहीं आता है?
Refer to the diagram below illustrating अपराध की समान्य अपराध के प्रकार और उनके अर्थ।
D · व्यावसायिक लाभ के लिए अपराध
व्यावसायिक लाभ के लिए किया गया अपराध समान्य अपराध के अंतर्गत नहीं आता क्योंकि यह अपराधीक उद्देश्य से होता है न कि जोखिम या मज़बूरी से।
Question bank
Tap to reveal →
जब कोई व्यक्ति आपनी या दूसरों की जान बचाने के लिए अपराध करता है, तो इसे किस अपराध का अन्तर्गत माना जायेगा?
नीचे दिए गये चार्ट में विभिन्न आपराधिक अपराध और उनके अर्थ को दर्शाया गया है।
B · स्वैच्छिक अपराध की अवस्थिति (Necessity)
स्वैच्छिक अपराध की अवस्थिति का अर्थ होता है जब अपराध किया गया हो लेकिन यह जीवित या महत्वपूर्ण वस्तु बचाने के लिए हुआ हो।
Question bank
Tap to reveal →
विवशता (Compulsion) के कारण की विशेषता क्या है?
Refer to the diagram illustrating विवशता कारण और दंड की स्थिति। इसमें विभिन्न परिस्थितियों के आधार पर विवशता की परिभाषा दी गई है।
B · अपराध करने में व्यक्ति की स्वतंत्रता इचछा नहीं होती
विवशता का अर्थ है कि व्यक्ति किसी बाध्य दबाव या बल के कारण अपराध करता है, जिससे उसकी स्वतंत्रता इच्छा बाधित हो जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
मानसिक आकस्मिकता (मानसिक आकस्मिकता) के कारण किए गये अपराध की स्थिति क्या होती है?
नीचे दिखाए गये चार्ट में मानसिक आकस्मिकता के कारण अपराध की परिभाषा और प्रकार दिए गए हैं।
C · अपराध का दंड कम हो सकता है
मानसिक आकस्मिकता के कारण अपराध में व्याक्ती की इच्छा पूरी तरह प्रभावित नहीं होती, अतः दंड कम किया जा सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
किस स्थिति में अपराध को नया द्वारा क्षमा या माफ किया जाता है?
नीचे दिए गये तालिका में अपराध कीन्तु माफ़ी मिलने वाले अपराध दर्शाए गये हैं।
D · उपरोक्त सभी
अपराध की समान्य अपराध में स्वैच्छिक अवस्थिति, सुरक्षात्मक उपाय, और अपराध के बाद सम्मान सभी माफी के कारण होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
अपरा ध की समान्य अपवा द में 'सामान्य सुङ्क्षात्मक उपाय' का क्या अर्थ है?
नीचे दी गई सूची में से तभी विकल्प चुनें जो समान्य सुङ्क्षात्मक उपाय के udाहरण को दर्शाता है।
B · आत्मरक्षा में सीमा बल का प्रयोजन
सामान्य सुङ्क्षात्मक उपाय में व्यक्ति अपनी रक्षा या दूसरों की रक्षा के लिए आवश्यक अथवा उचित बल का प्रयोजन करता है।
Question bank
Tap to reveal →
अपरा ध के अंतरिक्त involuntary acts (विपरीत ईच्छा के बावजूद किए गए कृत्य) किस स्थिति में आते हैं?
नीचे दी गई सूची में ऐसे आर्हक में involuntary acts की कानूनी स्थिति स्पष्ट की गई है।
B · दोषमुक्त माना जाना
विपरीत ईच्छा के बावजूद किए गए कृत्य involuntary होते हैं और ऐसे में व्यक्ति दोषमुक्त माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
अपरा धी ने किसी अनहोनी के भय से अपरा ध किया है। यह कौन सी समान्य अपवा द स्थिति है?
निम्नलिखित आर्हक चिकित्सकों द्वारा किए गए अपरा ध की स्थिति दर्शाती है।
B · विवशता (Compulsion)
जब व्यक्ति डर या धमकी के कारण अपरा ध करता है, तो इसे विवशता के अन्तर्गत आता है।
Question bank
Tap to reveal →
न्यायास्त्र में अपरा ध की समान्य अपवा द का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नीचे दी गई चार्ट से विहार करें जिसमें कानूनी मान्यताओं और अपरा ध के बीच सम्बन्ध दिया गया है।
C · न्यायसंगत कारनों के आधार पर दोष माफी देना
अपरा ध की समान्य अपवा द का उद्देश्य ऐसे स्थिति में दोषी को माफी देना है जब अपरा ध न्यायसंगत कारणों से किया गया हो।
Question bank
Tap to reveal →
अपरा ध की समान्य अपवा द में 'न्यायिक आदेशों का पालन करने के बीच अपवा द' का क्या महत्व है?
नीचे के आर्हक में अपरा धिक अपवादों में न्यायिक आदेशों का स्थान दिखाया गया है।
C · यह आदेशों का पालन करते समय किए गए कृत्यों को वैध बनाता है
जब कोई व्यक्ति न्यायिक आदेश के पालन में कार्य करता है तो उसे यह कृत्य वैध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन सी आपराधिक अपराध के वर्गीकरण में "मानसिक आकस्मिकता" की उप-श्रेणी नहीं है?
चार्ट में वर्णित उप-श्रेणियां दी गई हैं।
C · आत्मरक्षा में कृत्य
आत्मरक्षा में किए गए कृत्य उन सामायिक सुरक्षात्मक उपाय के अंतर्गत आते हैं, मानसिक आकस्मिकता की उप-श्रेणी नहीं हैं।
Question bank
Tap to reveal →
अपराध की सामायिक अपराध में 'व्यवस्था के दबाव में अपराध' की क्या विशेषता है?
नीचे के चार्ट में व्यवस्थागत दबाव का प्रभार दर्शाया गया है।
C · यह किसी मज्बूरी या विवशता के तहत किया गया अपराध होता है
व्यवस्था के दबाव से किया गया अपराध आमतौर पर विवशता के तहत आता है, जहाँ व्यक्ति की इच्छा बाधित होती है।
Question bank
Tap to reveal →
अपराध की सामायिक अपराध में 'न्यायिक आदेशों का पालन' कब अपराध के अंतर्गत मुक़्त कर सकता है?
नीचे दिए गए आलेख में न्यायिक आदेश की शर्तें दी गई हैं।
C · जब आदेश वैध और विधिवत हो
यदि आदेश कानूनी और विधिवत हो तो इस प्रकार पालन करने वाला व्यक्ति अपराध से मुक़्त हो सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
अपराध की सामायिक अपराध में 'स्वैच्छिक अपराध की आवश्यक स्थिति' की पहचान किससे की जाती है?
नीचे के चार्ट में इस स्थिति के उदाहरण दर्शाए गए हैं।
B · जब अपराध जान-बूझकर और बिना दबाव के किया जाता है
स्वैच्छिक अपराध की आवश्यकता तब होती है जब व्यक्ति पहले या दूसरों के जीवन की रक्षा के लिए अपराध करता है।
Question bank
Tap to reveal →
अपराध की सामायिक अपराध के अंतर्गत 'दंड की अनदेखी' का अर्थ क्या है?
नीचे दिए गए चार्ट में इस अवधारणा को स्पष्ट किया गया है।
A · अपराध को दंड से मुक्त करना
दंड की अनदेखी का मतलब है कि विशेषज्ञ परिस्थितियों में अपराधी को दंडित नहीं किया जाता।
Question bank
Tap to reveal →
नीचे दिए गए में से कौन सा अपरोध involuntary act के अंतर्गत नहीं आता?
