👁 Preview — Study, Practice and Revise are open; mock tests and the rest of the syllabus unlock on subscription. Unlock all · ₹4,999
← Back to संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण एवं क्रिया
Study mode

क्रिया के भेद

क्रिया के भेद

हिन्दी व्याकरण में क्रिया (Verb) का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। क्रिया वह शब्द है जो किसी कार्य, घटना या अवस्था का बोध कराता है। क्रिया के भेदों को समझना हिन्दी भाषा की समझ और व्याकरण की दक्षता के लिए आवश्यक है। इस खंड में हम क्रिया के विभिन्न प्रकारों को विस्तारपूर्वक समझेंगे।

क्रिया (Verb): वह शब्द जो किसी कार्य, घटना, या अवस्था को प्रकट करता है।

1. क्रिया के मुख्य भेद

क्रिया को उसके स्वभाव और भूमिका के अनुसार तीन प्रमुख प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • साधारण क्रिया - जो किसी कार्य या क्रिया को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
  • भाववाचक क्रिया - जो किसी भावना, इच्छा, या स्थिति को दर्शाती है।
  • अकालिक क्रिया - जो किसी काल (समय) से बद्ध नहीं होती, अधिकतर स्थायी या सामान्य तथ्य दर्शाती है।
क्रिया प्रकार परिभाषा उदाहरण
साधारण क्रिया कार्य या क्रिया को दर्शाने वाली क्रिया खाना, पीना, चलना
भाववाचक क्रिया भाव, इच्छा या स्थिति व्यक्त करने वाली क्रिया प्यार करना, डरना, चाहना
अकालिक क्रिया समय से परे, सामान्य सत्य दर्शाने वाली क्रिया होना, रहना, जाना

2. काल के अनुसार क्रिया के भेद

काल (Time) किसी भी क्रिया के साथ जुड़ा महत्वपूर्ण तत्व है। काल के आधार पर क्रियाएँ तीन प्रकार की होती हैं:

  • भूतकालीन क्रिया - जो पूर्व में हुई क्रिया या घटना को दर्शाती है।
  • वर्तमानकालीन क्रिया - जो वर्तमान समय में हो रही क्रिया को दर्शाती है।
  • भविष्यकालीन क्रिया - जो आने वाले समय में होने वाली क्रिया को दर्शाती है।
काल परिभाषा उदाहरण
भूतकाल पूर्व में घटित हुई क्रिया वह गया, वह खेला
वर्तमानकाल अभी हो रही क्रिया वह जाता है, वह खेलता है
भविष्यकाल आने वाली क्रिया वह जाएगा, वह खेलेगा

3. वाच्य के अनुसार क्रिया के भेद

वाच्य (Voice) से आशय होता है कि क्रिया में कर्ता (जो क्रिया करता है) कैसे व्यक्त होता है। हिन्दी में मुख्यतः तीन प्रकार के वाच्य होते हैं:

  • कर्ता वाच्य: क्रिया का कर्ता स्पष्ट होता है।
  • कर्मवाच्य: क्रिया का कर्ता अस्पष्ट या अप्रकट होता है, कर्म के आधार पर क्रिया व्यक्त होती है।
  • भाववाच्य: जिसमें क्रिया का भाव अधिक प्रकट होता है, और कर्ता या कर्म व्यतिरेक नहीं रहता।
graph TD K[कर्ता वाच्य] --> Kr[कर्म करता है स्पष्ट] A[कर्मवाच्य] --> Km[कर्म पर बल] B[भाववाच्य] --> Bh[भाव पुष्ट होता है]

4. रूप के अनुसार क्रिया के भेद

क्रियाएँ रूप के अनुसार भी भेदित होती हैं:

  • परस्फर क्रिया: वे क्रियाएँ जो एक-दूसरे पर आधारित हों या अनुवर्ती क्रिया दर्शाएँ।
  • अपस्फर क्रिया: वे क्रियाएँ जो स्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होती हैं, जिनका संबंध परस्पर न हो।

