इस अध्याय में बीमा एवं वित्त के विभिन्न महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय प्राप्त किया जाएगा। बीमा उद्योग में प्रयुक्त ये शब्द एवं उनकी परिभाषाएँ बीमा के मूल तत्वों को समझने में सहायता करती हैं। प्रत्येक शब्द का अर्थ, भूमिका और उसके पारस्परिक संबंधों को सरल भाषा में समझाया गया है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे जुड़े प्रश्नों का उत्तर प्रभावी ढंग से दिया जा सके।
परिभाषा: बीमा एक ऐसा अनुबंध (Contract) है जिसमें बीमाकर्ता (Insurer) किसी निश्चित राशि के बदले जोखिम (Risk) को ग्रहण करता है, अर्थात् बीमाधारक (Insured) को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है।
संक्षेप में, बीमा जोखिम का साझा प्रबंधन है, जहाँ कई व्यक्तियों या संस्थाओं के जोखिम एकत्रित कर छोटे-छोटे प्रीमियम के रूप में वितरित किए जाते हैं। इससे व्यक्तिगत या व्यावसायिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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यह आरेख बीमा प्रक्रिया का सार दर्शाता है जिसमें बीमाधारक प्रीमियम देकर जोखिम से सुरक्षा प्राप्त करता है और आपदा आने पर दावा प्राप्त करता है।
प्रीमियम उस धनराशि को कहते हैं जो बीमाधारक बीमाकर्ता को बीमा कवरेज प्राप्त करने के लिए नियमित या एकमुश्त आधार पर भुगतान करता है। यह भुगतान बीमा अनुबंध के लिए आधार राशि होती है।
| प्रकार | विवरण |
|---|---|
| जीवन बीमा प्रीमियम | जीवन बीमा पॉलिसी की सुरक्षा हेतु भुगतान किया जाता है |
| सामान्य बीमा प्रीमियम | गृह, वाहन, या अन्य संपत्तियों की बीमा सुरक्षा हेतु भुगतान |
जहाँ जोखिम मूल्यांकन वह अनुमानित संभावित हानि है तथा प्रीमियम दर बीमा कंपनी द्वारा तय प्रतिशत होता है।
बीमा पॉलिसी वह लिखित अनुबंध है जिसमें बीमाकर्ता की ओर से बीमा संरक्षण का विस्तृत विवरण होता है। इसमें सुरक्षा की शर्तें, अवधि, प्रीमियम की राशि, दावा प्रक्रिया, और बीमे की सीमा स्पष्ट होती है। यह दस्तावेज बीमाधारक और बीमाकर्ता के अधिकार एवं दायित्वों को निर्धारित करता है।
यदि बीमाधारक को बीमा कवरेज के अंतर्गत किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो वे बीमाकर्ता से आर्थिक मुआवजा पाने के लिए दावा करते हैं। दावा वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बीमाधारक नुकसान के प्रमाण प्रस्तुत करते हैं और बीमाकर्ता से मुआवजे की मांग करते हैं।
पुनर्बीमा उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें एक बीमा कंपनी स्वयं के द्वारा स्वीकार किए गए जोखिम का एक भाग दूसरी बीमा कंपनी को स्थानांतरित (Transfer) कर देती है। अर्थात् मुख्य बीमाकर्ता बीमा जोखिम का भाग पुनर्बीमाकर्ता को सौंपता है, जिससे जोखिम का प्रबंधन और सुरक्षित किया जा सके।
देश में बीमा व्यवसाय को नियंत्रित और विनियमित करने वाले कानूनी एवं नियामक प्रावधान बीमा नियम कहलाते हैं। भारतीय संदर्भ में यह काम IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) के द्वारा किया जाता है।
जीवन बीमा में बीमाधारक की जीवन अवधि तक सुरक्षा मिलती है। यह बीमा मृत्यु, विकलांगता, या जीवित रहने पर निश्चित लाभ राशि प्रदान करता है। यह बीमा भविष्य सुरक्षा, परिवार की आर्थिक सहायता, एवं निवेश का भी माध्यम हो सकता है।
सामान्य बीमा जीवन बीमा के अतिरिक्त सम्पत्ति, वाहन, स्वास्थ्य, आग, चोरी, और अन्य गैर-जीवन जोखिमों के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराता है। यह एक वर्ष या अवधि अनुसार पॉलिसी आधारित होता है।
Step 1: कार की कीमत: Rs.5,00,000 और प्रीमियम: Rs.10,000
Step 2: बीमा पॉलिसी के अनुसार पूरा नुकसान कवर होगा। इसलिए दावा = कार की कीमत
Answer: दावा राशि Rs.5,00,000 मिलेगी।
Step 1: सूत्र: प्रीमियम = जोखिम मूल्यांकन x प्रीमियम दर
Step 2: प्रीमियम = Rs.10,00,000 x 0.02 = Rs.20,000
Answer: Rs.20,000 प्रीमियम देय होगा।
Step 1: कुल जोखिम = Rs.1,00,00,000
Step 2: पुनर्बीमा को स्थानांतरित जोखिम = 40% x Rs.1,00,00,000 = Rs.40,00,000
Answer: पुनर्बीमा कंपनी Rs.40,00,000 जोखिम स्वीकार करेगी।
Step 1: जीवन बीमा राशि = Rs.15,00,000
Step 2: मृत्यु की स्थिति में बीमाधारक के नामांकित परिवार को कुल बीमा राशि प्रदान की जाएगी।
Answer: परिवार को Rs.15,00,000 का लाभ मिलेगा।
Step 1: भारत में बीमा क्षेत्र का नियमन IRDAI द्वारा किया जाता है।
Step 2: IRDAI का मुख्य कार्य बीमा उत्पादों का विनियमन, पॉलिसीधारकों का संरक्षण, और बीमा कंपनियों के वित्तीय अनुशासन को सुनिश्चित करना है।
Answer: बीमा क्षेत्र का नियमन IRDAI करता है जो बीमा उद्योग को नियंत्रित एवं विकसित करता है।
When to use: तब जब बीमा शब्दावली के विभिन्न विकल्प पूछे जाएं।
When to use: जब बीमा दावे से संबंधित प्रश्न आते हैं।
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