आरेख में involuntary acts के उदाहरण दिए गए हैं।
B · स्वयं इच्छा से किया गया कार्य
स्वयं इच्छा से किया गया कोई कार्य involuntary act नहीं है। involuntary acts वे हैं जो व्यक्ति की इच्छा के बिना होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
स्वैच्छिक अपरोध की आवश्यक स्थिति में दंड की दृष्टि से क्या व्यवाहार होता है?
नीचे दिए गए चार्ट में समझें कि आवश्यक स्थिति में अपरोध की दंडनीयता कैसी होती है।
C · दंड कम किया जाता है
आवश्यक स्थिति में अपरोध को दंड से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिलती, परंतु दंड कम किया जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
अपरोध की सामान्य अवधारणा के अंतर्गत "न्यायिक आदेशों का पालन" कब अपरोध की माफ़ी का कारण बनता है?
नीचे दिए गए आरेख में सम्बंधित कानूनी स्थितियाँ प्रदर्शित की गई हैं।
B · जब आदेश वैध और विधिसंगत हो
वैध और विधिसंगत आदेश का पालन करने पर व्यक्ति अपरोध से मुक्त रहता है।
Question bank
Tap to reveal →
अपरोधक विवादता (Compulsion) में कौल-सा तत्व अधिक महत्वपूर्ण होता है?
नीचे के चित्र में compulsion की कानूनी व्याख्या दी गई है।
B · बाहरी दबाव या धमकी
विवादता में बाहरी दबाव या धमकी ही उस व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा को बाधित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
नीचे दिए गए में से कौन सा अपरोध दंडनीय नहीं होता जब सामान्य अपरोध के अंतर्गत आता हो?
चार्ट में अपरोधक अपवादों के उदहारण दिए गए हैं।
A · जानबूझकर हत्या
जानबूझकर हत्या सामान्य अपरोध के अंतर्गत नहीं आती; यह दंडनीय अपरोध है।
Question bank
Tap to reveal →
भर्ती प्रक्रिया की समान्य अभियोजन के अंतर्गत "निषेधाज्ञा के प्रति उचित आज्ञा" की शर्त कब लागू नहीं होती?
A · जब व्यक्ति ने आज्ञा का पालन करते हुए किसी अपराध किया हो
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन-सा कठोर-सा भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत समान्य अभियोजन के दायरे में नहीं आता?
D · मनोवैज्ञानिक दबाव (योग्यता के अभाव पर अपराध)
Question bank
Tap to reveal →
भर्ती प्रक्रिया के तहत भर्ती अभियोजन के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
B · यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के लिए मारेरा कर ले, तो वह समान्य अभियोजन के अंतर्गत आता है
Question bank
Tap to reveal →
किस स्थिति में भर्ती प्रक्रिया के समान्य अभियोजन में दी गई आज्ञा का पालन करने वाला व्यक्ति अपराधी माना जाएगा?
A · जब आज्ञा देने वाला वैध अदिकारि या अनाधिकृत हो
Question bank
Tap to reveal →
भर्ती प्रक्रिया की समान्य अभियोजन के अंतर्गत "आपराध न करने का उत्तम विकल्प" कब लागू होता है?
A · जब अपराध से बचने के लिए जो कड़ा विकल्प सुझाया गया हो, वह अत्यंत आवश्यक हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के समान्य अपवाद के संदर्भ में "विधिक अधेक्ष" का अर्थ क्या होता है?
A · सर्गारी अधिकारी द्वारा विधिसंगत एवं वैध अधेक्ष
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुपसार, समान्य अपवाद के अंतर्गत "आत्मरक्षा" का प्रयोजन किस सीमा तक उचित माना जाता है?
A · सिर्फ अपने या किसी और के प्रति तत्काल और अनिवार्य खतरे से बचाव के लिए
Question bank
Tap to reveal →
किस स्थिति में भारतीय दंड संहिता की समान्य अपवाद के अंतर्गत "अपराध मुक्तिदाता" का प्रावधान लागू नहीं होता?
D · इन सभी स्थितियों में
Question bank
Tap to reveal →
किस प्रकरण की आज्ञा भारतीय दंड संहिता के समान्य अपवाद के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती?
A · जो गैरकानूनी या अवैध हो
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता 1860 के अंतर्गत, समान्य अपवाद की शर्तों में से कौन-सी शर्त सबसे महत्त्वपूर्ण है?
A · कृत्ति का सार्वजनिक हित में होना
Question bank
Tap to reveal →
जब कोई व्यक्ति "स्वयं के या अन्य के अधिकारों की रक्षा" के लिए कृत्य करता है, तो किन सामान्य अवधारणा का पालन होता है?
A · रक्षा का अधिकार (Right of Private Defence)
Question bank
Tap to reveal →
निर्मलिक्त में से किस परिस्थिति में सामान्य अवधारणा का पालन नहीं किया जाता?
D · इन सभी परिस्थितियों में
Question bank
Tap to reveal →
धारित दंड संहिता के सामान्य अवधारणा में "आपराधिक के लिए नैतिक कर्तव्य" की क्या भूमिका है?
D · यह केवल प्राथमिक हो सकती है, अपराध का औचित्य नहीं देता
Question bank
Tap to reveal →
किस परिस्थिति के लिए धारित दंड संहिता के सामान्य अवधारणा में "अनिवार्यता" की सबसे बड़ी शर्त लागु होती है?
A · जब कृत्य से ही किसी अधिक बड़ۂ नुकसान को टाला जा सकता हो
Question bank
Tap to reveal →
धारित दंड संहिता के सामान्य अवधारणा के अंतर्गत "निर्दोष भवन" का महत्व क्या है?
A · यह अवधारणा के लिए अनिवार्य नहीं है
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता केअनुसार, समान्य अपराध के लिए "आपात स्थिति" की विशेषता कौन-सी है?
A · ऐसी स्थिति जिसमें तुरन्त कार्रवायी आवश्यक हो
Question bank
Tap to reveal →
नियम में से कौन-सा कानून-सा कृत्य समान्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता जबucia की बात हो रही हो?
B · आदेश दिए बिना अपनों ईच्छा से कार्य करना
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के समान्य अपराध के तहत "किसी प्रकरण के क्रियाकलापों के लिए प्रत्याप्त आवश्यक होना चाहिए" क्या अर्थ है?
A · ऐसे क्रियाकलाप जो सामान्य को कम करने के लिए जरुरी हों
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत, उचित आज्ञा का पालन करने हेतु गतिविधि करने वाला व्यक्ति स्थिति से कष्ट कर देता है तो स्थिति क्या होगी?
A · वह अपरोधक माना जाएगा यदि आज्ञा उचित और स्पष्ट देसी हो
Question bank
Tap to reveal →
समान्य अपराध के अंतर्गत, किस प्रकरण की आज्ञा का पालन करने वाला अपरोधमुक्ति देता है?
A · सरकारी अधिकारी द्वारा विधिसम्मत और स्पष्ट आदेश
Question bank
Tap to reveal →
भौतिकीय दंड प्रणाली के समान्य अपवादों में से किस अपवाद की सीमा को लेखक ने अक्षर भ्रामक बताया है?
A · रक्षा का अधिकार (Right of Private Defence)
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता 1860 की धाराओं 319 से 338 के अंतर्गत किए गए अपराधों में से किसे "अपहरण" कहा जाता है?
