तार्किक तर्क के विविध सिद्धांतों में निर्णयन (Decision Making) एक महत्वपूर्ण विषय है। निर्णय वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति, समूह या प्रणाली उपलब्ध विकल्पों में से किसी एक को चुनती है। यह प्रक्रिया तर्क, निष्पक्षता और सबूतों पर आधारित होती है ताकि सही व कारगर विकल्प का चयन हो सके।
निर्णयन की क्षमता का विकास करना प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता हेतु आवश्यक है क्योंकि परीक्षाओं में दिए गए तथ्यों व विकल्पों के आधार पर उचित निर्णय लेना प्रश्नों का मुख्य आधार होता है। इस खंड में हम निर्णयन की परिभाषा, इसके प्रकार, प्रक्रिया तथा तार्किकता की समझ को विस्तार से देखेंगे।
निर्णयन की प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण होते हैं:
graph TD A[समस्या की पहचान] --> B[विकल्पों का निर्माण] B --> C[विकल्पों का मूल्यांकन] C --> D[अंतिम निर्णय]
इस प्रक्रिया में सबसे पहले समस्या या स्थिति स्पष्ट रूप से समझी जाती है, फिर संभावित विकल्प तैयार किये जाते हैं, उनका विश्लेषण किया जाता है और अंत में सही विकल्प चुना जाता है।
| प्रकार | विशेषताएँ | उदाहरण |
|---|---|---|
| तात्कालिक निर्णय | शीघ्र निर्णय, सीमित जानकारी पर आधारित | सड़क किनारे फूट पड़ना |
| रणनीतिक निर्णय | दीर्घकालीन योजना या साधन निर्धारण | व्यापार विस्तार योजना |
| दैनिक जीवन निर्णय | सामान्य जीवन की साधारण समस्याओं के समाधान | खरीददारी करना |
चरण 1: समस्या की पहचान - परीक्षा में सफलता।
चरण 2: उपलब्ध विकल्प - पढ़ाई करना या खेलों में हिस्सा लेना।
चरण 3: विकल्पों का मूल्यांकन - पढ़ाई से परीक्षा में सफलता के अवसर बढ़ते हैं, जबकि खेल अधिक समय व्यतीत कर सकते हैं।
उत्तर: छात्र को पढ़ाई को प्राथमिकता देनी चाहिए क्योंकि यह लक्ष्य के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है।
चरण 1: स्थिति का शीघ्र मूल्यांकन।
चरण 2: विकल्पों का विश्लेषण - ब्रेक लगाना सामान्यतः सबसे सुरक्षित होता है; ज़िप करना जोखिम बढ़ा सकता है।
चरण 3: निर्णय - ब्रेक लगाएं।
उत्तर: वाहन को ब्रेक लगाकर नियंत्रित करना तात्कालिक स्थिति में सबसे सुरक्षित निर्णय है।
चरण 1: समस्या समझना - सीमित पूंजी, प्रभावी लाभ।
चरण 2: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करना:
चरण 3: पूंजी की सीमा तथा जोखिम सहिष्णुता के आधार पर IT सेवा को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
उत्तर: उद्यमी को IT सेवा क्षेत्र में निवेश करना चाहिए क्योंकि इसमें अपेक्षाकृत कम पूंजी की आवश्यकता है और वर्तमान में तकनीकी सेवाओं की मांग अधिक है।
चरण 1: ज्ञात करें उद्देश्य - स्थिरता।
चरण 2: विकल्पों की तुलना करें:
उत्तर: कर्मचारी को स्थिरता के आधार पर वर्तमान नौकरी में वेतन वृद्धि चुननी चाहिए।
चरण 1: लक्ष्य स्पष्ट करें - स्वस्थ रहना।
चरण 2: विकल्पों का मूल्यांकन करें:
उत्तर: नियमित व्यायाम करना उचित निर्णय है।
When to use: निर्णयन के लिए जब कई विकल्प उपलब्ध हों।
When to use: जब निर्णय में भ्रम हो या विकल्प विवादित हों।
When to use: आपातकालीन या अस्थायी निर्णय लेते समय।
When to use: जब विकल्प अनेक हों और प्रभाव लंबी अवधि के हों।
When to use: प्रतियोगिता परीक्षाओं की समय-सीमा में।
सबसे पहले समस्या या परिस्थिति को पूरी तरह समझना आवश्यक है।
सभी संभावित विकल्पों की सूची बनाएं।
प्रत्येक विकल्प के फायदे और नुकसान का विश्लेषण करें।
तर्कपूर्ण और उद्देश्य के अनुरूप विकल्प का चयन करें।
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