सारांश किसी भी पठित या सुनी हुई सामग्री का संक्षिप्त रूप होता है, जिसमें उस पाठ के मुख्य बिंदुओं को सरल और संक्षिप्त भाषा में प्रस्तुत किया जाता है। इसका उद्देश्य पाठ की जटिल या विस्तृत जानकारी को सुविधा जनक रूप से संक्षेप में देना है ताकि पाठक को मूल विचार आसानी से समझ में आ सके।
सारांश का प्रमुख उद्देश्य होता है:
सारांश की रचना तब प्रभावी होती है जब लेखक मुख्य विचार को स्पष्ट रूप से पहचानता है। मुख्य विचार किसी भी अनुच्छेद या पूरे पाठ का वह केंद्रीय संदेश है, जिसके इर्द-गिर्द अन्य उप-विवरण घिरते हैं। सारांश की शक्ति इसी मुख्य विचार की पकड़ में निहित होती है।
सारांश बनाने के लिए निम्नलिखित कदम आवश्यक हैं:
सभी पैराग्राफ से सबसे महत्वपूर्ण वाक्य या संदेश चुनें। ध्यान दें कि कोई भी अनावश्यक विवरण या उदाहरण मुख्य विचार से भटकाने वाला न हो।
मुख्य विचार का समर्थन करने वाले केवल आवश्यक उप-विवरण को चुना जाना चाहिए। अप्रासंगिक तफसीलें और दोहराव को छोड़ देना चाहिए।
सारांश को सरल वाक्यों में, बिना जटिल शब्दों के लिखें। वाक्यों को छोटा रखें और पैराग्राफ के बावजूद पाठ सरल तथा पठनीय होना चाहिए।
संपूर्ण पाठ को धैर्य से पढ़ें और समझें
प्रत्येक पैराग्राफ का मुख्य संदेश पहचानें
विवरणों में से केवल आवश्यक तथ्य छोड़ें
संक्षिप्त, स्पष्ट और संगठित रूप में सारांश लिखें
विभिन्न पाठ्य परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार सारांश के निम्न प्रकार प्रचलित हैं:
पाठ को पढ़ते समय मुख्य बिंदुओं, अथवा महत्त्वपूर्ण वाक्यों को हाइलाइट करना या उनके एक-एक शब्द पर रेखांकन करना सारांश बनाने में सहायक होता है। नोट्स लेने से तथ्य सहेजना आसान होता है।
पाठ के प्रत्येक भाग से प्रश्न बनाकर उसका उत्तर खोजने का प्रयास करें। इससे विषय की समझ गहरी होती है और संक्षेप में लिखना आसान हो जाता है।
कभी-कभी केवल एक पैराग्राफ का सारांश बनाना होता है, तो कभी पूरे लेख का। बड़े लेख के लिए मुख्य-बिंदु आधारित नोट्स बनाकर क्रमशः संक्षेप लिखें।
"टीएनपी" (टेक्स्ट-नोट्स-प्रश्नोत्तरी) की विधि अपनाएं ताकि पढ़ाई अधिक प्रभावकारी हो।
चरण 1: मुख्य विचार पहचानें - प्रदूषण और इसके स्रोत।
चरण 2: अतिरिक्त विवरण जैसे प्रदूषण के प्रभाव को संक्षिप्त करें।
चरण 3: सारांश तैयार करें - "प्रदूषण पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरा है, जो मुख्यतः औद्योगिक कचरे, वाहन धुएं और घरेलू कचरे से पैदा होता है।"
उत्तर: प्रदूषण पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है; इसके प्रमुख स्रोत औद्योगिक, वाहन और घरेलू कचरे हैं।
चरण 1: मुख्य विचार - शिक्षा का महत्व और उसकी सामाजिक भूमिका।
चरण 2: उपविचार - रोजगार अवसर, सामाजिक जागरूकता, असमानता।
चरण 3: सारांश लिखें - "शिक्षा जीवन स्तर बढ़ाने, रोजगार अवसर प्रदान करने और सामाजिक जागरूकता फैलाने में सहायक है। परंतु शिक्षा की समान उपलब्धता नहोने से असमानता बनी रहती है।"
उत्तर: शिक्षा समाज में विकास और अवसर प्रदान करती है, किन्तु असमान पहुँच सामाजिक असमानता को जन्म देती है।
चरण 1: मुख्य विचार - जलवायु परिवर्तन और इसके दुष्प्रभाव।
चरण 2: अतिरिक्त विवरण - ग्लोबल वार्मिंग, समुद्र स्तर वृद्धि, प्राकृतिक आपदाएँ।
चरण 3: सारांश - "मानव गतिविधियों से जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है, जिसके कारण समुद्र स्तर और प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ रही हैं।"
उत्तर: जलवायु परिवर्तन मानव क्रियाओं से उत्पन्न हुआ है, जो प्राकृतिक परिस्थिति एवं आपदाओं में वृद्धि कर रहा है।
चरण 1: मुख्य विषय - प्रौद्योगिकी के लाभ और हानि।
चरण 2: विकल्पों में मुख्य व अनावश्यक बिंदुओं को परखें।
सही उत्तर: "प्रौद्योगिकी ने संपर्क बढ़ाए पर सामाजिक और मानसिक समस्याएँ भी उत्पन्न हुईं।"
गलत विकल्प क्यों गलत:
चरण 1: तेज़ी से पैराग्राफ का शीर्ष व अंतिम वाक्य पढ़ें।
चरण 2: मुख्य बिंदु नोट करें।
चरण 3: गैर-आवश्यक विस्तार और उदाहरण छोड़ दें।
चरण 4: प्राथमिक वाक्यों को जोड़कर सरल सारांश बनाएं।
उत्तर: मुख्य व अंतिम वाक्यों पर ध्यान देकर और अतिरिक्त विवरण छोड़कर संक्षिप्त सारांश जल्दी तैयार किया जा सकता है।
जब सारांश लिखने का समय कम हो, तो पहले केंद्रीय विचार को समझना प्राथमिकता दें।
कठिन पाठ से मुख्य बिंदु जानने के लिए अपने आप से प्रश्न करें और उनका उत्तर खोजें।
सारांश में केवल प्रमुख व जरूरी तथ्य शामिल करें, व्यक्तिगत राय या विवरणी विवरण छोड़ें।
लंबे व जटिल वाक्यों के बजाय छोटे, स्पष्ट वाक्य बनाएं ताकि सारांश पढ़ने में आसान हो।
अक्सर मुख्य विचार अनुच्छेद के पहले या अंतिम वाक्य में होता है। इन्हें विशेष ध्यान से पढ़ें।
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