A · किसी व्यक्ति को जबरन ले जाना
धारा 319 से 338 के अंतर्गत 'अपहरण' का अर्थ है किसी व्यक्ति को उसकी सहमति के बिना जबरन या धोखे से कहीं ले जाना।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में बलात्कार और यौन अपराधों से संबंधित कौन सी धाराएं सम्मिलित की गई हैं?
B · धारा 354 महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन करने से संबंधित है
धारा 354 भारतीय दंड संहिता में महिलाओं की इज्जत को भंग करने से संबंधित अपराधों से सम्बंधित अपराधों को प्रतिबंधित करती है जो बलात्कार से अलग यौन अपराध हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की धाराओं 319 और 320 के अंतर्गत कौन-कौन से चोट के प्रकार शामिल हैं?
A · सरल चोट और गंभीर चोट
धारा 319 में सरल चोट और धारा 320 में गंभीर चोटों की प्रकारों की पड़ताल दी गई है जो शारीरिक चोट से संबंधित अपराध हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार हत्या करने का इरादा न होने हुए भी म्रुत्यु परिणाम होने पर अपराध को क्या कहा जाता है?
C · धारा 304 के तहत
धारा 304 में ऐसी हत्या का प्रावधान है जहाँ हत्या करने का इरादा नहीं पर चोट प्रमुख कारण मृत्यु हो जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
माण-पिट के अपराध के संदर्भ में, भारतीय दंड संहिता 1860 की कौन सी धारा गम्भीर चोट की परिभाषा देती है?
B · धारा 320
धारा 320 में गम्भीर चोट की परिभाषा दी गई है जो दुर्बलता या जाँघ bölümकर हुए गम्भीर कष्ट को दर्शाती है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 378 से 382 तक भारतीय दंड संहिता में कौन सा अपराध वर्गीकृत है?
A · चोरी के अपराध
धारा 378 से 382 तक चोरी के अपराधों की परिभाषा एवँ दण्ड संबंधी प्रावधान हैं।
Question bank
Tap to reveal →
शरीर के विभिन्न अपराधों में "गम्भीर चोट" का अर्थ क्या है?
B · ऐसी चोटें जो स्थायी रूप से शरीर को नुकसान पहुँचाती हैं
गम्भीर चोट वह होती है जो स्थायी रूप से शरीर को नुकसान पहुँचाती है, जिससे किसी अंग का कैंसर या गम्भीर बीमारी होना।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत बलात्कार के लिए कौन सी धारा लागू होती है?
A · धारा 375
धारा 375 में बलात्कार के अपराध की परिभाषा दी गई है तथा इसके अंतर्गत सजा का प्रावधान भी है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 302 के अनुसार, हत्या के लिए किस प्रकार की सजा निर्धारित है?
C · फांसी या आजीवन कारावास
धारा 302 हत्या के लिए सर्वोच्च दंड निर्धारित करती है जिसमें फ़ांसी या आजीवन कारावास शामिल है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में बलवा अपराध की परिभाषा किस धारा के अंतर्गत मिलती है?
A · धारा 146
धारा 146 बलवा को परिभाषित करती है, जो सार्वजनिक जगह पर हिंसा या हिंसात्मक झगड़ा करना होता है।
Question bank
Tap to reveal →
मारपीट के अपराध में "जानबूझकर" किसका तात्पर्य है?
B · चोट पहुंचाने का इरादा होना
जानबूझकर मारपीट का अर्थ है कि व्यक्ति का चोट पहुंचाने का स्पष्ट इरादा होता है जिसे जानबूझकर अंजाम दिया जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 338 के अनुसार, किस प्रकार के कृत्यों को दंडनीय माना गया है?
B · ऐसी चोट जो जानलेवा हो लेकि जानबूझकर न हो
धारा 338 जानलेवा चोट से सम्बंधित है जो जानबूझकर न हो, परंतु लापरवाही से हुई हो।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार, अपराध के सम्बन्ध में "स्वेच्छा" का अर्थ क्या है?
A · व्यक्ति की सहज मन से तत्परता उसे कही ले जाना जाता है
स्वेच्छा का अर्थ व्यक्ति की अपनी इच्छा से सहमती देना, जबकी अपराध में सहज अनुमति नहीं होती।
Question bank
Tap to reveal →
शरीर के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में किस प्रकार के अपराध शामिल नहीं होते?
C · चोरी और धोखाधड़ी
चोरी और धोखाधड़ी शरीर के विरुद्ध अपराध नहीं हैं, शरीर के विरुद्ध अपराधों में नहीं आते।
Question bank
Tap to reveal →
शरीर के विषाणु अथवापादों में संक्रामक अथवा के निःशचार किस प्रकार होता है?
B · हत्या जैसे अथवापादों के लिए फांसी या आजीवन कारावास तय होता है
भारी दंड संख्या में हत्या के लिए फांसी या आजीवन कारावास का प्रावधान है जबकि अन्य अपराधों के लिए भी विधि विशेष संज्ञाएँ हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 354 किस प्रकार के अपराध को परिभाषित करती है?
A · महिला के सम्मान का उल्लंघन
धारा 354 महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन करने तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार करने से संबंधित अपराधों को परिभाषित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सी धारावाही दंड संहिता 1860 के तहत शारीरक अपराधों से संबन्धित है?
सन्दर्भ के लिए नीचे दिए गए चार्ट को देखकर जिज्ञासु शारीरक अपराधों की प्रमुख धाराएँ दर्शायी गई हैं।
D · उपरोक्त सभी
धाराओं के विविध अपराधों की धाराएँ धाराएँ 299 से 304 तक, 319 से 338 तक, तथा बलात्कार से सम्बंधित धाराएँ 375 से 376 तक हैं, इसलिए सभी विकल्प सही हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारावाही दंड संहिता की धारा 300 के अनुसार निम्न में से कौन सा अपराध 'हत्या' की परिभाषा में आता है?
धारा 299 और 300 के बीच सम्बंध को ध्यान में रखें।
A · जानबूझकर और साजिश के साथ किसी की मृत्यु कराना
धारा 300 के अनुसार हत्या वह होती है जो जानबूझकर और साजिश पूर्वक किसी की मृत्यु कराना 'हत्या' कहलाता है जबकि गलती से मृत्यु होना हत्या नहीं है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 319 में 'चोट' की परिभाषा की चोट को परिभाषित करती है?
नीचे दिए गए चार्ट में चोट के वर्गीकरण को देखें।
A · जिससे शरीर के सामान्य कार्य प्रभावित हों
धारा 319 के अनुसार चोट वह होती है जो शरीर के किसी सामान्य कार्य को प्रभावित करे, न कि सिर्फ दिक्कतें_VALUE_ या खून बहने वाली चोट।
Question bank
Tap to reveal →
धारावाही दंड संहिता की धारा 376 के अंतर्गत कौन सा अपराध आता है?
नीचे दिए गए चार्ट में अपराधों के नाम और उनकी धाराएँ दी गई हैं।
A · बलात्कार
धारा 376 बलात्कार के अपराध को निर्दिष्ट करती है, जबकि हत्या एवं उसके प्रयास एवं अन्य अपराध अलग धाराओं में आते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
यद्यपि कोई व्यक्ति जानबूझकर शारीर पर चोट पहुँचाता है परंतु मृत्यु नहीं होती, तो यह धारावाही दंड संहिता की कौन सी धारा के अंतर्गत आता है?
