राष्ट्रीय एकता (National Unity) से अभिप्राय है एक समाज या राष्ट्र के भीतर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं भाषाई समूहों के बीच सामंजस्य एवं समरसता का होना। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें सभी नागरिक किसी एक राष्ट्र की भावना से जुड़े हों और अपने-अपने भेदभावों के बावजूद एकजुट होकर राष्ट्र के विकास एवं सुरक्षा में सहयोग दें।
भारत विश्व का ऐसा देश है जहाँ अनेक धर्म, संप्रदाय, और आस्थाएं सदियों से सह-अस्तित्व में हैं। यहाँ प्रमुख धर्मों में हिन्दू धर्म, इस्लाम, सिख धर्म, ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म आदि शामिल हैं। यह विविधता भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का मूल आधार है।
| धर्म | मुख्य अनुष्ठान/विचार | मुख्य आस्था एवं सिद्धांत | प्रमुख सांस्कृतिक प्रभाव |
|---|---|---|---|
| हिन्दू धर्म | पूजा, मंत्र उच्चारण, यज्ञ | धर्म, कर्म, पुनर्जन्म | त्योहार, वास्तुकला, नृत्य |
| इस्लाम | प्रार्थना, रमजान उपवास | एकेश्वरवाद, पवित्र पुस्तकों का पालन | मस्जिद निर्माण, कला और संगीत |
| सिख धर्म | नाम जपना, सेवादारी | सभी के प्रति समानता | गुरुद्वारे, संगीत |
| ईसाई धर्म | प्रार्थना, बपतिस्मा | प्यार व क्षमा का संदेश | मंदिर, संगीत |
| बौद्ध धर्म | ध्यान, नियम पालन | दुःख का निवारण | स्तूप, मूर्तिकला |
| जैन धर्म | अहिंसा, तप | परम तपस्या, जीवन के नियम | मन्दिर, पर्व |
धार्मिक विविधता ने भारत को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत दी है, लेकिन कभी-कभी इससे सामाजिक तनाव भी उत्पन्न होता है। समानता और सद्भाव बनाए रखने के प्रयत्न इसे सकारात्मक दिशा में ले जाते हैं।
सांप्रदायिक सद्भाव (Communal Harmony) का अर्थ है विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक समुदायों के बीच मेलजोल, सहनशीलता एवं सौहार्द की भावना। भारत के इतिहास में सूफी और भक्ति आंदोलनों ने इसे प्रोत्साहित किया।
सूफी आंदोलन इस्लामी धार्मिकता की एक मystical शाखा है जिसने प्रेम, सहिष्णुता और मानवता के सिद्धांतों को उजागर किया। सूफी संतों ने जाति, धर्म और वर्ग भेदों को पार करते हुए लोगों में एकता का संदेश दिया।
भक्ति आंदोलन हिन्दू समाज में सामाजिक सुधार और समानता की भावना फैलाने वाला आंदोलन था जिसमें संतों ने भगवान् के प्रति प्रेम और भक्ति के माध्यम से समरसता का प्रचार किया। इस आंदोलन ने जातिगत भेदभाव को चुनौती दी।
graph TD A[सूफी और भक्ति आंदोलन] --> B[सांप्रदायिक सद्भाव] B --> C[धार्मिक सहिष्णुता] C --> D[सामाजिक एकता एवं शांति]
मध्यकालीन भारत में कई शासकों व समाज सुधारकों ने धार्मिक समुदायों में मेलजोल बढ़ाने के प्रयास किए। उदाहरण के लिए अकबर ने धर्म-निकायों को प्रोत्साहित किया और समुदायों के बीच आपसी सम्मान बढ़ाने के लिए नीतियां बनाईं।
ब्रिटिश शासन ने अपनी नीति के तहत जान-बूझकर धार्मिक एवं जातीय भेदभाव को बढ़ावा दिया ताकि एकता टूटे। इसके विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम के अनेक नायक और संगठनों ने धार्मिक सद्भाव को अपनी सबसे बड़ी ताकत माना।
राष्ट्रीय एकता के कुछ प्रमुख सिद्धांत हैं, जिनका अनुपालन करके विभिन्न समुदाय शांति एवं समरसता कायम रख सकते हैं:
चरण 1: सूफी आंदोलन की पहचान करें - सूफी इस्लामी धर्म का आध्यात्मिक और प्रेम प्रधान पहलू था।
चरण 2: सूफी संतों का कार्य - दलितों, निम्न वर्ग और अन्य समुदायों के साथ मेलजोल बढ़ाना।
चरण 3: विभिन्न धर्मों के बीच सहिष्णुता और प्रेम का प्रचार।
उत्तर: सूफी आंदोलन ने जाति, धर्म और वर्ग भेदों को पार कर सर्वसमावेशी प्रेम और सहिष्णुता का संदेश फैलाकर राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चरण 1: भक्ति आंदोलन की प्रमुख विशेषता - भक्तों द्वारा भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण।
चरण 2: जाति प्रथा की आलोचना और समानता की वकालत।
चरण 3: समाज में उत्सवों एवं धार्मिक क्रियाओं में सबके सहभागिता को प्रोत्साहित किया।
उत्तर: भक्ति आंदोलन ने जातिगत भेदभाव को चुनौती देकर सामाजिक सद्भाव और समरसता को बढ़ावा दिया।
चरण 1: ब्रिटिश नीति की पहचान - 'विभाजन करो और राज करो' की नीतिगत रणनीति।
चरण 2: धार्मिक और सामाजिक भेदवाले तनावों को बढ़ावा देना।
चरण 3: स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा नागरिकों को एकजुट करना।
उत्तर: ब्रिटिश शासन ने जातीय एवं धार्मिक विभाजन को बढ़ावा दिया, जिसे महात्मा गांधी और अन्य नेताओं के एकता प्रयासों से दूर कर देश के विभिन्न वर्गों को स्वतंत्रता संग्राम में सम्मिलित किया गया।
चरण 1: राष्ट्रीय एकता के सिद्धांत याद करें - धार्मिक सहिष्णुता, समानता, सामाजिक समावेश।
चरण 2: विवाद से निपटने के लिए धार्मिक सहिष्णुता का पालन आवश्यक।
चरण 3: साथ ही न्याय एवं समान अधिकार पर बल देना चाहिए।
उत्तर: धार्मिक विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने हेतु धार्मिक सहिष्णुता एवं समान अधिकार के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।
चरण 1: विकल्पों का विश्लेषण करें।
चरण 2: सूफी आंदोलन (a) मध्यकालीन था, ब्रिटिश काल में सक्रिय नहीं।
चरण 3: स्वतंत्रता संग्राम (b) ने सभी धर्मों और समुदायों को जोड़कर राष्ट्रीय एकता बढ़ाई।
चरण 4: विकल्प (c) वंगाल विभाजन ब्रिटिश की नीति थी, जो अलगाव बढ़ाने वाली थी।
चरण 5: विकल्प (d) स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय एकता के खिलाफ।
उत्तर: (b) स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन
When to use: विभिन्न आंदोलनों के प्रभाव और योगदान समझने के लिए।
When to use: बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) में सही विकल्प चयन करते समय।
When to use: धार्मिक विविधता से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते समय।
When to use: सांप्रदायिक सद्भाव के संबंध में विश्लेषणात्मक प्रश्नों में।
When to use: ब्रिटिश काल के सांप्रदायिक प्रभावों के प्रश्न पूछे जाने पर।
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