5. क्रिया विशेषण

क्रिया विशेषण वह शब्द होता है जो क्रिया की विधि, समय, स्थान, कारण आदि की जानकारी प्रदान करता है। इसे हिंदी में क्रिया विशेषण (Adverb) कहते हैं। यह क्रिया के भेद नहीं है, किन्तु क्रिया की गुणवत्ता को दर्शाता है।

उदाहरण: तेज़ दौड़ना, धीरे बोलना, कल आना

क्रिया के भेद - विस्तारपूर्वक वर्णन

1. साधारण क्रिया

साधारण क्रिया वे क्रियाएँ होती हैं जो किसी कार्य के होने को बिना किसी अतिरिक्त भाव के प्रस्तुत करती हैं। उदाहरण के लिए:

  • राम खाता है।
  • सीता पढ़ती है।
  • वे खेलते हैं।

यहाँ खाता है, पढ़ती है, खेलते हैं साधारण क्रियाएँ हैं क्योंकि ये सीधे कार्य दर्शाती हैं।

2. भाववाचक क्रिया

भाववाचक क्रिया वे होती हैं जो किसी भावना, इच्छा या मनोव्यथा को दर्शाती हैं। ये क्रियाएँ कार्य के स्वरूप से अधिक भाव के विषय में बताती हैं। उदाहरण:

  • मैं तुमसे प्यार करता हूँ।
  • वह डरता है।
  • वे खुश हैं।

यहाँ प्यार करता है, डरता है, खुश हैं भाववाचक क्रिया हैं क्योंकि ये भाव व्यक्त करती हैं, क्रिया का स्वरूप नहीं।

3. अकालिक क्रिया

अकालिक क्रिया वे क्रियाएँ हैं जो समय के किसी विशिष्ट काल से बांधी नहीं होतीं, अर्थात् ये क्रिया काल के अंतर्गत नहीं आतीं, बल्कि सामान्य सत्य, नियम या अवस्था दर्शाती हैं। उदाहरण:

  • सूरज पूरब से निकलता है।
  • वह अच्छा इंसान है।
  • पानी ठंडा होता है।

यहाँ निकलता है, है, होता है अकालिक क्रिया हैं क्योंकि ये कालबद्ध नहीं हैं, बल्कि सत्य या सामान्य नियम को दर्शाती हैं।

काल के अनुसार क्रिया के भेद - विस्तार

काल से आशय क्रिया के हुए समय से है। हिन्दी में तीन काल होते हैं:

काल प्रकार उदाहरण टिप्पणी
भूतकाल साधारण भूतकाल वह गया। अतीत में हुआ क्रिया।
समाप्त भूतकाल मैंने काम किया। पूर्ण हुआ अतीत काल।
परिपूर्ण भूतकाल मैंने गया था। अतीत में पूर्णपूर्वक हुआ कार्य।
वर्तमानकाल साधारण वर्तमान वह खाना खाता है। अभी हो रही क्रिया।
अनवरत वर्तमान वह रोज दौड़ता है। नियमित या पुनरावर्ती क्रिया।
प्रस्तुत प्रगामी वह पढ़ रहा है। चालू क्रिया।
भविष्यकाल साधारण भविष्य मैं कल आऊंगा। आगामी क्रिया।
परिपूर्ण भविष्य मैं जा चुका हूँगा। भविष्य में पूर्ण होना।
सतत भविष्य वह पढ़ता रहेगा। लगातार क्रिया

वाच्य के अनुसार क्रिया के भेद

वाच्य उस संबंध को दर्शाता है जो कर्ता, कर्म और क्रिया के बीच होता है। हिन्दी में तीन वाच्य:

  • कर्ता वाच्य: कर्ता क्रिया को कर्म तक पहुँचाता है। उदाहरण: राम ने खाना खाया। (यहाँ राम कर्ता है)
  • कर्मवाच्य: कर्ता अस्पष्ट, कर्म क्रिया के केन्द्र में होता है। उदाहरण: खाना खाया गया। (यहाँ कर्ता नहीं है या अप्रकट है)
  • भाववाच्य: क्रिया में भाव, भावना अधिक होता है, जैसे: राम को डर लगता है।