नीचे दिए गए चार्ट में चोट और मृत्यु के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है।
A · धारा 319-338
धारा 319 से 338 तक चोटों के अपराधों को सम्बोधित करती है, जहाँ मृत्यु न होना आवश्यक है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 299 और धारा 304 में क्या मुख्य अंतर है?
नीचे दिए गए ब्लॉकों मेंhat्याओं के प्रकरणों को देखें।
D · धारा 299 में हत्या की प्राथमिकता है, धारा 304 हत्या के कारणों की विवेचना
धारा 299 हत्या की मूल प्राथमिकता करती है जबकि धारा 304 में हत्या के कारणों और दंडनीय स्थिति का विवेचन है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में ब्लॉकर अपराध की सबसे कम उम्र क्या निर्धारित है?
संदर्भ के लिए धारा 375 का साराांश देखें।
B · 18 वर्ष
धारा 375 के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ संभोग का स्पष्टरूप अपराध बालात्कार माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सा अपराध धारा 300 के तहत हत्या का अपवाद नहीं है?
B · सामान्य हत्या
धारा 300 में हत्या के अपवाद दिये गये हैं जिन्हें स्वयं रक्षा या आक्रमिक हत्या शामिल हैं, सामान्य हत्या अपवाद नहीं है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 323 के अंतर्गत निम्न में से क्या अपराध आता है?
धारा 319 और 338 के बीच के वर्गीकरण को देखें।
A · सरल चोट पहचानना
धारा 323 के तहत दोनों को सरल चोट पहचानने योग्य अपरा्ध है जो गंभीर चोट से अलग है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 307भारतीय दंड संहिता में किस प्रकरण के अपराध से संबंधित है?
धारा 299-304 के बीच वारप को ध्यान में रखें।
A · हत्या का प्रयास
धारा 307 में हत्या के प्रयास यानी जान से मारने का प्रयास दंडनीय है।
Question bank
Tap to reveal →
एक व्यक्ति ने दूसरा की जान लेने का प्रयास किया लेकिन वह बच गया। भारतीय दंड संहिता के अनुसार यह अपराध किस धारा के अंतर्गत आता है?
A · धारा 307
जान लेने के प्रयास को धारा 307 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना गया है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 375 के अंतर्गत बलात्कार के निम्नलिखित में से कौन से तत्व अनिवार्य रूप से होने चाहिए?
D · उपरोक्त सभी
बलात्कार की परिभाषा में सहमति न होना, उमर सीमा और अवैध संबंध सभी तत्व शामिल होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की धारा 376 की सजा क्या होती है?
A · अजीवन कारावास या दस वर्ष तक कारावास
बलात्कार के अपराध में धारा 376 के तहत सख्त सजा दी जाती है, जिसमें अजीवन कारावास या दस वर्ष तक कारावास शामिल है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 338 के अंतर्गत कौनो सा अपराध आता है?
A · गंभीर चोट जिसकी स्थायी क्षति हो
धारा 338 गंभीर चोटों पर लागू होती है, जहां चोट स्थाई या गंभीर होती है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 320 के अनुसार निम्नलिखित में से किस प्रकार की चोट 'भारतीय दंड संहिता' में गंभीर चोट मानी जाती है?
A · हड्डी टूटना या चेहरा का विकृत होना
धारा 320 के अनुसार गंभीर चोटों में हड्डी टूटना, चेहरा का विकृत होना शामिल है, जिन्हें दंडनीय अपराध माना गया है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 375/376 के अंतर्गत बलात्कार के दोषी को दी जाने वाली न्यूनतम सजा क्या है?
A · कैद कम से कम सात वर्ष
बलात्कार के दोषी को न्यूनतम सात वर्ष की कैद की सजा दी जाती है, जो कि धारा 376 में निर्दिष्ट है।
Question bank
Tap to reveal →
संभव की विरुद्ध अपराध से संबंधित कौन सा कथन सही है?
B · संभव के विरुद्ध अपराधों में धोखाधड़ी भी शामिल है
संभव के विरुद्ध अपराधों में चोरी, डकैती, धोखाधड़ी, बेईमानी जैसी अपराध आते हैं। केवल चोरी को ही शामिल करना सही नहीं है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की धारा 378 किस अपराध को परिभाषित करती है?
A · चोरी
धारा 378 हत्या संबंधी नहीं है, बल्कि चोरी के अपराध को परिभाषित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की कौन सी धारा डकैती अपराध से संबंधित है?
C · धारा 395
धारा 395 धोखाधड़ी संबंधी नहीं, बल्कि डकैती का प्रावधान है।
Question bank
Tap to reveal →
किस धाराओं के तहत बेईमानी की संधि अपराध को परिभाषित किया गया है?
A · धारा 406, 408, 414
धारा 406, 408 एवं 414 के तहत बेईमानी से संबंधित अपराध आते हैं, जैसे विश्वासघात और रिश्वत।
Question bank
Tap to reveal →
निम्न में से कौन सा अपराध IPC की धारा 415 के अंतर्गत आता है?
B · धोखाधड़ी
धारा 415 धोखाधड़ी के अपराध को निर्दिष्ट करती है।
Question bank
Tap to reveal →
चोरी, डकैत और लूट में मुख्य अंतर क्या है?
A · चोरी में बल या खतरा नहीं, whereas डकैत और लूट में बल प्रयुक्त होता है
चोरी में बल प्रयुक्त नहीं होता जबकि डकैत और लूट में बल या हिंसा की भूमिका होती है।
Question bank
Tap to reveal →
धोखाधड़ी और बेईमानी से संबंधित कौन सा कथन सही है?
B · धोखाधड़ी में ठगी का उद्देशय होता है, बेईमानी में विश्वासघात
धोखाधड़ी में छल या संप्रेषण टालने का निहित उद्देशय होता है, जबकि बेईमानी में विश्वासघात शामिल होता है।
Question bank
Tap to reveal →
संपूर्ण के विरुद्ध अपराधों के दंडात्मक प्रावधानों में निम्नलिखित में से कौन सा शारीरिक नहीं है?
C · हत्या के लिए फाँसी
संपूर्ण के विरुद्ध अपराधों में हत्या शारीरिक नहीं है, इसी लिए हत्या का दंड इस श्रेणी में नहीं आता।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की धारा 420 किस प्रकार के अपराध को परिभाषित करती है?
A · धोखाधड़ी और बेईमानी से संबंधित अपराध
धारा 420 धोखाधड़ी और बेईमानी से संबंधित अपराध करने से संबंधित अपराध है।
Question bank
Tap to reveal →
धोखाधड़ी और जालसाजी में मुख्य अंतर क्या है?
B · जालसाजी में दस्तावेजों के साथ धोखा दिया जाता है, धोखाधड़ी में अन्य उपायों का प्रयोग होता है
जालसाजी में दस्तावेजों या लिखित रूप से धोखा दिया जाता है जबकि धोखाधड़ी अन्य प्रकार के धोखों को सम्मिलित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध आपराधों में अपराध से संबंधित कौन सी धाराएँ हैं?
C · धारा 407
धारा 407 अपराध या बंधक बनाने संबंधी अपराधों को प्रतिबन्धित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्न में से कौन सा धोखाधड़ी का उद्देश्य नहीं है?
B · संपत्ति चुराना
संपत्ति चुराना चोरी का अपराध है, धोखाधड़ी का उद्देश्य नहीं।
Question bank
Tap to reveal →
धोखाधड़ी के रूप में सामान्यतः आने वाली 'रिश्वत' IPC की किस धारा के अन्तर्गत आती है?
