ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (GPS) एक उपग्रह आधारित नेविगेशन प्रणाली है जो पृथ्वी पर किसी भी स्थान की सटीक स्थिति मापन का कार्य करती है। लेकिन GPS में कुछ प्राकृतिक और तकनीकी त्रुटियाँ होती हैं, जिनके कारण स्थिति की माप में दूरी के अनुसार कुछ त्रुटि रह जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए DGPS (Differential GPS) विकसित किया गया है।
DGPS की परिभाषा: DGPS एक सुधारित GPS प्रणाली है जो त्रुटि सुधार सिग्नल्स के माध्यम से GPS की मापन सटीकता को बढ़ाता है। यह तुलना करता है कि GPS द्वारा मापा गया स्थानिक डेटा वास्तविक स्थिति से कितना भिन्न है और उस त्रुटि को अन्य GPS रिसीवरों के लिए सुधार के रूप में भेजता है।
इस प्रकार, DGPS GPS की तुलनात्मक त्रुटि को कम करके उपयोक्ता को अधिक सटीक स्थानिक डेटा प्रदान करता है।
| विशेषता | GPS | DGPS |
|---|---|---|
| सटीकता | लगभग 5-10 मीटर | लगभग 1 मीटर या उससे कम |
| त्रुटि सुधार | उपलब्ध नहीं | संदर्भ स्टेशन द्वारा त्रुटि सुधार सिग्नल प्रदान |
| उपयोग | सामान्य स्थान निर्धारण | सर्वेक्षण, नेविगेशन, सटीक नक्शांकन |
DGPS के अंतर्गत विशेष रूप से तीन महत्वपूर्ण घटक होते हैं। ये हैं - संदर्भ स्टेशन, सुधार संदेश (Correction Signal), और उपग्रही रिसीवर।
संदर्भ स्टेशन एक भौगोलिक रूप से निश्चित स्थान पर स्थापित किया गया GPS रिसीवर होता है, जिसका वास्तविक स्थान पहले से ज्ञात होता है। यह स्टेशन अपने GPS रिसीवर के माध्यम से प्राप्त सैटेलाइट संकेतों से अपनी स्थिति मापता है और ज्ञात वास्तविक स्थिति से तुलना करके त्रुटि का निर्धारण करता है।
संदर्भ स्टेशन द्वारा ज्ञात त्रुटि को एक सुधार संदेश (Correction Signal) के रूप में जनरेट किया जाता है और इसे रेडियो या अन्य संचार माध्यम से आसपास के DGPS उपयोक्ताओं को प्रेषित किया जाता है।
DGPS उपभोक्ता का GPS रिसीवर सुधार संदेश प्राप्त करता है और अपने द्वारा मापी गई स्थिति में इस सुधार का समावेश करता है, जिससे अंतिम स्थिति अधिक सटीक हो जाती है।
graph TD A[सैटेलाइट संकेत] --> B[संदर्भ स्टेशन] B --> C{त्रुटि गणना} C --> D[सुधार संदेश निर्माण] D --> E[उपयोक्ता रिसीवर] E --> F[सुधारित स्थिति]DGPS में संदर्भ स्टेशन वास्तविक स्थिति और GPS से मापी गई स्थिति के बीच त्रुटि निकालता है, जिसे सुधार संकेत के रूप में उपभोक्ता को भेजा जाता है। यह सुधार संकेत निम्नानुसार दर्शाया जाता है:
संदर्भ स्टेशन के लिए सुधार संकेत:
उपयोगकर्ता त्रुटि सुधारित स्थिति का सूत्र:
Step 1: GPS उपग्रह त्रुटियों के कारण 5-10 मीटर तक त्रुटि के साथ स्थान मापता है।
Step 2: DGPS संदर्भ स्टेशन की सहायता से त्रुटि का पता लगाता है और सुधार संकेत भेजता है।
Step 3: उपयोगकर्ता इसका लाभ उठाकर अपनी मापी गई स्थिति में सुधार करता है।
Answer: इस प्रकार DGPS GPS की तुलना में सटीकता में सुधार प्रदान करता है।
Step 1: सुधार संकेत गणना सूत्र है:
\[ C = P_{ref,actual} - P_{ref,measured} \]
Step 2: घटाव करें :
\[ C = (10 - 12, \, 15 - 18) = (-2, -3) \, \mathrm{मीटर}\]
Answer: सुधार संकेत \(C = (-2, -3) \) मीटर है। इसका अर्थ है कि GPS द्वारा मापी गई स्थिति में x और y दिशा में क्रमशः 2 और 3 मीटर अधिक त्रुटि है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।
Step 1: सुधारित स्थिति का सूत्र:
\[ P_{user,corrected} = P_{user,measured} + C \]
Step 2: मूल्य रखते हैं:
\[ P_{user,corrected} = (50, 70) + (-2, -3) = (48, 67) \, \mathrm{मीटर} \]
Answer: उपयोगकर्ता की सुधारी हुई स्थिति \( (48, 67) \) मीटर है।
Step 1: DGPS सुधार संकेत का प्रभाव क्षेत्र सामान्यतः संदर्भ स्टेशन की भौगोलिक निकटता पर निर्भर करता है।
Step 2: यदि उपयोगकर्ता संदर्भ स्टेशन से बहुत दूर है, तो वायुमंडलीय और अन्य त्रुटियाँ भिन्न होती हैं, जिससे सुधार संकेत की प्रभावशीलता कम हो जाती है।
Step 3: इस कारण DGPS की त्रुटि सुधार सीमा लगभग 100-200 किलोमीटर के आसपास सीमित रहती है।
Answer: DGPS की त्रुटि सुधार क्षेत्र सीमित होती है क्योंकि सुधार संकेत स्थानिक त्रुटि को स्थानीय स्तर पर ही सही करता है, जो दूरी बढ़ने पर अप्रभावी हो जाता है।
Step 1: DGPS सुधार केवल स्थानीय त्रुटियों पर प्रभावी होता है पर पूरी तरह GPS त्रुटि समाप्त नहीं कर पाता। अतः विकल्प C गलत है।
Step 2: सुधार संदेश की सीमित पहुंच, संदर्भ स्टेशन की आवश्यकता, और वायुमंडलीय प्रभाव DGPS की वास्तविक सीमाएँ हैं।
Answer: सही विकल्प है C) GPS की मूल त्रुटि को पूरी तरह समाप्त करना। क्योंकि DGPS मूल त्रुटि को पूरी तरह समाप्त नहीं करता।
When to use: DGPS संबंधित प्रश्नों में सुधार संकेत की प्रभावशीलता का विश्लेषण करते समय।
When to use: गणनात्मक प्रश्नों में सुधार संकेत और अंतिम स्थान के निर्धारण के लिए।
When to use: बहुविकल्पीय प्रश्नों में विभिन्न तकनीकों की तुलना करते समय।
When to use: DGPS के तकनीकी प्रश्नों में आवश्यक होता है।
When to use: DGPS के व्यावहारिक उपयोगों से संबंधित प्रश्नों के लिए।
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