रूप के अनुसार क्रिया के भेद

  • परस्फर क्रिया: क्रियाएँ जो एक दूसरे के साथ संबंध बनाएँ, जैसे खाना-पीना।
  • अपस्फर क्रिया: स्वतंत्र क्रियाएँ, जैसे चलना, बैठना।

क्रिया विशेषण

क्रिया विशेषण क्रिया की विशेषता, विधि, समय आदि बताता है।

प्रकार उदाहरण व्याख्या
विधि सूचक धीरे, तेज़ क्रिया कैसे हुई, यह दर्शाता है।
काल सूचक कल, आज क्रिया कब हुई यह बताता है।
स्थान सूचक यहाँ, वहाँ क्रिया कहाँ हुई यह दर्शाता है।
कारण सूचक इसलिए, ताकि क्रिया का कारण या उद्देश्य दर्शाता है।

WORKED EXAMPLES

उदाहरण 1: साधारण, भाववाचक एवं अकालिक क्रियाओं की पहचान Easy
निम्नलिखित वाक्यों में से साधारण, भाववाचक और अकालिक क्रिया पहचानिए:
क) राम दौड़ता है।
ख) वह दुःखी है।
ग) सूरज पूर्व से निकलता है।

चरण 1: प्रत्येक वाक्य में प्रयुक्त क्रिया देखें।

क) "दौड़ता है" - कोई शारीरिक कार्य प्रदर्शित करता है, अतः साधारण क्रिया।

ख) "दुःखी है" - भावना दर्शाता है, अतः भाववाचक क्रिया।

ग) "निकलता है" - यह एक सामान्य सत्य है, जो किसी काल से बाधित नहीं, अतः अकालिक क्रिया।

उत्तर: क) साधारण क्रिया, ख) भाववाचक क्रिया, ग) अकालिक क्रिया।

उदाहरण 2: काल के अनुसार क्रिया का विभाजन Medium
वाक्य "सीता ने कल खेला" में 'खेला' क्रिया किस काल की है? साथ ही कारण स्पष्ट करें।

चरण 1: 'कल' शब्द से काल ज्ञात करें - 'कल' भूतकाल की सूचक है।

चरण 2: 'खेला' क्रिया भूतकालीन क्रिया है क्योंकि क्रिया पहले घटित हो चुकी है।

उत्तर: 'खेला' भूतकालीन क्रिया है।

उदाहरण 3: कर्ता वाच्य और कर्मवाच्य का अंतर Medium
निम्नलिखित वाक्यों में कर्ता वाच्य और कर्मवाच्य विश्लेषित करें:
क) राम ने खाना खाया।
ख) खाना खाया गया।

चरण 1: कर्ता की उपस्थिति और भूमिका का अवलोकन करें।

क) "राम ने खाना खाया" में 'राम' स्पष्ट कर्ता है; अतः कर्ता वाच्य।

ख) "खाना खाया गया" में कर्ता अस्पष्ट है, क्रिया कर्म पर अधिक केंद्रित है; अतः कर्मवाच्य।

उत्तर: क) कर्ता वाच्य, ख) कर्मवाच्य।

उदाहरण 4: भाववाच्य क्रिया की पहचान Easy
निम्नलिखित वाक्यों में से भाववाचक क्रिया का चयन करें:
क) वह डरता है।
ख) वह खेत जोतता है।
ग) सूरज चमकता है।

चरण 1: प्रत्येक क्रिया की प्रकृति जाँचे।

क) "डरता है" - भाव दिखाता है, अतः भाववाचक क्रिया।

ख) "जोतता है" - शारीरिक कार्य, अतः साधारण क्रिया।

ग) "चमकता है" - सामान्य अवस्था, अकालिक माना जाता है।

उत्तर: केवल क) में भाववाचक क्रिया है।

उदाहरण 5 (परीक्षा शैली): काल और वाच्य का निर्धारण Hard
वाक्य "बच्चे स्कूल गए थे" में क्रिया के काल और वाच्य की पहचान कीजिए।