A · धारा 414
रिश्वत को भांति भांति संख्या की धारा 414 के तहत देखी जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में 'विश्वासघात' एवं 'बेब़मानी' का सामान्यतः किस प्रकार है?
A · विश्वासघात बेब़मानी का ही एक रूप है
विश्वासघात और बेब़मानी दोनों आपस में जुड़े हुए अपराध हैं, जहाँ विश्वास का दुरुपयोग किया जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों के दंडात्मक प्रावधानों में कौन सजाकर होती है?
A · क्योंकि ये अपराध सामान में Ashton Failate हैं
संपत्ति के विरुद्ध अपराध सामान में असुरक्षा एवं असामान्य फैले हुए हैं, इसलिए इन अपराधों के लिए कठोर दंड निर्धारित हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 403 आईपीसी किस प्रकार के अपराध को प्रतिबन्धित करती है?
B · गलत ढंग से संपत्ति का उपयोग
धारा 403 आईपीसी में संपत्ति का गलत या अनुचित उपयोग करने को अपराध माना गया है।
Question bank
Tap to reveal →
संपति के विरुद्ध अपराधों की प्रिभाषा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
आईपीसी की धारा 378 की व्याख्या करें।
B · धारा 378 चोरी के लिए नीयत का उल्ले ख करती है जिससे चोरी होती है
धारा 378 में स्पष्ठ रूप से चोरी का अर्थ नियतपूर्वक किसी की संपत्ति बिना अनुमति लिए लेना बताया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
संपति के विरुद्ध अपराधों में डकैती (धारा 392) के तत्व कौन-से हैं?
धारा 392 के अपवाद बताइए।
A · चोरी + हिंसा या डराना-धमकाना
धारा 392 के तहत डकैती का अर्थ है चोरी करते हुए या उसी पूर्र्व में हिंसा या डर का उपयोग करना।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में धोखाधड़ी से संबंधित कौन-कौन सी धाराएँ हैं? निम्न में से सही विकल्प चुनिए।
C · धारा 378, 420 तथा 406
धारा 378 चोरी है, 420 धोखाधड़ी है और 406 जबरदस्ती संपत्ति पर कब्ज़ा, ये धाराएँ धोखाधड़ी से संबंधित हैं।
Question bank
Tap to reveal →
संपति के विरुद्ध अपराधों के न्याय प्रणालियों में धारा 380 के अनुसार दंड क्या है?
धारा 380 की संधर्भ लें।
A · कतिपय विशेष दंड के साथ 3 वर्ष तक कारावास
धारा 380 के अनुसार ग्रहों से चोरी पर 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना हो सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 394 के अंतर्गत दंड की क्या है?
धारा 394 के प्रावधान देखें।
B · 10 वर्ष से अधिक कैद या जीवन पर्यंत कारावास
धारा 394 के अनुसार उपस्थित सभी डकैती पर 10 वर्ष से अधिक कैद या जीवन पर्यंत कारावास का प्रावधान है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में अपहरण और जबरदस्ती करवाने का संबंध निम्न में से किस धारा से है?
C · धारा 363
धारा 363 भारतीय दंड संहिता में अपहरण से संबंधित है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में जबरन कब्जा करने के लिए कौन-सी धारा लागू होती है?
D · धारा 442
धारा 442 में जबरन कब्जा करना परिभाषित है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 427 के तहत संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का दंड क्या है?
C · 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना
धारा 427 के अनुसार संपत्ति को नुकसान पहुँचाने पर 3 वर्ष तक कारावास या जुर्माना हो सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के किन धाराओं में संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की संज्ञा के अंतर्गत चोरी के साथ-साथ अन्य अपराधों को भी शामिल किया गया है?
B · धारा 392, 394, 427
धारा 392 (डकैती), 394 (सशस्त्र डकैती), एवं 427 (संपत्ति का नुकसान) संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में शुमार हैं।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में ठगी को सबसे अधिक किस धारा के अंतर्गत माना जाता है?
B · धारा 420
धारा 420 में ठगी और धोखाधड़ी से संबंधित अपराध परिभाषित है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 379 और धारा 380 के बीच अंतर क्या है?
B · धारा 379 समान्य चोरी और धारा 380 खरौज से चोरी को परिभाषित करती है
धारा 379 समान्य चोरी से संबन्धित है जबकि धारा 380 खास तौर से खरौज से चोरी को परिभाषित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में किस व्यक्ति को अपहरण करने का दण्ड किस धारा के तहत है?
A · धारा 363
धारा 363 के अनुसार अपहरण का दण्ड निर्धारित है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों में जबरन कब्जा या उल्लंघन करने वाले को दण्डित करने के लिए कौन-सी धारा उपयोगी है?
B · धारा 442
धारा 442 में जबरन परिसंपत्ति पर कब्जा करने के लिए दण्डित करने का प्रावधान है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराध की धृष्टता से संबंधित किस धारा 420 के अंतर्गत अपराध परिभाषित करती है?
B · ठगी और धोखाधड़ी को
धारा 420 ठगी और धोखाधड़ी को धार्ष्टता दण्ड सँहिता में परिभाषित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
किस धारा के अन्तर्गत संपत्ति के खिलाफ जालसाजी का दण्ड निर्धारित है?
A · धारा 420
धारा 420 में जालसाजी एवं धोखाधड़ी से संबंधित दण्ड निर्धारित है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की देय्ष्टि से "टोढ़फोड़" किस धारा के अंतर्गत आता है?
A · धारा 427
धारा 427 के अंतर्गत संपत्ति को नुक्सान पहुँचाना या टोढ़फोड़ करना आता है।
Question bank
Tap to reveal →
संपत्ति के विरुद्ध अपराधों के तहत धारा 394 में क्या भेद है?
A · डकैती जिसमे हिंसा या हथियार का प्रयोग होता है
धारा 394 का संबंध हिंसा या हथियार के प्रयोग से डकैती से है।
Question bank
Tap to reveal →
राश्ट्र के विरूद्ध अपराध के संधर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा अपराध अपेक्षित है?
A · धारा 124A के अंतर्गत राजद्रोह
राष्ट्र के विरुद्ध अपराधों में महत्वपूर्ण राजद्रोह (धारा 124A) आता है, जोकि अन्य विकल्प अल्प-अल्प अपराध श्रेणी के अंतर्गत आता हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की धारा 124A का मुख्य उद्देष्य क्या है?
B · राजद्रोह को दंडित करना
धारा 124A का उद्देष्य राजद्रोह को दंडित करना है, जो कि राज्य के विरुद्ध कृत्य माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 124A के अनुरूप, निम्नलिखित में से कौन सा कृत्य राजद्रोह माना जाएगा?
A · राज्य व्यवस्था का हिंसात्मक उखाड़ फेंकना
धारा 124A के अंतर्गत राजय व्यवस्था को हिंसात्मक तरीके से उखाड़ फेंकना ही राजद्रोह माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराध के संधर्भ में कौन सा कथन सही है?
C · यह सार्वजनिक व्यवस्था पर प्रत्यक्ष क्षतरा उत्पन्न करता है
सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराध का मूल तत्व सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर प्रकार से क्षतिपूर्ति होना है।
Question bank
Tap to reveal →
अधिकारियों के विरुद्ध अपमानजनक कृत्य के संधर्भ में निम्न में से सही विकल्प चुनिए:
B · यह सख्त दंडनीय अपराध है
सारकारी अधिकारियों के विरुद्ध अपमानजनक कृत्य को भारतीय दण्ड संहिता के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सा अपराध 'राज्य की सुरक्षा से संबंधित एवं सुरक्षात्मक अपराध' के लिए आवश्यकीय अपराध में शामिल है?
