भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement), जिसे अगस्त आंदोलन भी कहा जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण चरण था। यह आंदोलन 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा कांग्रेस की आठवें एजितोरियल (आजादी का प्रस्ताव) के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भारत में ब्रिटिश शासन को समाप्त कराना था। इस आंदोलन ने भारतीय जनता को एक मजबूत राष्ट्रीय चेतना से संपन्न किया और स्वतंत्रता की ओर महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
भारत छोड़ो आंदोलन शुरू होने से पहले भारत और विश्व दोनों ही राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुज़र रहे थे।
भारत छोड़ो आंदोलन में कई राष्ट्रीय नेताओं ने भाग लिया, जिनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी।
यह आंदोलन अनेक किस्म की गतिविधियों से ओत-प्रोत था जिसमें विभिन्न प्रकार की रणनीतियाँ अपनाई गईं।
graph TD A[भारत छोड़ो आंदोलन शुरू] A --> B[नेताओं की गिरफ्तारी] B --> C[जनता में गुस्सा और प्रदर्शन] C --> D[ब्रिटिश दमन और कूटनीति] D --> E[स्वतंत्रता संग्राम को नया आयाम]
भारत छोड़ो आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय एकता बढ़ी और ब्रिटिश शासन की कमजोरियां सामने आईं।
चरण 1: भारत छोड़ो आंदोलन का प्रारंभ महात्मा गांधी ने किया था।
चरण 2: यह आंदोलन 8 अगस्त 1942 को पुणे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र के दौरान आरंभ किया गया।
उत्तर: भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी द्वारा शुरू किया गया था।
चरण 1: आंदोलन के दौरान असहयोग और सत्याग्रह को अपनाया गया।
चरण 2: स्कूलों, न्यायालयों, और सरकारी कार्यालयों का बहिष्कार किया गया।
चरण 3: जनसभाएँ, धरने, हड़तालें का आयोजन हुआ।
उत्तर: इस आंदोलन में असहयोग, धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और सत्याग्रह जैसी गतिविधियाँ हुईं।
चरण 1: आंदोलन ने ब्रिटिश सरकार की पकड़ कमजोर की।
चरण 2: नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद जनता का विरोध बढ़ता गया।
चरण 3: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटिश शासन की निन्दा हुई।
उत्तर: यह आंदोलन ब्रिटिश शासन की राजनीतिक और नैतिक कमजोरी को उजागर करने में सहायक था।
चरण 1: भारत छोड़ो आंदोलन के मुख्य नारे को पहचानना आवश्यक है।
चरण 2: 'डू या डाई' (Do or Die) नारा महात्मा गांधी ने दिया था, जो इस आंदोलन का प्रमुख नारा था।
उत्तर: (c) डू या डाई
स्पष्टीकरण: 'जय हिंद' तथा 'वन्दे मातरम्' अन्य स्वतंत्रता संग्राम के नारे हैं, और 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है' असहयोग आंदोलन का नारा था।
चरण 1: आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा था, जानना आवश्यक है।
चरण 2: भारत छोड़ो आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था, जिन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन को उभार दिया।
उत्तर: (b) महात्मा गांधी
स्पष्टकरण: सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम के दूसरे आयाम से जुड़े थे, भगत सिंह क्रांतिकारी थे, और पंडित नेहरू भी नेतृत्व में थे, पर प्रमुख नेतृत्व महात्मा गांधी का ही था।
चरण 1: असहयोग आंदोलन (1920-22) में प्रमुख था ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार, शिक्षा एवं न्यायालयों से असहयोग।
चरण 2: भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में 'डू या डाई' नारा था, जिसमें पूर्ण ब्रिटिश शासन से तत्काल विद्रोह की बात कही गई।
चरण 3: असहयोग आंदोलन अपेक्षाकृत शांति पूर्ण था, जबकि भारत छोड़ो आंदोलन में व्यापक जन आक्रोश और कड़े दमन का दौर शुरू हुआ।
उत्तर: असहयोग आंदोलन आंशिक ब्रिटिश शासन का विरोध था जबकि भारत छोड़ो आंदोलन पूरी ब्रिटिश सत्ता को समाप्त करने का उद्देश्य लेकर आया था।
When to use: तिथियों एवं महत्वपूर्ण घटनाओं को याद करते समय।
When to use: नेताऒं की याददाश्त तेज करने के लिए।
When to use: स्वतंत्रता संग्राम के नारे पहचानते समय।
When to use: घटनाओं के अनुक्रम को समझने के लिए।
When to use: इतिहास में घटनाओं को क्रमिक रूप से समझने के लिए।
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