चरण 1: 'गए थे' से स्पष्ट होता है कि क्रिया भूतकालीन, परिपूर्ण भूतकाल है।

चरण 2: कर्ता 'बच्चे' स्पष्ट हैं, अतः यह कर्ता वाच्य है।

उत्तर: क्रिया परिपूर्ण भूतकालीन, वाच्य कर्ता वाच्य है।

Tips & Tricks

Tip: क्रिया के काल को पहचानने के लिए काल के सूचक शब्दों (जैसे कल, आज, अभी, फिर, कभी) पर ध्यान दें।

When to use: किसी भी क्रिया के काल की पहचान करते समय।

Tip: वाच्य पहचानने का आसान तरीका: यदि वाक्य में कर्ता स्पष्ट है और क्रिया उसके अनुसार हो रही है तो कर्ता वाच्य; यदि कर्ता अस्पष्ट या कर्म पर जोर है तो कर्मवाच्य।

When to use: सक्रिय एवं passive वाक्यों का अंतर समझने में।

Tip: भाववाचक क्रिया में भाव के संकेतकों जैसे 'डरना', 'प्यार करना', 'चाहना' पर विशेष ध्यान दें।

When to use: भाव और क्रिया के बीच अंतर समझने के लिए।

Tip: अकालिक क्रिया आमतौर पर नियम, सत्य या स्थिति दर्शाती हैं; निरंतर सत्य वाक्यों में देखें।

When to use: सामान्य सत्य, नियम या स्थायी अवधारणा वाले प्रश्नों में।

Tip: क्रिया विशेषण की पहचान के लिए ध्यान दें कि यह क्रिया के साथ कैसे जुड़ा है - विधि, काल या कारण व्यक्त करता है।

When to use: क्रिया से जुड़ी विशेष जानकारी निकालते समय।

Common Mistakes to Avoid

❌ क्रिया के काल को बिना सही संदर्भ के निश्चय करना
✓ काल का निर्धारण काल सूचक शब्दों और वाक्य के पूरे संदर्भ को देखकर करें
क्यों: कभी-कभी वाक्य में काल सूचक शब्द नहीं होते, इसलिए पूरे वाक्य का अर्थ समझना जरूरी होता है।
❌ कर्ता वाच्य और कर्मवाच्य में भ्रमित होना
✓ कर्ता की उपस्थिति और क्रिया के प्रभाव को स्पष्ट पहचान कर वाच्य चुनें
क्यों: वाच्य समझने के लिए क्रिया का कर्ता स्पष्ट होना आवश्यक है, अतः इसे छुपा न समझें।
❌ भाववाचक क्रिया को साधारण क्रिया मान लेना
✓ भावो को दर्शाने वाली क्रियाओं को भाववाचक क्रिया के रूप में पहचानना चाहिए
क्यों: भाव संबंधी क्रियाएँ कार्य नहीं, भाव प्रकट करती हैं, इसलिए उनका वर्गीकरण अलग होता है।
❌ अकालिक क्रिया को कालबद्ध मान लेना
✓ अकालिक क्रियाएँ सामान्य सत्य या नियम होती हैं, जिन्हें किसी काल में न बाँधा जाता है
क्यों: अकालिक क्रियाओं में काल का अभाव होता है, इसलिए उन्हें काल से नहीं जोड़ना चाहिए।

क्रिया के भेद - मुख्य बिंदु

  • क्रिया कार्य, घटना या अवस्था को दर्शाती है।
  • मुख्य प्रकार: साधारण, भाववाचक, अकालिक।
  • काल के अनुसार: भूत, वर्तमान, भविष्य।
  • वाच्य के अनुसार: कर्ता, कर्म, भाववाच्य।
  • क्रिया विशेषण क्रिया की विधि, काल आदि दर्शाते हैं।
Key Takeaway:

क्रिया के भेद और उनकी पहचान व्याकरण की दक््षता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Curated videos per subtopic
Top YouTube explainers, AI-ranked for your exam and language. Unlocks with subscription.
Unlock

Try Practice next.

Progress tracking is paywalled — subscribe to mark subtopics as understood and save your streak.

Go to practice →
Ask a doubt
क्रिया के भेद · 10 free messages
Ask me anything about this subtopic. You have 10 free messages this session — chat history isn't saved in preview.