तार्किक तर्क के अंतर्गत कथन-धारणा का अध्ययन उस प्रक्रिया को समझने का प्रयास है जिसके द्वारा हम दिए गए कथन (Statement) से तार्किक और वैध धारणाएँ (Assumptions) निकालते हैं। यहाँ कथन से तात्पर्य वह स्पष्ट वाक्य या अभिव्यक्ति है जिसे सत्य या असत्य माना जा सकता है। उदाहरण के रूप में, "भारत में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है।" यह एक कथन है क्योंकि इसे सही या गलत साबित किया जा सकता है।
वहीं धारणा वह पूर्व धारणा या विचार होता है जो कथन के पीछे छिपा होता है, अर्थात वह विचार जो कथन के सही होने या लागू होने के लिए आवश्यक माना जाता है, लेकिन कथन में स्पष्ट रूप से नहीं कहा गया।
कथन-धारणा क्षमताएँ प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले तार्किक प्रश्नों को समझने और सही उत्तर खोजने के लिए आवश्यक आधार प्रदान करती हैं। धारणा की सही पहचान परीक्षा में समय बचाने और सही विकल्प चुनने में सहायक होती है।
| विशेषता | कथन (Statement) | धारणा (Assumption) |
|---|---|---|
| परिभाषा | स्पष्ट वाक्य जो सत्य या असत्य हो सकता है। | वह पूर्वधारणा जो कथन के सही होने के लिए आवश्यक होती है। |
| स्वरूप | संपूर्ण वाक्य या वाक्यांश। | अस्पष्ट या छिपा हुआ विचार। |
| उद्देश्य | सूचना या तथ्य प्रस्तुत करना। | कथन की वैधता हेतु आधार प्रदान करना। |
| उदाहरण | "देश में बेरोजगारी बढ़ रही है।" | "बेरोजगारी का कारण आर्थिक मंदी है।" |
धारणाएँ सामान्यतः निम्नलिखित प्रकार की होती हैं:
यह वे धारणा होती हैं जो कथन में स्पष्ट रूप से उल्लिखित नहीं होतीं, परंतु स्वाभाविक रूप से कथन से जुड़ी होती हैं। इन्हें बिना अतिरिक्त व्याख्या के स्वीकार किया जाता है। उदाहरण के लिए:
कथन: "सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नए सुधार लागू किए।"
धारणा: 'शिक्षा क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता थी।' यह धारणा स्पष्ट है और कथन के लिए आवश्यक।
यह वे धारणा होती हैं जो अधिक गूढ़ होती हैं और पार्श्व संदर्भ के अनुसार समझी जानी चाहिए। इन्हें निकालने के लिए तार्किक सोच आवश्यक होती है। उदाहरण:
कथन: "नए यातायात नियम लागू किए गए हैं।"
धारणा: 'पहल से यातायात नियम प्रभावी नहीं थे।' यह धारणा प्रत्यक्ष नहीं है पर समझने योग्य है।
सामान्य धारणा सभी संबंधित विषयों पर लागू होती हैं, जबकि विशेष धारणा किसी विशिष्ट परिस्थिति या स्थिति के लिए होती हैं।
धारणा निर्णय प्रक्रिया के लिए निम्न नियमों का पालन आवश्यक है:
graph TD A[कथन पढ़ें] --> B[मुख्य सूचना निकालें] B --> C[सम्भावित धारणा सूचीबद्ध करें] C --> D{क्या धारणा कथन के लिए जरूरी है?} D -->|हाँ| E[धारणा स्वीकार करें] D -->|नहीं| F[धारणा अस्वीकार करें] E --> G[अंतिम उत्तर चुनें] F --> Gप्रश्नों को तेज़ी और सटीक रूप से हल करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तकनीकें उपयोगी हैं:
चरण 1: कथन में नयी योजना की बात है, जिसका उद्देश्य शिक्षा स्तर सुधारना है।
चरण 2: धारणा (A) - शिक्षा स्तर पहले कम था, यह धारणा आवश्यक प्रतीत हो रही है क्योंकि अगर पहले से अच्छा स्तर होता, तो सुधार की योजना क्यों बनाई जाती?
चरण 3: धारणा (B), (C), (D) कथन से प्रकट या आवश्यक नहीं हैं। वे असंलग्न और अतिरंजित धारणा हैं।
उत्तर: (A)
चरण 1: कथन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष वाहन प्रतिबंध की बात है।
चरण 2: धारणा (A) उपयुक्त है क्योंकि यदि वाहनों की संख्या अधिक न होती, तो प्रतिबंध की आवश्यकता न होती।
चरण 3: धारणा (B), (C), और (D) कथन से संबंधित नहीं हैं या गलत धारणा हैं।
उत्तर: (A)
चरण 1: कथन से स्पष्ट है कि योगाभ्यास लोकप्रिय हो रहा है।
चरण 2: धारणा (1) जरूरी है क्योंकि लाभकारी न हो तो लोग उसे शामिल नहीं करते।
चरण 3: धारणा (3) भी उपयुक्त लगती है क्योंकि सभी के लिए उपयुक्त होना विस्तार में कहा जा सकता है।
चरण 4: धारण (2) आवश्यक नहीं है; लोग अन्य व्यायाम भी कर सकते हैं, योग के साथ।
उत्तर: (B)
चरण 1: कथन में ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुधार की योजना की बात है।
चरण 2: धारणा (A) आवश्यक है क्योंकि योजना तभी आवश्यक है जब बिजली की कमी हो।
चरण 3: धारणा (B), (C), (D) कथन से असंबंधित या अतिरंजित हैं।
उत्तर: (A)
चरण 1: कथन के अनुसार स्वस्थ आहार कार्यक्रम शुरुआत हुई।
चरण 2: धारणा (A) उपयुक्त है क्योंकि अगर छात्र पहले स्वस्थ भोजन करते तो कार्यक्रम की जरूरत न होती।
चरण 3: अन्य विकल्प कथन से निर्मित नहीं होते या स्पष्ट नहीं हैं।
उत्तर: (A)
जब उपयोग करें: लगभग सभी कथन-धारणा प्रश्नों में सही धारणा की पहचान के लिए।
जब उपयोग करें: जब विकल्पों में कई धारणा संभावित लगती हैं।
जब उपयोग करें: तेजी से निर्णय लेने के लिए।
जब उपयोग करें: अभ्यस्त विकल्पों को जल्दी पहचानने में।
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