A · धारा 124A - राजद्रोह
राज्य की सुरक्षा और सुरक्षा से संबंधित अपराधों में प्रमुख रूप से राजद्रोह (धारा 124A) शामिल है।
Question bank
Tap to reveal →
राजद्रोह के अपराध में दोषी पाए जाने पर सजा का प्रावधान क्या होता है?
A · मृत्युुदंड या आजीवन कारावास या जर्माना
धारा 124A के अंतर्गत राजद्रोह के आरोप में मृत्युुदंड, आजीवन कारावास या जर्माना लग सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
राज्य के विरुद्ध अपराध में निम्नलिखित में से कौन सा अपराध शामिल नहीं है?
C · धारा 302 - हत्या
धारा 302 हत्या का अपराध है, वह सीधे तौर पर राज्य के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में नहीं आता।
Question bank
Tap to reveal →
सांप्रदायिक तनाव को भ्रम करने के लिए कौन सी धारा लागू होती है?
B · धारा 153A
धारा 153A के अन्तर्गत सांप्रदायिक तनाव भंग करने वाले कारों को अपराध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
राज्य के विरुद्ध अपराधों की श्रेणी में निम्न में से किसका समावेश है?
A · राजद्रोह, सांप्रदायिक तनाव भंग करना, सर्कारी अधिकारियों पर हमला
राज्य के विरुद्ध अपराधों में राजद्रोह, सांप्रदायिक तनाव को भंग करना और सरकारी अधिकारियों पर हमला प्रमुख श्रेणियाँ हैं।
Question bank
Tap to reveal →
नीचे दिए गए विकल्पों में से 'राजद्रोह' की परिभाषा किस अधिनियम या धारा में वर्णित है?
A · अधिनियम IX, धारा 124A
राजद्रोह की परिभाषा IPC के अधिनियम IX की धारा 124A में प्रदत्त है।
Question bank
Tap to reveal →
सार्वजनिक शांति भंग करने वाले अपराधों के प्रावधानों के संबंध में सही कथन चुनिए:
B · सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा या अशांति फैलाई सार्वजनिक शांति भंग है
सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा, अशांति या दंगा फैलाना सार्वजनिक शांति भंग का अपराध है।
Question bank
Tap to reveal →
सारकारी अधिकारी के विरुद्ध अपराधों के तहत कौन-से कृत्य दंडनीय हैं?
A · सत्ताधिकार के दुरुपयोग के कारण अधिकारियों पर हमला
सत्ताधिकार के दुरुपयोग से उत्पन्न किसी भी हिंसात्मक कृत्य को सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध अपराध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
राज्य की सुरक्षा और सुरक्षा से जुड़े अपराधों के विरुद्ध में क्या सजाया निर्धारित होती है?
A · मृत्युदंड, आजीवन कारावास या जुर्माना
राज्य की सुरक्षा और सुरक्षा के लिए किए गए अपराधों पर गम्भीर सजा, जैसे मृत्युुदंड या आजीवन कारावास लागू होती है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए किसका प्रावधान नहीं है?
C · सामाजिक असहमतिपूर्ण कार्य करना
सामाजिक असहमतिपूर्ण कार्य करना अपराध नहीं होता; वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत आता है, जबकि अन्य विकल्प अपराध हैं।
Question bank
Tap to reveal →
नीचे दिए गए में से कौन सी धाराएँ अपराधों एवं सहकृ्षा के खिलाफ़ अपराधियों को निर्धारित करती हैं?
A · धारा 124A
धारा 124A भारत में राज के विरुद्ध अपराध, अथार्त राजद्रोह को निर्धारित करती है।
Question bank
Tap to reveal →
राज्य की सुरक्षा एवं संप्रभुता को प्रभावित करने वाले अपराधों के प्रकारों के उदाहराण के रूप में क्या दिया जा सकता है?
A · विद्रोह, आतंवाद, राजद्रोह
विद्रोह, आतंवाद और राजद्रोह राज्य की सुरक्षा एवं संप्रभुता को प्रभावित करने वाले मुख्य अपराध हैं।
Question bank
Tap to reveal →
राष्ट्र के विरुद्ध प्रायोजनिक अपराधों की विशेषता क्या होती है?
D · राज्यव्यवस्था को ख़तरा पहुंचाना
राष्ट्र के विरुद्ध प्रायोजनिक अपराधों का मुख्य विशेषता राज्य व्यवस्था को ख़तरा पहुंचाना होता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता (IPC) के अंतर्गत अभियुक्तों के विरुद्ध अपवादों की क्या विषेशता है?
A · अभियुक्तों के विरुद्ध अपवाद विशेष रूप से कड़ी दण्ड प्रदान करते हैं
भारतीय दण्ड संहिता (IPC) अभियुक्तों के विरुद्ध अपवादों के लिए विशेष प्रावधान रखती है जो कड़ी सजाओं का प्रादान करते हैं तथा अभियुक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता 1860 की कौन सी धारा घरेलू हिंसा से संबंधित है?
A · धारा 498A
धारा 498A महिला उत्पीड़न व घरेलू हिंसा से संबंधित है जो विशेष रूप से पति या उसके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा महिला पर अत्याचार को कवर करती है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दण्ड संहिता के अनुसर बलात्कार की परिभाषा में किस तथ्य को होना अनिवार्य है?
A · सहमति के बिना यावान्य संबंध स्थापित स्थान
बलात्कार में पीड़ित की सहमति के बिना यौन संबंध स्थापित करना शामिल है, जो आईपीसी में अपराध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
घरेलू हिंसा अधिनियम (DV Act) तहत महिलाओं के विरुद्ध किस प्रकार की हिंसा को निरंतर करता है?
A · शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तथा यौन उत्पीड़न
घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं के विरुद्ध शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और यौन उत्पीड़न को निरंतर करता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 498A IPC के अंतर्गत कौन से अपवाद को दण्डित किया जाता है?
A · पति या ससुराल द्वारा महिला को मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न
धारा 498A के तहत पति या उसके परिवार के सदस्यों द्वारा महिला को मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न को दण्डित किया जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की कौन सी धारा बलात्कार के दंड का प्रावधान करती है?
A · धारा 375
धारा 375 IPC में बलात्कार की परिभाषा देते हुए इसके दंड का प्रावधान किया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 'न्यायालयीय प्रक्रिया' का क्या अर्थ है?
A · कानूनी शिकायती और सुनवाई की प्रक्रिया
न्यायालयीय प्रक्रिया से तात्पर्य कानूनी शिकायती दर्ज करने और न्यायालय में सुनवाई कराने की प्रक्रिया से है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में चोट पहुंचाने का क्या आशय है?
A · शारीरिक, मानसिक या आर्थिक दबाव डालना
उत्पीड़न से तात्पर्य महिलाओं के विरुद्ध शारीरिक, मानसिक या आर्थिक दबाव डालना है, जो एक अपराध है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता 1860 के अंतर्गत स्त्री प्रथा के खिलाफ कौन सी धारा प्रासंगिक है?
A · धारा 304B
धारा 304B IPC में दहेज उत्पीड़न एवँ स्त्री प्रथा से जुड़े अपराधों का प्रावधान है।
Question bank
Tap to reveal →
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के अंतर्गत दहेज उत्पीड़न क्या होता है?
