तार्किक तर्क (Logical Reasoning) ज्ञान की वह विधा है जिसमें विचारों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करके सत्यता की पुष्टि या तर्कसंगत निष्कर्ष निकाले जाते हैं। विश्लेषणात्मक तर्क (Analytical Reasoning) तार्किक तर्क की एक शाखा है जिसमें किसी समस्या या कथन के विभिन्न तत्वों को विश्लेषण कर उनके बीच संबंध स्थापित किए जाते हैं और निष्कर्षों को सटीकता से परखा जाता है।
इस विषय की महत्ता इसलिए है क्योंकि यह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में तर्क क्षमता की परीक्षा लेता है, जो व्यावसायिक, शैक्षणिक तथा सामान्य जीवन में निर्णय लेने के लिए अनिवार्य है।
किसी भी तर्क (argument) के मुख्य भाग होते हैं - पूर्वधारणा (premise) और निष्कर्ष (conclusion)।
पूर्वधारणा (Premise): वे तथ्य या कथन जो तर्क के आधार होते हैं। ये मान्य होते हुए भी निष्कर्ष के लिए आधार का काम करते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion): वह कथन जो पूर्वधारणाओं से तर्कसंगत रूप से निकाला जाता है। यह मुख्य विचार या निर्णय होता है।
तर्क में समर्थन (Support) का तत्व भी होता है, जो पूर्वधारणाओं और निष्कर्ष के बीच संबंध को स्थापित करता है। तर्क के प्रकार होते हैं - न्याय निगमन (Deductive) तथा अनुभव आधारित (Inductive)।
graph TD P[पूर्वधारणा (Premise)] --> S[समर्थन (Support)] S --> C[निष्कर्ष (Conclusion)]
| तर्क प्रकार | परिभाषा | विशेषताएँ | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| न्याय निगमन (Deductive) | पूर्वधारणाओं से निश्चित और तर्कसंगत निष्कर्ष निकालना | निष्कर्ष पूर्वधारणाओं पर पूरी तरह निर्भर, सत्यापित परिणाम | सभी मनुष्य नश्वर हैं। सोक्रेटीस मनुष्य है। अतः सोक्रेटीस नश्वर है। |
| अनुभव आधारित (Inductive) | कुछ उदाहरणों से सामान्य नियम या निष्कर्ष निकालना | निष्कर्ष संभावित, अनुभवों पर आधारित | सूरज पूर्व से रोज उगा है, अतः कल भी निकलेगा। |
तार्क दोष वे गलती या त्रुटियाँ हैं जो तर्क प्रक्रिया में होती हैं, जिससे निष्कर्ष गलत या अप्रमाणिक बन जाता है। इनमें प्रमुख हैं:
चरण 1: पूर्वधारणा: सभी पक्षी उड़ सकते हैं।
चरण 2: पूर्वधारणा: तोता पक्षी है।
चरण 3: निष्कर्ष: तोता उड़ सकता है। क्योंकि तोता पक्षी वर्ग में आता है।
उत्तर: तोता उड़ सकता है।
चरण 1: यह कथन स्वयं की सत्यता पर निर्भर है।
चरण 2: यह चक्रवात तर्क (begging the question) है क्योंकि बिना बाहरी प्रमाण के सत्यता को स्वीकार किया गया है।
उत्तर: चक्रवात तर्क दोष
चरण 1: पूर्वधारणा 1: सभी मनुष्य नश्वर हैं।
चरण 2: पूर्वधारणा 2: सुनीता मनुष्य है।
चरण 3: निष्कर्ष: सुनीता नश्वर है।
उत्तर: सुनीता नश्वर है।
चरण 1: यह एक अनुभव आधारित (Inductive) तर्क है जिसमें पिछले अनुरूप अनुभव से भविष्यवाणी की जा रही है।
चरण 2: इसका निष्कर्ष निश्चित नहीं हो सकता क्योंकि विभिन्न बाह्य कारक भी प्रभाव डाल सकते हैं।
उत्तर: संभावना है कि वृद्धि इसी प्रकार रहे, पर निश्चित नहीं कहा जा सकता।
चरण 1: पूर्वधारणा: सभी छात्र मेहनती होते हैं।
चरण 2: राहुल मेहनती है।
चरण 3: निष्कर्ष निकाला गया कि राहुल छात्र है, जो पूर्वधारणा के विपरीत है। यह एक तर्क दोष है जिसे उलटा अनुमान (fallacy of affirming the consequent) कहते हैं।
उत्तर: यह तर्क त्रुटिपूर्ण है क्योंकि "मेहनती होना" केवल छात्रों का गुण नहीं है।
जब उपयोग करें: प्रश्न समझते समय और विकल्पों का मूल्यांकन करते समय।
जब उपयोग करें: बहुविकल्पीय प्रश्नों में।
जब उपयोग करें: निष्कर्षों या कारणों के संदर्भ में ऑब्जेक्टिव सवालों में।
जब उपयोग करें: विकल्पों में उलटफेर या विरोधाभासी विकल्प आएं।
जब उपयोग करें: समय सीमित परीक्षाओं में।
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