A · पती या उसके परिवार द्वारा दहेज की मांग या उत्पीड़न
दहेज उत्पीड़न में पति या उसके परिवार दहेज की मांग करना या उससे उत्पीड़न करना शामिल है जो अपराध है।
Question bank
Tap to reveal →
माहिलाओं के विरुद्ध या उन अपवादों में "अपमानजनकव्यवहार" का क्या अर्थ है?
A · माहिला के सम्मान या गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार
अपमानजनक व्यवहार का अर्थ ऐसा व्यवहार जो महिला के सम्मान या गरिमा को ठेस पहुंचाता हो।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की प्रकरण महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है?
A · विशेष अपराध और कड़ी सजा के प्रावधान करता
IPC में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के लिए विशेष प्रावधान और कड़ी सजा निर्दारित हैं ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के अनुसार बलात्कार के दोषी को क्या दंड दिया जा सकता है?
A · कठोर कारावास और जूर्माना
बलात्कार के दोषी को कठोर कारावास और जुर्माना दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता में महिलाओं के विरुद्ध अपराध की जांच किस प्रकार की जाती है?
A · विशेष पुलिस विभाग द्वारा गठित किए जाते हैं
महिलाओं के विरुद्ध अपराध की जाँच विशेष पुलिस विभाग और अधिकारियों द्वारा गठित की जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 375 के तहत निम्नलिखित में से कौन अपराध नहीं है?
B · जोकि मदोनों पक्षों की सहमति से हो
धारा 375 के अंतर्गत सहमति से यौन संबंध अपराध नहीं है, जबकि बिना सहमति या बलपूर्वक यौन संबंध को अपराध माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 498A आईपीसी के अंतर्गत 'कोई व्यक्ति' से क्या आशय लिया जाता है?
A · पति या ससुराल का कोई सदस्य
धारा 498A में पति के साथ-साथ उसके परिवार का कोई भी सदस्य भी दोषी हो सकता है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में शादीशुदा महिलाओं के विरुद्ध अपहरण की दो प्रमुख श्रेणियाँ कौन-कौन सी हैं?
A · यौन उत्पीड़न और घरैलू हिंसा
IPC में शादीशुदा महिलाओं के विरुद्ध अपहरण मुख्य रूप से यौन उत्पीड़न और घरैलू हिंसा की श्रेणियों में आते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 304B IPC क्या अपराध करती है?
A · दहेज हत्या
धारा 304B विशेष रूप से दहेज हत्या के लिए प्रावधान करती है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता के तहत महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में क्या प्रमुख होता है?
A · कानूनी दंड और सख्त दंड जारीकर्ता
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के लिए कानूनी दंड तथा सामाजिक जागरूकता दोनों आवश्यक हैं।
Question bank
Tap to reveal →
घरैलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत किन्हें आश्रय दिया जाता है?
A · विवाहिता महिलाओं और परिवार की अन्य महिलाएं
घरैलू हिंसा अधिनियम में विवाहिता महिलाओं के साथ-साथ परिवार की अन्य महिलाओं को भी संरक्षण दिया गया है।
Question bank
Tap to reveal →
माहिलाओं के विरुद्ध अपराजनों की सुनवाई में निम्न में से कौन सा नियम लागू होता है?
A · तेजीपूर्वक और संवेदनशील न्यायालयीय प्रक्रिया
माहिलाओं के विरुद्ध अपराजनों की सुनवाई में तेजी और संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक होता है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतिय दंड संहिता में बताई गई किस धारा में शादाई के दौरान होने वाले दहेज उत्पीड़न का दंड प्रदत्त है?
A · धारा 498A
धारा 498A में दहेज उत्पीड़न का दंड किया गया है जबकि धारा 304B दहेज हत्या से संबंधित है।
Question bank
Tap to reveal →
माहिला उत्पीड़न की परिभाषा में किस बिंदु को सम्मिलित नहीं किया जाता?
D · माहिला का स्वयंक का अपराज
माहिला उत्पीड़न में माहिला का स्वयंक का अपराज शामिल नहीं होता क्योंकि वह पीड़ित होती है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में माहिलाओं के खिलाफ अपराजनों में 'न्यायालय के समक्ष प्रस्तुतिकरण' का अर्थ क्या है?
A · अपराध के प्रमाण और शिकार प्रस्तुत करना
न्यायालय के समक्ष प्रस्तुतिकरण से वह प्रक्रिया होती है जिसमें अपराध के प्रमाण एवं शिकार न्यायालय में दी जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती की परिभाषा के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? Refer to the definitions of डकैती और चोरी. डकैती में किस तत्व का होना आवश्यक है?
A · बल प्रयोग या उसका आभाव में वस्तु का होना
डकैती में वस्तु का हरण बल या भय उत्पन्न कर के किया जाता है, जबकि चोरी बिना बल के होती है। इसलिए डकैती में बल प्रयोग आवश्यक तत्व है।
Question bank
Tap to reveal →
चोरी की परिभाषा के अनुसार, निम्नलिखित में से चोरी के तत्व कौन-कौन से हैं? Refer to the diagram below showing definitions of चोरी के तत्व:
1. वस्तु का चोरी होना
2. चोरी का इरादा
3. बल प्रयोग होना
4. आपराधी का व्यक्ति होना
A · 1 और 2
चोरी में मूलतः वस्तु का गुप्त रूप से हरण और इसका इरादा होना आवश्यक है, बल प्रयोग आवश्यक नहीं है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 379 के अनुसार यह अपराध किस प्रकार की चोरी को दर्शाता है? Refer to explanation of धारा 379 below.
A · साधारण चोरी
धारा 379 में सामान्य वस्तु को चोरी करना बताया गया है, जिसमें बिना बल के वस्तु का हरण होता है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती और चोरी में अंतर करने के कौन से तत्व मानें जाते हैं? नीचे दिए गए विकल्पों में से सही चुनिए।
B · इरादा (intention) और बल या भय का होना
डकैती में अपराधी का इरादा (mens rea) और बल या भय उत्पन्न करने का तत्व प्रमुख है जो चोरी से अलग करता है।
Question bank
Tap to reveal →
चोरी के अपराध में अपराधिक स्थिति का निर्धारण करने में कौन सा पक्ष निर्णायक होता है? Refer to स्थिति और आकार में अंतर.
B · अपराधी का मनोभाव
चोरी के अपराध में अपराधी के मानसिक स्थिति (intention) और साधन निर्धारण होता है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती के लिए कौल-सी धाराओं का प्रावधान भारतीय दंड संहिता 1860 में कहाँ है? संदर्भ के लिए धाराएँ 379, 380, 390, 392 देखें।
B · धारा 390 और 392
डकैती के कानून में धारा 390 और 392 महत्वपूर्ण हैं जो बल प्रयोग के साथ चोरी या डकैती को निर्दिष्ट करती हैं।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती में मनशा (intention) का क्या महत्व है? निम्नलिखित में कौन सा कथन सही है?
A · मनशा के बिना अपराध आरोप रहाता है
डकैती में अपराधी का स्पष्ट मनशा होना आवश्यक है क्योंकि बिना मनशा के अपराधी पर आरोप पूरक नहीं माना जाता।
Question bank
Tap to reveal →
निम्न में से कौन सी स्थिति चोरी और डकैती में अंतर स्पष्ट करती है? संदर्भ के लिए वस्तु हरण के तरीके देखें।
A · चोरी में वस्तु गुप्त रूप से ली जाती है, डकैती में बल या धमकी शामिल होती है
चोरी में चोरी करने वाला वस्तु को छुपाकर ले जाता है, जबकि डकैती में बल या धमकी करके वस्तु ले जाई जाती है।
Question bank
Tap to reveal →
चोरी के बचाव (defense) के अंतर्गत कौन सा तर्क स्वीकार्य नहीं होता? संदर्भ कानूनी दृष्टिकोण से बचाव।
D · संभवित वस्तु का नुस्खसान
चोरी का बचाव करने के लिए वस्तु का नुस्खसान तर्क नहीं होता क्योंकि चोरी के इरादे और अनुमति को देखा जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्न में से कौन सा कथन डकैती और चोरी के सांक्ष्य प्राथमिकण में सहायक होता है?
A · बल या भय का प्रमाण
डकैती में बल या भय के प्रमाण से अपराध के अवगाहन और सजाय के लिए निर्णय में सहायता मिलती है।
Question bank
Tap to reveal →
भा र ती य दं ड संहिता की धारा 380 के तहत किस प्रकार की चोरी दंडनीय है?
A · घर या परिसर की चोरी
धारा 380 में घर या किसी आवासीय परिसर से चोरी को दंडनीय अपराध माना गया है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती के मामले में निम्नलिखित में कौन-सा प्रयोजन सबसे प्रभावी माना गया?
A · बल प्रयोजन की स्थिति का वर्णन
डकैती में बल या भय उत्पन्न करने का प्रयोजन प्रमुख माना जाता है, जो चोरी से अलग करता है।
Question bank
Tap to reveal →
चोरी में सजा के दौरान क्या आयोग्यक होता है? (कानूनी प्रिक्रिया में दाबी की मान्यता स्थिति के अनुसार)
A · अपराधी का दोषी होना स्पष्ट होना
चोरी की दंड प्रक्रिया में अपराधी का दोष सिद्ध होना आवश्यक है, बल प्रयोजन जरुरी नहीं।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती की कार्यवाही में क्या फोरक होता है? (कानूनी प्रावधान)
A · बल या भय उत्पन्न करने की मात्रा से
डकैती की कार्यवाही में बल या भय उत्पन्न करने की भावना और उसके प्रमाण निर्णायक होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती एवं चोरी के बीच मानसिक स्थिति में क्या समानता है? (mens rea की प्रक्रिया)
A · दोनों में अपराधी का इरादा आवश्यक होता है
डकैती और चोरी दोनों में अपराधी की मानसिक स्थिति अर्थात् इरादा (mens rea) होना अनिवार्य है।
Question bank
Tap to reveal →
कानूनी दृष्टि से डिफेंस के बचाव (defense) के लिए निम्न में से कौन सी बात सही है?
C · मौलिक विकृति का प्रमाण
डिफेंस के बचाव में मौलिक विकृति या मनोविज्ञान की उपस्थिति को संरक्षक दिया जाता है जो अपराध की जिम्मेदारी को कम करता है।
Question bank
Tap to reveal →
नियम में से कौन सा विकल्प डिफेंस की कड़ी सजा का कारण बनता है?
A · अपराध में हत्थियार का प्रयोग
डिफेंस में हत्थियार के प्रयोग से मामूली की गम्भीरता बढ़ जाती है और सजा कड़ी होती है।
Question bank
Tap to reveal →
भारतीय दंड संहिता की कौन सी धारा चोरी के प्रयास को दंडित करती है?
A · धारा 511
धारा 511 अपराध की क़िसी प्रयास को दंडित करती है, जिसमें चोरी के प्रयास भी शामिल हैं।
Question bank
Tap to reveal →
नियम में से कौन सा विकल्प चोरी और डकैती के बीच प्रमुख कानूनी अंतर नहीं है?
B · चोरी की वस्तु का प्रकाश
चोरी की वस्तु का प्रकाश दोनों अपराधों में समानntया अंतर नहीं लगता; बल या भय, मानसिक स्थिति और संज्ञा प्रमुख अंतर हैं।
Question bank
Tap to reveal →
यदी कोई व्यक्ति वस्तु चोरीकार ले जाता है तो वह किस अपराध के अंतर्गत आएगा?
A · चोरी
वस्तु को चोरी-चुपे चोरीकार ले जाना चोरी की प्रक्रिया में आता है।
Question bank
Tap to reveal →
धारा 392 के अंतर्गत डकैती किस प्रकार दोषहीन मानी जा सकती है?
B · जब संपूर्ण स्वयंस अपराधी की हो
यदि संपूर्ण स्वयंस अपराधी की हो तो चोरी या डकैती का दोष नहीं होता।
Question bank
Tap to reveal →
निम्नलिखित में से कौन सी धारा डकैती को प्रतिबंधित नहीं करती?
B · धारा 380
धारा 380 चोरी के लिए है, डकैती के लिए धारा 390 और 392 लागू होते हैं।
Question bank
Tap to reveal →
चोरी में साधारणतया कौन-सी कानूनी सजा़ निर्धारित की जाती है?
A · ज़ेल या जुर्माना
साधारण चोरी के लिए जेल की सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान रहता है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती के मामलें में बल प्रयोग का अभाव चाहे तो किस प्रकार अपराध में बड़ा जा़ सजा़ होता है?
A · साधारण चोरी
यदि बल प्रयोग या धमकी न हुआ तो अपराध केवल साधारण चोरी माना जाता है।
Question bank
Tap to reveal →
IPC में चोरी तथा डकैती के लिए मानसिक स्थिति (mens rea) की क्या भूमिका है?
A · दोनों अपराधों के लिए आवश्यक भूमिका
मनीषा की उपस्थिति चोरी और चोरी दोनों में अपराध सिद्धि के लिए आवश्यक है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती के उतकंठित रूप में अपराजित के द्वारा प्रधानम् तल कोन से हैं? Refer to अपराज के तत्व।
A · बल, भय और वस्तु का कब्ज़ा
डकैती में बल या भय उत्पन्न कर वस्तु का कब्ज़ा लिया जाता है, यह आवश्यक तत्व हैं।
Question bank
Tap to reveal →
सामान्यत: चोरी की गतिओर डकैती की गति में अंतर दिखाने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व कौन सा है?
A · बल या धमकी का उपयोग
डकैती में बल या धमकी का उपयोग होता है जबकि चोरी में नहीं।
Question bank
Tap to reveal →
IPC की धारा 392 के अनुसार डकैती का अपराध कब सिद्ध होता है?
A · जब बल या भय उत्पन्न कर चोरी की जाती है
धारा 392 में बल या भय उत्पन्न कर चोरी करने को डकैती माना गया है, इसलिए यह सिद्ध होता जरूरी है।
Question bank
Tap to reveal →
निम्न में से कौन सी स्थिति चोरी के कानूनी तत्वों में शामिल नहीं है?
C · बल प्रयोग करना
चोरी में बल प्रयोग आवश्यक नहीं है, बल प्रयोग डकैती का तत्व है।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती एवं चोरी के प्रमुख में अपराज की सजा निर्धारण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A · बल प्रयोग होने से सजा कठोर होती है
डकैती में बल प्रयोग होने पर सजा अधिक कठोर होती है, चोरी की तुलना में।
Question bank
Tap to reveal →
डकैती के लिए कौन सा मानसिक तत्व आवश्यक है?
A · चोरी करने का स्पष्ट इरादा
डकैती के लिए आवश्यक का चोरी या वस्तु हरण करने का स्पष्ट इरादा (mens rea) आवश्यक होता है।